राज्य चुनाव चाहे कितने भी जीत लो,मुख्यमंत्री चयन करने में सिर पीट लो।क्योंकि इस गठबंधन में है धीट लोग,एक बार फिर हो गए हैं रिपीट लोग!संख्या बल नकारते सत्ता लोलूप भोग।राज्य चुनाव चाहे कितने भी जीत लो,मुख्यमंत्री चयन करने में सिर पीट लो।यारों अब तक नहीं बन पाई है सरकार,देखों अब सबसे बड़ी पार्टी भी लाचार!ये पाँच दिन बाद भी कर रहे हैं विचार।राज्य चुनाव चाहे कितने भी जीत लो,मुख्यमंत्री चयन करने में सिर पीट लो।चार दिन बाद क्या? बड़ा दिल दिखाया,आपका ही मुख्यमंत्री होगा यही बताया!यह न सोचा इन्होंने कभी नहीं सताया।राज्य चुनाव चाहे कितने भी जीत लो,मुख्यमंत्री चयन करने में सिर पीट लो।अब क्या जिसके नाम चुनाव लड़ा था,क्या? सरप्राइज! दे उसे करेंगे दरकिनार!हे आलाकमान क्या यही होगा व्यवहार।राज्य चुनाव चाहे कितने भी जीत लो,मुख्यमंत्री चयन करने में सिर पीट लो।देखों क्या हैं अजित, क्या हैं एकनाथ,इस जनादेश का पुनः कर दो सम्मान!दे दो कमान देवेंद्र के हाथ रख लो मान।संजय एम. तराणेकर(कवि, सूत्रधार व समीक्षक)इन्दौर-452011 (मध्यप्रदेश)मो. 98260-25986 Share this:Tweet Email a link to a friend (Opens in new window) Email Share on WhatsApp (Opens in new window) WhatsApp PostMoreLike this:Like Loading… Related पोस्ट नेविगेशन अजमेर: आखिर कब तक कुरेदा जाएगा अतीत– सर्वे की आड़ में हो रही राजनीति बिजली का बिल लेने गए विद्युतकर्मी के साथ उपभोक्ताओं ने की मारपीट