इंदौर- प्रदीप चौधरी। एमआईजी थाने के प्रधान आरक्षक अरुण शर्मा को लोकायुक्त ने 50,000 की रिश्वत लेते रंगे हाथों पकड़ा, लोकायुक्त ने भ्रष्टाचार अधिनियम की धाराओं में किया प्रकरण दर्ज। पति से मारपीट का केस कमजोर करने के एवज में एक महिला से मांगी थी पांच लाख की रिश्वत , जो कि महंगी पड़ी…. View this post on Instagram इंदौर की लोकायुक्त टीम द्वारा एमआईजी थाने के प्रधान आरक्षक अरुण शर्मा को रंगेहाथों 50 हजार की रिश्वत लेते पकड़ा गया। वही साथ ही रिश्वत में सहयोग के आरोप में अय्यूब खान को भी पकड़ा गया। लोकायुक्त के (SP) एसपी राजेश सहाय ने जानकारी दी कि इसकी शिकायत भेघा देलवार पति बासिल मंसूरी द्वारा की गई थी। जिसके बाद कार्यवाही की गई। इसमें बताया गया था कि आवेदिका के पति बासिल मंसूरी द्वारा आवेदिका के विरूद्ध थाना एम.आई.जी. MIG में मारपीट के प्रकरण में अपराध दर्ज करवाया गया था। इस प्रकरण के विवेचना प्रधान आरक्षक अरुण शर्मा द्वारा की जा रही थी। आवेदिका को जेल न भेजने एवं प्रकरण कमजोर करने के एवज में अरुण शर्मा ने आवेदिका से पांच लाख की रिश्वत मांगी गई थी। शिकायत की जांच में प्रकरण सही पाए जाने पर आज दिन शनिवार को (1 मार्च) को ट्रैप दल का गठन किया गया। रिश्वत की राशि लेने के लिए अरुण शर्मा ने अय्यूब खान को आवेदिका के फ्लैट पर भेजा। शिकायत की जांच में प्रकरण सही पाए जाने पर आज यानी 1 मार्च को ट्रैप दल का गठन किया गया। रिश्वत की राशि लेने के लिए अरुण शर्मा ने अय्यूब खान को आवेदिका के फ्लैट पर भेजा। अय्यूब खान ने रिश्वत की राशि 50 हजार रुपए लेकर अरुण शर्मा को दी। लोकायुक्त की टीम ने दोनों को रंगेहाथों पकड़ लिया। दोनों के खिलाफ धारा 7 भ्रष्टाचार निवारण (संशोधन) अधिनियम 2018 एवं 61(2) बी.एन.एस. के अंतर्गत कार्यवाही की जा रही है। Share this:Tweet Email a link to a friend (Opens in new window) Email Share on WhatsApp (Opens in new window) WhatsApp PostMoreLike this:Like Loading… Related पोस्ट नेविगेशन आदिवासी की भूमि को फर्जी नामान्तरण करा लेने एवं राजस्व विभाग द्वारा कार्यवाही न किए जाने पर 6 दिन से भूंख हड़ताल कर रहे अनशनकारियों को पुलिस ने कस्टडी में लेकर कर भेजा रीवा पढ़ने की संस्कृति : केरल का अनूठा लाइब्रेरी आंदोलन