(न्यूज़ नेशनल वर्ल्ड डेस्क)
कभी हिन्दु राष्ट्र अथवा प्रयागराज महाकुंभ में हुई मौतों को मोक्ष बताने, कभी गुजरात के लोगों को पागल बताने, कभी पंजाब के पठानकोट में ईसाई भाईचारे की तुलना विदेशी ताकतों से करने और ऐसे ही अपने बयानों को लेकर चर्चा में रहने वाले पंडित धीरेन्द्र शास्त्री के बयानों पर भारतीय कम्युनिस्ट पार्टी ने आपत्ति जताई है। इसके साथ ही राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू से बागेश्वर धाम के अपने प्रवास पर पुर्नविचार करने को कहा है। भारतीय कम्युनिस्ट पार्टी मध्य प्रदेश के राज्य सचिव काॅमरेड अरविन्द श्रीवास्तव और राज्य सह सचिव काॅमरेड शैलेन्द्र शैली ने कहा है कि बागेश्वर धाम के मुख्य कर्ताधर्ता पंडित धीरेन्द्र शास्त्री प्राय भारत को हिन्दु राष्ट्र बनाने की मांग करते हैं। वे अल्पसंख्यक समुदाय खासकर मुसलमानों के खिलाफ अपमानजनक टिप्पणी करते हैं। उन्होंने महिलाओं के मंगलसूत्र अपने को लेकर भी अपमानजनक टिप्पणी की थी। पंडित धीरेन्द्र शास्त्री का नजरिया और उनकी भाषा भारत के संवैधानिक मूल्यों के अनुरूप नहीं है। भाकपा नेताओं ने राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मु से अपील की है कि वे बागेश्वर धाम के अपने प्रवास पर पुनर्विचार करें।


