किया औचक निरीक्षण, टीआई और पुलिसकर्मियों को दिए दिशा-निर्देशमहू। प्रदीप चौधरी।। डीजीपी शकैलाश मकवाना के निर्देश पर शनिवार की रात इंदौर ग्रामीण के पुलिस अधिकारियों ने अलग-अलग थानों का निरीक्षण किया और व्यवस्थाओं को देखा। एसपी, एएसपी सहित अन्य अधिकारी अलग-अलग थानों पर पहुंचे और औचक निरीक्षण कर आवश्यक दिशा-निर्देश भी थाना प्रभारियों और स्टाफ को दिए।एसपी ग्रामीण हितिका वासल सिमरोल थाना पहुंची। रात में अचानक एसपी को थाने पर देख स्टाफ हतप्रभ रह गया। यहां उन्होंने न केवल थाने का निरीक्षण किया, बल्कि रिकार्ड भी देखा। इसी प्रकार एएसपी ग्रामीण रूपेश कुमार द्विवेदी मानपुर थाने पहुंचे और ओचक निरीक्षण करने के साथ ही हवालात भी देखी और टीआई व स्टाफ से चर्चा कर आवश्यक दिशा-निर्देश दिए। उधर, एसडीओपी महू ने किशनगंज थाना, एसडीओपी सांवेर प्रशांतसिंह भदौरिया ने हातोद थाना, एसडीओपी देपालपुर श्री संघप्रिय ने बेटमा थाना और डीएसपी हेड क्वार्टर उमाकांत चौधरी ने खुड़ैल थाने का निरीक्षण किया। इस दौरान अधिकारियों ने गुंडा निगरानी, अपराध, एफआईआर आदि रिकार्ड चेक किया। साथ ही मालखाना, बलवा सामग्री पुराने रिकॉर्ड को भी देखा। View this post on Instagram शनिवार की रात (22 मार्च 2025) को इंदौर ग्रामीण क्षेत्र में पुलिस थानों के औचक निरीक्षण की घटना को दर्शाती है। यह निरीक्षण मध्य प्रदेश के डीजीपी श्री कैलाश मकवाना के निर्देश पर किया गया था। इसमें एसपी ग्रामीण श्रीमती हितिका वासल, एएसपी ग्रामीण रूपेश कुमार द्विवेदी, और अन्य वरिष्ठ अधिकारियों ने अलग-अलग थानों का दौरा किया।इस दौरान अधिकारियों ने थानों की व्यवस्थाओं का जायजा लिया, रिकॉर्ड चेक किया, हवालात का निरीक्षण किया, और थाना प्रभारियों (टीआई) व पुलिसकर्मियों को आवश्यक दिशा-निर्देश दिए। निरीक्षण के मुख्य बिंदु इस प्रकार हैं:एसपी ग्रामीण श्रीमती हितिका वासल: सिमरोल थाने पहुंचीं, जहां उन्होंने थाने का निरीक्षण किया और रिकॉर्ड की जांच की। उनकी अचानक मौजूदगी से स्टाफ हैरान रह गया।एएसपी ग्रामीण रूपेश कुमार द्विवेदी: मानपुर थाने गए, हवालात देखी और स्टाफ को दिशा-निर्देश दिए।एसडीओपी महू: किशनगंज थाने का निरीक्षण किया।एसडीओपी सांवेर प्रशांत सिंह भदौरिया: हातोद थाने पहुंचे।एसडीओपी देपालपुर श्री संघप्रिय: बेटमा थाने का दौरा किया।डीएसपी हेड क्वार्टर उमाकांत चौधरी: खुड़ैल थाने का निरीक्षण किया।निरीक्षण में गुंडा निगरानी, अपराध, एफआईआर, मालखाना, बलवा सामग्री, और पुराने रिकॉर्ड की जांच की गई। यह कदम पुलिस व्यवस्था को चुस्त-दुरुस्त करने और थानों के कामकाज में सुधार लाने के उद्देश्य से उठाया गया।यदि आप इस घटना के बारे में और कुछ जानना चाहते हैं या किसी विशेष पहलू पर चर्चा करना चाहते हैं, तो मुझे बताएं! Share this:Tweet Email a link to a friend (Opens in new window) Email Share on WhatsApp (Opens in new window) WhatsApp PostMoreLike this:Like Loading… Related पोस्ट नेविगेशन सपा ने मनाई लोहिया जयंती आजादी के सपूतों को किया याद इंदौर की क्राइम खबरें…