1. भारत में 2014 से 2025 तक कितने सरकारी स्कूल खुले और बंद हुए?

  • स्कूल बंद होने की स्थिति:
    2014 से 2025 तक भारत में लगभग 89,441 सरकारी स्कूल बंद हुए हैं, जिनमें से 60% केवल उत्तर प्रदेश और मध्य प्रदेश में बंद हुए।
    उदाहरण के लिए, 2014-15 में देश में 11,07,118 सरकारी स्कूल थे, जो 2021-22 तक घटकर 10,20,386 हो गए।
    इसके अतिरिक्त, यूपी में हाल ही में 5,000 स्कूलों के बंद होने के खिलाफ शिक्षकों ने विरोध प्रदर्शन किया।
  • स्कूल खुलने की स्थिति:
    इस अवधि में नए सरकारी स्कूलों के खुलने के बारे में स्पष्ट आंकड़े उपलब्ध नहीं हैं। हालांकि, उच्च शिक्षा के क्षेत्र में प्रगति हुई है, जहां 2014-15 में 38,498 कॉलेज थे, जो मई 2025 तक बढ़कर 51,959 हो गए, और विश्वविद्यालयों की संख्या 760 से 1,334 हो गई।
    नए सरकारी स्कूलों के खुलने के बारे में जानकारी सीमित है, और अधिकतर ध्यान स्कूलों के बंद होने और निजीकरण की ओर रहा है।

2. भारत में शिक्षा का स्तर (रेशो)

  • प्राथमिक और माध्यमिक शिक्षा:
    भारत में शिक्षा का स्तर क्षेत्र, आर्थिक स्थिति, और शहरी-ग्रामीण अंतर के आधार पर भिन्न है।
  • स्कूल छोड़ने की दर: 2014 से 2025 तक कक्षा 1-8 के लगभग 2 करोड़ बच्चों ने स्कूल छोड़ दिया।
  • शिक्षा का निजीकरण: पिछले दशक में शिक्षा के व्यावसायीकरण और निजीकरण की प्रवृत्ति बढ़ी है, जिससे सरकारी स्कूलों की संख्या में कमी आई और निजी स्कूलों की संख्या बढ़ी।
  • राष्ट्रीय शिक्षा नीति (NEP) 2020: NEP 2020 ने मातृभाषा में शिक्षा, समावेशी शिक्षा, और अनुसंधान को बढ़ावा देने पर जोर दिया है। यह नीति शिक्षा के स्तर को सुधारने में महत्वपूर्ण भूमिका निभा रही है।
  • शिक्षा का स्तर: प्राथमिक स्तर पर साक्षरता दर में सुधार हुआ है, लेकिन गुणवत्ता और बुनियादी ढांचे में कमी, शिक्षकों की कमी, और ग्रामीण क्षेत्रों में संसाधनों की कमी जैसे मुद्दे बने हुए हैं।
  • उच्च शिक्षा:
  • QS वर्ल्ड यूनिवर्सिटी रैंकिंग 2026: भारत ने 54 संस्थानों के साथ वैश्विक रैंकिंग में चौथा स्थान हासिल किया, जो 2014 में केवल 11 संस्थानों से 390% की वृद्धि दर्शाता है।
  • भारत की उच्च शिक्षा प्रणाली G-20 देशों में सबसे तेजी से बढ़ रही है, और यह अमेरिका (192 संस्थान), यूके (90), और चीन (72) के बाद चौथे स्थान पर है।
  • प्रमुख संस्थान: IIT दिल्ली (123वां), IIT बॉम्बे (129वां), और IIT मद्रास (180वां, पहली बार टॉप 200 में) ने उल्लेखनीय प्रगति दिखाई है।
  • NEP 2020 का प्रभाव: अनुसंधान, नवाचार, और अंतरराष्ट्रीय सहयोग पर जोर देने से भारतीय विश्वविद्यालयों की वैश्विक प्रतिष्ठा बढ़ी है।

3. भारत की यूनिवर्सिटी टॉप-100 में क्यों नहीं?

  • प्रमुख कारण:
  • अनुसंधान और नवाचार में कमी: वैश्विक रैंकिंग में अकादमिक प्रतिष्ठा, प्रति संकाय उद्धरण (Citations per Faculty), और अंतरराष्ट्रीय अनुसंधान नेटवर्क जैसे मापदंड महत्वपूर्ण हैं। भारतीय संस्थानों में अनुसंधान उत्पादन और वैश्विक सहयोग अभी भी पश्चिमी देशों की तुलना में कम है।
  • बुनियादी ढांचे और फंडिंग: भारतीय विश्वविद्यालयों में संसाधनों, बुनियादी ढांचे, और शिक्षक-छात्र अनुपात में सुधार की आवश्यकता है।
  • वैश्विक प्रतिस्पर्धा: टॉप-100 में MIT, हार्वर्ड, ऑक्सफोर्ड जैसे संस्थान हैं, जिनके पास दशकों का अनुसंधान इतिहास, मजबूत वित्तीय समर्थन, और वैश्विक नेटवर्क है।
  • सीमित अंतरराष्ट्रीयकरण: अंतरराष्ट्रीय छात्रों और संकाय का अनुपात भारतीय संस्थानों में कम है, जो QS रैंकिंग में एक महत्वपूर्ण मापदंड है।
  • प्रगति की ओर कदम: NEP 2020 के तहत अनुसंधान और अंतरराष्ट्रीय सहयोग पर जोर बढ़ रहा है, और 48% भारतीय संस्थानों ने 2026 में अपनी रैंकिंग में सुधार किया है।

