इन दिनों सूबे के पूर्व मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान से ज्यादा उनकी बहु अमानत बसंल के चर्चे हैं। मोदी सरकार 3.0 में केंद्रीय मंत्री और मध्य प्रदेश के पूर्व मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान की गिनती देश के वरिष्ठतम भाजपा नेताओं में होती है। वे मध्यप्रदेश में चार बार के मुख्यमंत्री, 6 बार के सांसद रहे हैं। शिवराज मध्यप्रदेश में करीब 16.5 साल तक सीएम रहे, पार्टी के पूर्व प्रदेश अध्यक्ष और भाजयुमो के पूर्व राष्ट्रीय अध्यक्ष रहे।इतने सीनियर युवा नेता शिवराज के दो पुत्र कार्तिकेय और कुणाल की इसी वर्ष शादी भी हो चुकी है। कुणाल और बहू रिद्धी जहां कूल नेचर के राजनीति से दूर रहने वाले जोड़े हैं। वहीं, कार्तिकेय और अमानत में राजनीतिक महात्वाकांक्षा साफ दिखती है। केंद्रीय कृषि मंत्री शिवराज सिंह चैहान की बहू अमानत की राजनीति में एंट्री को लेकर अटकलें तब तेज हो गई, जबकि वे सीहोर जिले की बुधनी विधानसभा सीट के अंतर्गत आने वाले भेरूंदा में आयोजित कार्यक्रम में मंच पर बोलने पहुंची। वे यहां पर अपने पति कार्तिकेय सिंह चौहान के साथ शामिल हुईं। वहां मौजूद लोगों ने कार्तिकेय सिंह चौहान और उनकी पत्नी अमानत का स्वागत सम्मान किया। इस दौरान अमानत बंसल ने लोगों को संबोधित किया। View this post on Instagram शिवराज सिंह चैहान के केंद्रीय मंत्री बनने के बाद उन्होंने बुधनी विधायक पद से इस्तीफा दे दिया था। वहां से उनके बेटे कार्तिकेय के चुनाव लड़ाए जाने के कयास लगाए जा रहे थे, लेकिन उन्हें हाई कमान ने टिकट देने से मना कर दिया था। अब कार्तिकेय के लिए उनकी पत्नी अमनात भविष्य की राजनीतिक अमानत नजर आ रही है। ऐसा इसलिए क्योंकि भाजपा ने 33 प्रतिशत राजनीतिक प्रतिनिधित्व महिलाओं केा देने को वादा किया है। दरअसल, शिवराज सिंह चैहान की फैमिली में अभी दूसरी पीढ़ी की एंट्री नहीं हुई है। बेटे कार्तिकेय सिंह चैहान राजनीति में सक्रिय जरूर हैं लेकिन टिकट की आस लंबा खींच रहा है। पिता की सीट पर कार्तिकेय सिंह चौहान लंबे समय से मेहनत कर रहे हैं। टिकट न मिलने पर उनका दर्द भी छलका है। अब उन्होंने अपनी पत्नी अमानत बंसल को सियासी मंच पर उतार दिया है। ऐसे में अटकलें हैं कि जल्द ही अमानत बंसल पॉलिटिक्स में एंट्री मार सकती हैं। शिवराज सिंह चौहान फैमिली की राजनीति विदिशा और बुधनी के आसपास ही घूमती रही है। अभी अपने परिवार से वह अकेले ही राजनीति में सक्रिय हैं। ऐसे में सियासी गलियारों में सबसे बड़ा सवाल है कि उनकी विरासत को कौन संभालेगा। छोटे बेटे कुणाल को राजनीति से कोई लेना देना नहीं है। वह कभी भी सियासी मंचों पर नहीं दिखते हैं। ऐसे में बड़े बेटे के बाद बड़ी बहुरिया अमानत की पॉलिटिक्ल ट्रेनिंग शुरू हो गई है। इसकी शुरुआत बुधनी विधानसभा सीट के भेरूंदा से हुई है। ऐसे में माना जा रहा है कि अब अमानत बुधनी क्षेत्र में एक्टिव दिखेंगी। Share this:Tweet Email a link to a friend (Opens in new window) Email Share on WhatsApp (Opens in new window) WhatsApp PostMoreLike this:Like Loading… Related पोस्ट नेविगेशन पकड़ा गया फर्जी हृदय रोग विशेषज्ञ इन्दौर हरसिद्धी मंदिर के सामने एवं शेखर नगर उद्यान के पास बाली शराब की दुक हटाये जाने लेकर कलेक्टर कार्यालय पर विरोध प्रदर्शन किया और ज्ञापन दिया गया