प्रदीप चौधरी।। भोपाल: मध्यप्रदेश के भिंड जिले के कलेक्टर संजीव श्रीवास्तव एक बार फिर विवादों में घिर गए हैं। भिंड जिले की मेहगांव तहसील के दीनदयाल डंगरौलिया महाविद्यालय में लगभग तीन माह पुराना एक वीडियो सोशल मीडिया पर जमकर वायरल हो रहा है। इस वीडियो में कलेक्टर श्रीवास्तव एक स्कूली छात्र को परीक्षा के दौरान थप्पड़ मारते हुए नजर आ रहे हैं। यह घटना उस समय की बताई जा रही है जब छात्र 10वीं या 12वीं की परीक्षा देने डंगरौलिया कॉलेज पहुंचा था, जहां कॉलेज को स्कूल परीक्षा का केंद्र बनाया गया था। View this post on Instagram घटना का विवरण:वीडियो में कलेक्टर संजीव श्रीवास्तव एक छात्र को कुर्सी से घसीटते हुए ले जाते और स्टाफ रूम में थप्पड़ मारते हुए दिखाई दे रहे हैं। छात्र रोहित राठौर ने बताया कि नकल के शक में कलेक्टर ने उसे थप्पड़ मारे, जिसके कारण उसके कान पर असर पड़ा। रोहित ने कहा, “चूंकि वह एक आईएएस अधिकारी हैं, इसलिए मैं उन्हें कुछ नहीं कह सका।” यह वीडियो 1 अप्रैल 2025 का बताया जा रहा है, जो अब सोशल मीडिया पर व्यापक रूप से चर्चा का विषय बना हुआ है।कलेक्टर का बचाव: संजीव श्रीवास्तव ने अपने कृत्य का बचाव करते हुए कहा कि वे एक संगठित नकल गिरोह की जांच के लिए कॉलेज गए थे। उन्होंने जीवाजी विश्वविद्यालय को पत्र लिखकर सिफारिश की है कि भविष्य में इस कॉलेज को परीक्षा केंद्र न बनाया जाए। कलेक्टर का दावा है कि उनकी कार्रवाई नकल माफिया के खिलाफ थी, लेकिन सवाल उठता है कि क्या एक छात्र को शारीरिक रूप से दंडित करना उचित था .?सवालों के घेरे में कलेक्टर का आचरण: सोशल मीडिया पर लोग सवाल उठा रहे हैं कि यदि छात्र नकल कर रहा था, तो नियमानुसार नकल का प्रकरण दर्ज करना चाहिए था। कलेक्टर द्वारा छात्र को थप्पड़ मारकर “पाठ पढ़ाने” का तरीका कौन सा नियम सिखाता है? एक एक्स उपयोगकर्ता ने लिखा, “कलेक्टर छात्र को तमाचे जड़कर कौन सा नियम पढ़ा रहे थे?” इसके अलावा, मध्यप्रदेश उच्च न्यायालय की ग्वालियर पीठ ने हाल ही में एक अन्य मामले में श्रीवास्तव के आचरण पर टिप्पणी करते हुए कहा था कि मुख्य सचिव को यह तय करना चाहिए कि क्या ऐसे अधिकारी को मैदान में रखा जाना चाहिए।पहले भी विवादों में रहे हैं श्रीवास्तव: यह पहली बार नहीं है जब कलेक्टर संजीव श्रीवास्तव विवादों में आए हैं। भिंड में तैनात तहसीलदार माला शर्मा ने श्रीवास्तव और एसडीएम पराग जैन पर मानसिक उत्पीड़न का आरोप लगाया है। माला शर्मा ने राज्य महिला आयोग को पत्र लिखकर अपनी शिकायत दर्ज की थी। इसके अलावा, ट्रक मालिकों ने भी श्रीवास्तव के अधीनस्थ अधिकारियों पर भ्रष्टाचार के आरोप लगाए हैं। सामूहिक नकल का मामला: डंगरौलिया कॉलेज, जो विपक्ष के उपनेता हेमंत कटारे के ससुर नारायण डंगरौलिया का है, पहले भी नकल के मामलों को लेकर चर्चा में रहा है। भिंड और मुरैना जैसे क्षेत्र नकल माफिया के लिए कुख्यात रहे हैं, और इस घटना ने एक बार फिर शिक्षा व्यवस्था पर सवाल खड़े किए हैं।प्रशासनिक हलकों में हड़कंप: वीडियो के वायरल होने के बाद जिला प्रशासन में हड़कंप मच गया है। हालांकि, कलेक्टर श्रीवास्तव और एसडीएम पराग जैन की ओर से इस मामले पर अभी तक कोई आधिकारिक बयान नहीं आया है। सोशल मीडिया पर इस घटना की तीखी आलोचना हो रही है, और लोग कलेक्टर के खिलाफ कार्रवाई की मांग कर रहे हैं। यह घटना न केवल कलेक्टर संजीव श्रीवास्तव के आचरण पर सवाल उठाती है, बल्कि मध्यप्रदेश की शिक्षा व्यवस्था और नकल माफिया के खिलाफ प्रभावी कार्रवाई की आवश्यकता को भी उजागर करती है। क्या कलेक्टर का यह कृत्य नकल रोकने का उचित तरीका था, या यह सत्ता का दुरुपयोग है? इस सवाल का जवाब जांच के बाद ही मिल सकेगा। Share this:Tweet Email a link to a friend (Opens in new window) Email Share on WhatsApp (Opens in new window) WhatsApp PostMoreLike this:Like Loading… Related पोस्ट नेविगेशन बारिश ने खोली रीवा शहर सहित एयरपोर्ट के गुणवत्ताविहीन कार्यो की विकास पोल,जनता जिम्मेदारों से मांगती जबाब तमिलनाडु ब्रेकिंग: तिरुवल्लूर रेलवे स्टेशन के पास डीजल से लदी मालगाड़ी में भीषण आग, धुएं का गुबार और लपटों से हड़कंप