गौरतलब है कि पंडित धीरेंद्र कृष्ण शास्त्री के छोटे भाई शालिग्राम गर्ग से रिश्तों को लेकर भी वो चर्चा में रहे हैं। शालिग्राम गर्ग ने अपने फेसबुक अकाउंट से एक वीडियो प्रसारित किया था, जिसमें उन्होंने कहा था कि उन्होंने धीरेंद्र कृष्ण शास्त्री से अपने सभी तरह के संबंध खत्म कर लिए हैं। अब धीरेंद्र कृष्ण शास्त्री के साथ उनका किसी भी तरह का कोई संबंध नहीं है और अब आने वाले समय में किसी भी कार्यों के लिए उनका नाम धीरेंद्र कृष्ण शास्त्री एवं बागेश्वर धाम से जोड़कर ना देखा जाए। हालांकि इस वीडियो के सोशल मीडिया पर वायरल होने के बाद शालिग्राम गर्ग ने अपने फेसबुक अकाउंट से एक और वीडियो सोशल मीडिया पर प्रसारित किया। इस वीडियो में उन्होंने कहा कि लोगों ने उनकी वीडियो को गलत तरीके से दिखाया है। धीरेंद्र कृष्ण शास्त्री एवं उनके संबंध सूरज और चांद की तरह हैं, जिन्हें कोई अलग नहीं कर सकता।
मालूम हो कि पूर्व मंत्री और कांग्रेस मीडिया विभाग के अध्यक्ष मुकेश नायक ने बागेश्वर धाम के पीठाधीश्वर धीरेन्द्र शास्त्री पर निशाना साधा था। मुकेश नायक ने कहा था कि उन्हें वैदिक और सनातन का ज्ञान नहीं है, वे लोगों को भ्रमित करते हैं। नायक ने कहा कि शास्त्री को न तो रामचरितमानस का ज्ञान है, न भागवत का और न ही वैदिक परंपराओं की समझ। उन्होंने वैदिक वांग्मय के विभिन्न विषयों जैसे ऋग्वेद, सामवेद, अथर्ववेद, स्थापत्य वेद, धनुर्वेद, आयुर्वेद, गंधर्ववेद, शिक्षा, व्याकरण, छंद, न्याय, आरण्यक, ब्रह्मण्य, योग, दर्शन, कर्म मीमांसा का उल्लेख करते हुए पूछा कि क्या शास्त्री को इन सबका ज्ञान है? उन्होंने कहा कि शास्त्री सिर्फ सनातन धर्म का रट्टा लगाते हैं। नायक ने शास्त्री पर कुंभ में हुई मौतों का मजाक उड़ाने का भी आरोप लगाया था। उन्होंने कहा कि शास्त्री ने कुंभ में हुई मौतों को मोक्ष बताकर लोगों का उपहास किया। उन्होंने कहा कि लोगों की सहायता करने की बजाय आप उनका मजाक उड़ा रहे हो। मुकेश नायक ने धीरेंद्र शास्त्री को खुली चुनौती देते हुए शास्त्रार्थ के लिए आमंत्रित किया। उन्होंने कहा कि अगर शास्त्री उनके सवालों का जवाब दे पाए तो वे अपना सिर मुंडवाकर राजनीति छोड़ देंगे। उन्होंने कहा कि वो मंच लगा लें रामचरित मानस पर, भागवत, गीता, पूरे वैदिक वाङ्मय पर। जिस पर भी चर्चा करना हो, अगर मेरे प्रश्नों का उन्होंने जवाब दिया तो उसी मंच पर अपना सिर मुंडवाकर मैं राजनीति से संन्यास ले लूंगा। नायक ने यह भी कहा कि अगर शास्त्री जवाब नहीं दे पाए तो उन्हें अपना सिर मुंडवाना पड़ेगा।  इसी तरह ममता कुलकर्णी के किन्नर अखाड़े की महामंडलेश्वर बनने पर बागेश्वर बाबा ने भी आपत्ति जताई थी। इसके बाद ममता कुलकर्णी ने धीरेन्द्र शास्त्री को नैपी बाबा बताते हुए कहा था कि वो अपने गुरू से पूछें कि वो कौन हैं। ममता कुलकर्णी ने कहा था कि जितनी उनकी उम्र हैं उतना मैने तप किया है।
गुजरात के राजकोट में बाबा बागेश्‍वर उस वक्‍त विवादों में घिर गए जब राजकोट में ही एक स्‍थानीय शख्‍स उनके खिलाफ थाने में शिकायत दर्ज कराने पहुंचा था। युवक का कहना है कि वो बाबा की बातों में आ गया और उनके कहने पर उसने 13 हजार रुपये की रकम दान में दे दी, अब वो चाहता है कि उनकी रकम बाबा वापस लौटा दें। बाबा बागेश्‍वर के दरबार के दौरान एक शख्स ने आश्रम बनाने को लेकर कुछ पैसों की मदद की बात कही, ऐसे में बाबा ने दरबार मैं बैठे लोगो से पैसे मांगे थे। हेमल विठलानी भी उन लोगों मैं से एक थे जिन्होंने पैसे दिये थे। विठलानी ने कहा था कि वो उस वक्त बाबा की बातों मैं आ गए थे और उत्साह मैं 13 हजार रुपये दे बैठे। हेमल विठलानी की मांग है कि उनका पैसा लौटाया जाए। उन्‍होंने थाने में इस संबंध में शिकायत दी थी, साथ ही पुलिस कमिश्‍नर के समक्ष भी उन्‍होंने मदद की गुहार भी लगाई थी। बागेश्वर धाम सरकार के सूरत के बयान को लेकर विवाद हुआ था। इसमें उन्होंने गुजरात के लोगों को पागल कहकर भारत ही नहीं बल्कि पाकिस्तान को हिंदू राष्ट्र बनवाने की बात कही थी। इसी बयान में बागेश्वर धाम सरकार ने कहा था कि हम तुम्हें जेब से हनुमान देने आए हैं। गुजरात के ही डॉ. पराग इस बयान पर नाराजगी व्यक्त करते हुए कहा था कि जेब से हनुमान देने आएं हैं, भाषा-विचारों की शुद्धि करो बाद में दरबार लगाना। पंडित शास्त्री ने बाद में सफाई दी और कहा था कि पागलों का मतलब जिसने भगवान को पा लिया से है। गुजरात के विश्व विख्यात रामकथाकार मोरारी बापू ने बागेश्वर धाम सरकार से दूरी बना ली थी। बागेश्वर धाम सरकार के जब गुजरात दौरे का ऐलान हुआ था तो सबसे पहले राजकोट से विरोध सामने आया था। राजकोट के बैंकर और सहकारी क्षेत्र के अग्रणी पुरुषोतम पिपालिया ने बागेश्वर बाबा को चैलेंज दिया था। राजकोट के विज्ञान जाथा नाम की संस्था चलाने वाले डॉ. जयंत पंड्या ने भी विरोध जताया था।
