सहायता समूह की महिलाएं कर रही काम-बाजार रेट से होगा काफी सस्तासंवाददाता -प्रवीण पाण्डेय (9303816202)सीधी। दीपावली के पावन पर्व पर जिले के लोगों को अपने घर रोशन करने के लिए गाय के गोबर से बने शुद्ध दीपक भी उपलब्ध हो सकेगे। गाय का गोबर हर तरह से शुद्ध माना जाता है। दीपावली के पावन एवं पवित्र त्योहार में घरों को गाय के गोबर से बने दीपकों से रोशन करने से यह त्योहार और अधिक पावन एवं पवित्र हो जाएगा। गाय के गोबर से दीपक बनाने वाले जिले के महिला स्व सहायता समूहों की आय में भी वृद्धि होगी, जिससे वह आर्थिक रूप से मजबूत बनेंगे और उनकी भी दीवाली अच्छी हो जाएगी।वहीं बाजार में मिलने वाले मोम व अन्य दीपकों की तुलना में यह सस्ता भी होगा, जिससे ग्राहकों को सहूलियत होगी। जिला प्रशासन एवं मप्र डे राज्य ग्रामीण आजीविका मिशन के तत्वाधान में गत वर्षों की तरह इस वर्ष भी गौ माता के गोबर से दिया बनाने का कार्य जिले के मझौली विकासखंड अंतर्गत अनुपम स्व सहायता समूह एवं तुलसी स्व सहायता समूह के द्वारा प्रारंभ कर दिया गया है। गौ माता के गोबर से बनाया गया दिया पूर्ण रूप से पवित्र है, स्व सहायता समूह की 15 महिलाओं ने इसके लिए प्रशिक्षण प्राप्त किया था, जो लगातार रंग-बिरंगे दीपक का निर्माण कर रही हैं। तुलसी स्व-सहायता समूह धनौर गौशाला संचालन का कार्य कर रही है, जहां से निकलने वाले गोबर दिया बनाने का कार्य शुरू किया गया है।आकर्षक बनाने रंगों का उपयोगगाय के गोबर से बनाए जाने वाले दीपक को आकर्षक बनाने के लिए विभिन्न रंगों का भी प्रयोग किया जा रहा है। हरे,नीले, लाल सहित अन्य रंगो का प्रयोग करने से गाय के गोबर से बने दीपक और अधिक आकर्षक दिखाई दे रहे हैं। दीपक को आकर्षक आकार के सांचे में ढालकर डिजाइन भी दी जा रही है, जिससे उनकी सुंदरता पर चार चांद लग रहे हैं। इससे बड़ी संख्या में महिलाओं को रोजगार मिल रहा है।हानिकारक केमिकल से मिलेगी मुक्तीजिला प्रबंधक पुष्पेंद्र सिंह ने बताया, इससे गोबर का सद्धपयोग होने के साथ ही समूह की महिलाओं को की आय बढ़ेगी। गौशाला चलाने चाले समूहों को भी इससे लाभ होगा। इसके साथ ही समाज के लोगों को हानिकारक केमिकल से रंगे दियों से मुक्ति मिलेगी। दीपावली शुद्ध और पवित्र होगी तो इसका लाभ भी इनका उपयोग करने वालों को मिलेगा। उन्होंने बताया, समूहों को इसी प्रकार के अन्य उत्पादों को बनाने के लिए लगातार प्रशिक्षित और प्रोत्साहिक किया जा रहा है। उन्हें जरूरी मार्केट भी उपलब्ध कराने के लिए लिए लगातार प्रयास कर रहे हैं।इनका कहना-समूह की महिलाओं ने दीपक निर्माण में बीते वर्षों में अच्छा मुनाफा कमाया था, जिसके कारण महिलाओं में दीपक बनाने को लेकर काफी उत्साह है और उम्मीद है कि इस वर्ष इसकी अच्छी खासी बिक्री होगी। Share this:Tweet Email a link to a friend (Opens in new window) Email Share on WhatsApp (Opens in new window) WhatsApp PostMoreLike this:Like Loading… Related पोस्ट नेविगेशन डढ़िया मे नदी से निकलकर घर के पास पहुंचा मगरमच्छ गुड्डू कलीम हत्याकांड में बंदूक बेचने वाले दुकानदार की दुकान सील