देवास।। प्रदीप चौधरी। रिश्वत, चलती गाड़ी, लोकायुक्त की कार्रवाई, और टोल नाके पर पकड़े जाने—को संक्षेप में समेटती है। यह घटना मध्य प्रदेश के देवास जिले में हुई, जहां उज्जैन लोकायुक्त पुलिस ने सोनकच्छ के विद्युत विभाग के कार्यपालन यंत्री (एग्जीक्यूटिव इंजीनियर) आनंद अहिरवार को 25,000 रुपये की रिश्वत लेते हुए रंगे हाथों पकड़ा। यह रिश्वत फरियादी पुष्पराज सिंह से उनकी गाड़ी को विभाग में अटैच करने के बदले में ली गई थी। खास बात यह है कि रिश्वत का लेन-देन चलती गाड़ी में हुआ, जिसके बाद लोकायुक्त पुलिस ने पीछा करके भोरासा टोल नाके पर आनंद अहिरवार को धर दबोचा। इस दौरान उन्होंने भागने की कोशिश भी की, लेकिन पुलिस ने उन्हें पकड़ लिया। यह कार्रवाई भ्रष्टाचार के खिलाफ लोकायुक्त की सख्ती को दर्शाती है। Share this:Tweet Email a link to a friend (Opens in new window) Email Share on WhatsApp (Opens in new window) WhatsApp PostMoreLike this:Like Loading… Related पोस्ट नेविगेशन कांग्रेस में गुटबाजी का दर्द: अजय सिंह राहुल ने कार्यकर्ताओं को दी नसीहत भगतसिंह थे भारत में समाजवाद के कल्पनाकार : पराते