मध्य प्रदेश के बागेश्वर धाम सरकार पं. धीरेंद्र शास्त्री तब विवादों में घिर गए थे जब उन पर अंधविश्वास फैलाने का आरोप लगा था। अंध श्रद्धा निर्मूलन समिति ने कहा कि जब बागेश्वर धाम सरकार को चमत्कार साबित करने के लिए चुनौती दी तो कथा बीच में ही छोड़कर वह चले गए। बागेश्वर धाम सरकार पं. धीरेंद्र शास्त्री की कथा के दौरान लोगों की समस्याएं सुनने और उसका समाधान करने का दावा किया जाता है। कहा जाता है कि भूत, प्रेत से लेकर बीमारी तक का इलाज बाबा की कथा में होता है। वहीं, बागेश्वर धाम सरकार का कहना है कि वह लोगों की अर्जियां भगवान (बालाजी हनुमान) तक पहुंचाने का जरिया मात्र हैं जिन्हें भगवान सुनकर समाधान देते हैं। इन्हीं दावों को नागपुर की अंध श्रद्धा निर्मूलन समिति ने चुनौती दी थी।  
छतरपुर के पास गढ़ा में बागेश्वर धाम है। यहां बालाजी हनुमान जी का मंदिर है। हर मंगलवार को बालाजी हनुमान जी के दर्शन को भारी भीड़ उमड़ती है। इस दरबार को लोग बागेश्वर धाम सरकार के नाम से जाना जाता है। हनुमान जी के इस मंदिर का 1986 में रेनोवेशन कराया गया था। 1987 के आसपास यहां एक संत बब्बा जी सेतु लाल जी महाराज आए। इनको भगवान दास जी महाराज के नाम से भी जाना जाता था। धाम के मौजूदा प्रमुख पं. धीरेंद्र शास्त्री भगवान दास जी महाराज के ही पौत्र हैं। इसके बाद 1989 के समय बाबा जी द्वारा बागेश्वर धाम में महायज्ञ का आयोजन किया गया। 2012 में बागेश्वर धाम की सिद्ध पीठ पर श्रद्धालुओं की समस्याओं के निवारण के लिए दरबार का शुभारंभ हुआ। इसके बाद धीरे-धीरे बागेश्वर धाम के भक्त इस दरबार से जुड़ने लगे। अभी बागेश्वर धाम के पीठाधीश्वर पंडित धीरेंद्र कृष्ण शास्त्री हैं। पं. धीरेंद्र का जन्म 1996 में छतरपुर (मध्य प्रदेश) जिले के गड़ागंज गांव में हुआ था। पं. धीरेंद्र शास्त्री के दादा पं. भगवान दास गर्ग भी इस मंदिर के पुजारी रहे। पं. धीरेंद्र शास्त्री के पिता का नाम रामकृपाल गर्ग और मां सरोज गर्ग है। धीरेंद्र के छोटे भाई शालिग्राम गर्ग हैं। पं. धीरेंद्र शास्त्री के दादा ने चित्रकूट के निर्मोही अखाड़े से दीक्षा ली थी। इसके बाद वह गड़ागंज पहुंचे थे।
यहां ये बताना लाजमी होगा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मु मध्य प्रदेश के छतरपुर स्थित बागेश्वर धाम में आयोजित होने वाले दो बड़े कार्यक्रमों में शामिल होने की संभावना है। इस कार्यक्रम के लिए देश के कई बड़े संतों को न्यौता दिया गया है। इसी क्रम में वृंदावन के प्रेमानंद महाराज को भी न्यौता दिया गया है। अगर प्रेमानंद महाराज बागेश्वर धाम आते तो पहली बार पीएम मोदी, पं. धीरेंद्र शास्त्री और प्रेमानंद महाराज के एक मंच पर दिखने की संभावना बन जाती। हालांकि प्रेमानंद महाराज के स्वास्थ्य को देखते हुए उनके आने की उम्मीद कम है। इसके अलावा पीएम मोदी 23 फरवरी को कैंसर अस्पताल की आधारशिला रखने आ रहे हैं, जबकि सभी संत और राष्ट्रपति भी 26 फरवरी को 251 कन्याओं के सामूहिक विवाह समारोह में शामिल होंगे। बागेश्वर धाम में 23 और 26 फरवरी को दो महत्वपूर्ण कार्यक्रम होने वाले हैं। पहला कार्यक्रम 23 फरवरी को होगा, जिसमें प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी एक नए कैंसर अस्पताल की आधारशिला रखेंगे। इसके साथ ही वे बागेश्वर धाम में दर्शन भी करेंगे। दूसरा कार्यक्रम 26 फरवरी को होगा, जिसमें राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मु 251 कन्याओं के सामूहिक विवाह में शामिल होंगी। इस कार्यक्रम में कई प्रसिद्ध संत शामिल होने की बात कही जा रही है। इनमें जगद्गुरु रामभद्राचार्य महाराज, मलूक पीठाधीश्वर राजेंद्र दास महाराज, गोरीलाल कुंज वाले स्वामी किशोर दास महाराज, इंद्रेश उपाध्याय, पुंडरीक गोस्वामी, गीता मनीषी ज्ञानानंद महाराज, चिदानंद स्वामी महाराज, बालक योगेश्वर दास महाराज, अयोध्या के संत राम दिनेश आचार्य महाराज, अभिरामाचार्य महाराज, अभयदास महाराज, हरिद्वार से रामदास महाराज, चिन्मयानंद बापूजी महाराज, गंगादास महाराज, गोपालमणि महाराज और संजय सलिल महाराज जैसे कई नाम शामिल हैं। खेल और सिनेमा जगत की कई हस्तियां भी इस कार्यक्रम में शामिल होंगी। क्रिकेटर वीरेंद्र सहवाग, रॉबिन उथप्पा और आर पी सिंह, अभिनेता पुनीत वशिष्ठ और पहलवान द ग्रेट खली के भी आने की चर्चा है। 