4. QS वर्ल्ड यूनिवर्सिटी रैंकिंग 2026 में दुनिया की टॉप 10 यूनिवर्सिटी

सूची और QS वर्ल्ड यूनिवर्सिटी रैंकिंग 2026 के आधार पर है। यहाँ पूरी सूची है:

  1. मैसाचुसेट्स इंस्टीट्यूट ऑफ टेक्नोलॉजी (MIT) – लगातार 14वें वर्ष पहले स्थान पर।
  2. इंपीरियल कॉलेज लंदन
  3. स्टैनफोर्ड यूनिवर्सिटी
  4. यूनिवर्सिटी ऑफ ऑक्सफोर्ड
  5. हार्वर्ड यूनिवर्सिटी
  6. यूनिवर्सिटी ऑफ कैम्ब्रिज
  7. ETH ज्यूरिख
  8. नेशनल यूनिवर्सिटी ऑफ सिंगापुर (NUS)
  9. यूनिवर्सिटी कॉलेज लंदन (UCL)
  10. कैलिफोर्निया इंस्टीट्यूट ऑफ टेक्नोलॉजी (Caltech)

5. भारत के टॉप 10 संस्थान (QS वर्ल्ड रैंकिंग 2026)

भारत के शीर्ष 10 संस्थान इस प्रकार हैं:

  1. IIT दिल्ली – विश्व रैंक: 123
  2. IIT बॉम्बे – विश्व रैंक: 129
  3. IIT मद्रास – विश्व रैंक: 180
  4. IIT खड़गपुर – विश्व रैंक: 215
  5. IISC बेंगलुरु – विश्व रैंक: 219
  6. IIT कानपुर – विश्व रैंक: 222
  7. दिल्ली यूनिवर्सिटी – विश्व रैंक: 328
  8. IIT गुवाहाटी – विश्व रैंक: 334
  9. IIT रुड़की – विश्व रैंक: 339
  10. अन्ना यूनिवर्सिटी – विश्व रैंक: 465

6. भारत में विश्वविद्यालयों की संख्या

  • कुल विश्वविद्यालय: भारत में 659 सरकारी विश्वविद्यालय और कुल मिलाकर (निजी सहित) 1,168 विश्वविद्यालय हैं।
  • QS रैंकिंग में स्थिति: इनमें से केवल 54 संस्थानों को QS वर्ल्ड रैंकिंग 2026 में स्थान मिला है, जो कुल संख्या का एक छोटा हिस्सा है।
  • स्कूलों की स्थिति: सरकारी स्कूलों की संख्या में कमी और निजीकरण की प्रवृत्ति चिंता का विषय है, विशेष रूप से ग्रामीण क्षेत्रों में।
  • उच्च शिक्षा में प्रगति: QS रैंकिंग में भारत की स्थिति में सुधार एक सकारात्मक संकेत है, लेकिन टॉप-100 में जगह बनाने के लिए अनुसंधान, बुनियादी ढांचे, और अंतरराष्ट्रीय सहयोग में और निवेश की आवश्यकता है।
  • NEP 2020 की भूमिका: यह नीति शिक्षा के स्तर को सुधारने और वैश्विक प्रतिस्पर्धा में भारत को आगे ले जाने में महत्वपूर्ण है।
NEWS NATIONAL WORLD's avatar

By NEWS NATIONAL WORLD

NNW NEWS NATIONAL WORLD MP/CG NEWS, समाचार, क्राइम, जन समस्या, पॉलिटिक्स, बॉलीवुड, सामाजिक,इत्यादि। मीडिया समूह का ऑनलाइन हिंदी समाचार पोर्टल है, जो की राजनीति, खेल, मनोरंजन, व्यवसाय, जीवन शैली, कला संस्कृति, पर्यटन से जुड़ी खबरों को हिंदी भाषा में एक ही स्थान पर लेटेस्ट ब्रेकिंग न्यूज के साथ प्रदान करता है। अंकुल प्रताप सिंह,बघेल +91 8516870370 सब एडिटर गौरव जैन इंदौर +91 98276 74717 सह संपादक आमिर खान इंदौर +91 9009911100, प्रदीप चौधरी, संभाग ब्यूरो चीफ इंदौर +919522447447, रीवा जिला ब्यूरो चीफ कुशमेन्द्र सिंह +91 94247 01399.

Leave a Reply

You missed

Discover more from NNWORLD

Subscribe now to keep reading and get access to the full archive.

Continue reading

Discover more from NNWORLD

Subscribe now to keep reading and get access to the full archive.

Continue reading