वरिष्ठ कांग्रेस नेता व पूर्व मंत्री कमलेश्वर पटेल सहित अन्य कांग्रेस नेताओं और भू स्वामियों ने ज्ञापन अपर कलेक्टर और एडिशनल एसपी को हाथ में न देकर कलेक्ट्रेट गेट के सामने जमीन में रखकर दिखाया अपना विरोध प्रदर्शन। View this post on Instagram सिंगरौली/ सिंगरौली कलेक्टर के द्वारा बंधा कोल ब्लॉक के चार गांव तेंदुआ, पिंडरवाह, पचोर, देवरी का अवार्ड 30/ 12 /2024 को पारित कर दिया जाता है और 17/02/2025 को प्रमुख सचिव राजस्व के द्वारा पारित आदेश मांगा जा रहा है। लेकिन सिंगरौली कलेक्टर के द्वारा मूल निर्धारण के लिए प्रमुख सचिव को नही दिया जा रहा हैं। जिसे लेकर कांग्रेस के वरिष्ठ नेताओं ने दिनांक 28/02/25 को रैली के माध्यम से कलेक्ट्रेट कार्यालय में पहुचकर धरना प्रदर्शन कर घेराव किया गया। https://videopress.com/v/W32Yb528?resizeToParent=true&cover=true&preloadContent=metadata&useAverageColor=true परंतु प्रशासन के निकम्मेपन के कारण और कलेक्टर की असफलता के कारण भूमि स्वामियों की समस्या लेकर पहुंचे वरिष्ठ कांग्रेस नेता व पूर्व मंत्री कमलेश्वर पटेल सहित अन्य कांग्रेस नेताओं और भू स्वामियों ने ज्ञापन अपर कलेक्टर और एडिशनल एसपी को हाथ में न देकर कलेक्ट्रेट गेट के सामने जमीन में रखकर अपना विरोध प्रदर्शन दिखाया।जिससे प्रतीत होता है कि कानून के रखवाले किस तरीके से कानून की धज्जियां उड़ा रहे हैं भू अर्जन जैसे ज्वलंत मुद्दे पर कलेक्टर को ज्ञापन लेने ना आना इस बात का प्रतीक है कि कलेक्टर भ्रष्टाचार में कितनी हद तक डूबा हुआ है और पूरी तरह से कंपनियों के गिरफ्त में है जिनके लिए भू अर्जन कर रहा है। बता दे कि देश की ऊर्जाधानी कहे जाने वाले सिंगरौली जिले में भू अर्जन के दोहरे मापदंड अपनाए जा रहे हैं एक ही उद्देश्य के लिए कोयला खनन के लिए आवंटित कोल ब्लॉकों में जहां सरकारी कंपनियों के द्वारा सी बी एक्ट 1957 के तहत भू अर्जन का कार्य किया जा रहा है और प्रतिकर की गणना भू अर्जन अधिनियम 2013 की धारा 26 के तहत किया जा रहा है वहीं दूसरी तरफ प्राइवेट कंपनियों के लिए आवंटित कोल ब्लॉक परियोजनाओं में हो रहे भू अर्जन के लिए नाम मात्र के लिए भू अर्जन अधिनियम 2013 के तहत भू अर्जन की प्रक्रिया की जा रही है प्राइवेट कंपनियों के लिए समुचित सरकार भू अर्जन अधिकारी के द्वारा सभी नियमों को ताक में रखकर भू अर्जन की प्रक्रिया की जा रही है और एक जिले के किसानों के साथ एक ही उद्देश्य के लिए हो रहे भू अर्जन में प्रतिकर की गणना, रोजगार, विस्थापन,अलग-अलग नियम के तहत की जा रही है। प्राइवेट कंपनियों के कोल ब्लॉक अधिग्रहण में समुचित सरकार के द्वारा कलेक्टर गाइड लाइन से कम दर पर प्रतिकार की गणना तैयार कर मुआवजा वितरण किया जा रहा है और 9 फरवरी 2016 के भारत सरकार ग्रामीण के आदेश की भी अवहेलना की जा रही है जिसमें किसी भी मुआवजा प्रतिकार की गणना गुणक दो के आधार पर करना सुनिश्चित किया गया था लेकिन भूअर्जन अधिकारी सिंगरौली के द्वारा दोहरा मापदंड अपनाया जा रहा है। Share this:Tweet Email a link to a friend (Opens in new window) Email Share on WhatsApp (Opens in new window) WhatsApp PostMoreLike this:Like Loading… Related पोस्ट नेविगेशन सागर में संविधान चौक का लोकार्पण नप. सिरमौर में सफाई संरक्षक की अर्धवार्षिकी आयु पर हुआ विदाई समारोह