NEWS NATIONAL WORLD's avatar

By NEWS NATIONAL WORLD

NNW NEWS NATIONAL WORLD MP/CG NEWS, समाचार, क्राइम, जन समस्या, पॉलिटिक्स, बॉलीवुड, सामाजिक,इत्यादि। मीडिया समूह का ऑनलाइन हिंदी समाचार पोर्टल है, जो की राजनीति, खेल, मनोरंजन, व्यवसाय, जीवन शैली, कला संस्कृति, पर्यटन से जुड़ी खबरों को हिंदी भाषा में एक ही स्थान पर लेटेस्ट ब्रेकिंग न्यूज के साथ प्रदान करता है। अंकुल प्रताप सिंह,बघेल +91 8516870370 सब एडिटर गौरव जैन इंदौर +91 98276 74717 सह संपादक आमिर खान इंदौर +91 9009911100, प्रदीप चौधरी, संभाग ब्यूरो चीफ इंदौर +919522447447, रीवा जिला ब्यूरो चीफ कुशमेन्द्र सिंह +91 94247 01399.

Leave a Reply

You missed

Discover more from NNWORLD

Subscribe now to keep reading and get access to the full archive.

Continue reading

Discover more from NNWORLD

Subscribe now to keep reading and get access to the full archive.

Continue reading