इन्दौर । आमिर खान। यमुना की कोख से निकली गंगा (झलकारी) जिसने मात्र 12 वर्ष की उम्र में ही खूंखार चीते का वध कर अपने अदम्य शौर्य साहस व पराक्रम का परिचय दिया, और झांसी रानी लक्ष्मीबाई की हमसफर बनकर सन 1857 के आज आजादी आंदोलन में फिरंगी दुश्मनों से लोहा लिया ऐसी वीर, साहसी व पराक्रमी वीरांगना झलकारी बाई को इतिहास के पन्नों में वह सम्मान नहीं मिल पाया जिसकी वह हकदार थी। उक्त उद्गार स्वतंत्रता आन्दोलन की प्रथम रणनायिका वीरांगना झलकारी बाई की 195 वीं जयंती पर पाटनीपुरा नेहरु नगर स्थित झलकारी द्वार पर पुष्पांजलि कार्यक्रम में बड़ी संख्या में मौजूद कोली/कोरी समाज के बंधुओं ने झलकारी बाई के जयकारों के साथ उनके चित्र पर माल्यार्पण कर उनके कौए हुए वैभव को समाज के सामने लाने का संकल्प लिया।इस अवसर पर अखिल भारतीय वीरांगना झलकारी महासंघ के राष्ट्रीय अध्यक्ष प्रकाश महावर कोली ने कहा कि वीरांगना झलकारी बाई की शौर्यगाथाओं में खूंखार चीते का वध, भोजला गांव में डाकुओं से मुकाबला और झांसी की रानी लक्ष्मीबाई की हमसफर बन रानी और झांसी की रक्षा के लिए त्याग, तपस्या और बलिदान देने वाली वीरांगना झलकारी बाई की स्मृतियों से आज समूचा समाज व राष्ट्र अपने आप को गौरवांवित महसूस कर रहा है, लेकिन विडम्बना यह रही कि षड़यंत्रकारी इतिहासकारों ने उनकी वीरता, अदम्य शौर्य – साहस व पराक्रम को जानबूझकर दफन करने का प्रयास किया, अखिल भारतीय वीरांगना झलकारी महासंघ और कोली/कोरी समाज उनके मान सम्मान व स्वाभिमान को आमजन के सामने लाने में कोई कसर नहीं छोड़ेगा। वीरांगना झलकारी बाई के साथ इतिहासकारों ने तो भेदभाव किया लेकिन आजादी के बाद भी शासन, प्रशासन और राजनैतिक दल भी भेदभाव कर रहा है, हम फरवरी माह तक का समय सरकार और स्थानीय जिला प्रशासन, नगर निगम, और विकास प्राधिकरण को दे रहे हैं, अगर झलकारी बाई की प्रतिमा नहीं लगती है तो हम इन्दौर जैसी सांस्कृतिक राजधानी में झलकारी बाई के बलिदान दिवस 4 अप्रेल के पूर्व उनकी प्रतिमा स्वयं के खर्च से लगावाने के लिए कटिबद्ध रहेंगे। इस अवसर पर कोली समाज के राष्ट्रीय उपाध्यक्ष घनश्याम शेर, अर्जुनसिंह शाक्यवार, कोरी/कोली समाज महापंचायत के संयोजक कैलाश चंद चौधरी, आर सी भस्नेइया, देवीशंकर कोटिया, ओमप्रकाश धीमान, दिनेश वर्मा, प्रहलाद टाटवाल, ईश्वर लाल सोनोटिया, हेमराज वर्मा, महेश वर्मा, कैलाश सम्भरवाल, सुनिल अस्टोलिया , मयंक वर्मा, अजय वर्मा, नवीन चौधरी, सुनील धीमान, रामप्रसाद शाक्य, दिनेश सनोटिया, परमानंद पिपरैया, महेश हलधर सहित बड़ी संख्या में समाजजन मौजूद थे। संचालन राष्ट्रीय महासचिव दिनेश वर्मा दानिश ने एवं विजय धामनिया ने आभार व्यक्त किया। Share this:Tweet Email a link to a friend (Opens in new window) Email Share on WhatsApp (Opens in new window) WhatsApp PostMoreLike this:Like Loading… Related पोस्ट नेविगेशन कुरैशी समाज जनकल्याण समिती कन्या निकाह योजना में सहयोग गुजरात: मोदी पर सवाल किया तो खैर नहीं- किसी को ठिकाने लगा दिया तो किसी ने पाला बदल लिया