भोपाल। क्राइम ब्रांच की सायबर टीम ने शेयर मार्केटिंग के नाम पर 9 लाख रुपये की ऑनलाइन धोखाधड़ी करने वाले गिरोह के पांच सदस्यों को गिरफ्तार किया है। यह गिरफ्तारी मध्य प्रदेश के शिवपुरी और गुजरात के सूरत से की गई। गिरोह ने पीड़ित के नाती से संपर्क कर शेयर मार्केट में निवेश का लालच देकर बड़ी रकम ठगी थी, जिसे अलग-अलग बैंक खातों में ट्रांसफर किया गया।घटनाक्रम का खुलासा: मामले की शुरुआत उस वक्त हुई जब भोपाल निवासी एक महिला ने सायबर पुलिस में शिकायत दर्ज कराई। शिकायत के मुताबिक, अज्ञात व्यक्ति ने खुद को एक कंपनी का प्रतिनिधि बताते हुए महिला के नाती से शेयर मार्केट में निवेश के लिए संपर्क किया। उसने ‘एमआरटीईई मार्केटिंग प्राइवेट लिमिटेड’ नामक कंपनी के तहत अधिक रिटर्न का झांसा देकर 9 लाख रुपये आरटीजीएस के माध्यम से ट्रांसफर करा लिए।शिकायत मिलने के बाद भोपाल सायबर क्राइम टीम ने जांच शुरू की। जांच में सामने आया कि ठगी की राशि शिवपुरी के एक करंट बैंक खाते में जमा की गई थी। वहां से इसे विभिन्न खातों में ट्रांसफर कर दिया गया, और कुछ राशि को नगद निकासी के जरिए निकाल लिया गया। इसके बाद सायबर क्राइम टीम ने तकनीकी साक्ष्यों के आधार पर आरोपियों की पहचान कर गिरफ्तारी की कार्रवाई की।शिवपुरी में गिरफ़्तारी:शिवपुरी से दो लोगों को गिरफ्तार किया गया। पहला आरोपी रामनाथ लोधी (45), जो शिवपुरी के पिछोर का निवासी है, उसने ठगी में इस्तेमाल बैंक खाते को अपने नाम पर खुलवाया था। दूसरा आरोपी धनीराम जाटव (27) है, जिसने रामनाथ से खाता खरीदा और कमीशन पर अन्य ठगों को बेच दिया। यह खाता धोखाधड़ी के लिए इस्तेमाल हुआ, जिसमें करीब 80 लाख रुपये का ट्रांजेक्शन पाया गया।सूरत में गिरफ्तारी:सूरत, गुजरात से तीन आरोपियों को गिरफ्तार किया गया। बांभनीया शांति (25), परमार कमलेश (29), और प्रजापति अश्विन (35) ने ठगी के पैसे अपने खातों में जमा कराए और नगद निकासी की। बांभनीया और परमार के नाम पर बैंक खाते थे, जबकि अश्विन ने कमीशन लेकर इन खातों को ठगों को बेचा।पुलिस की कार्रवाई: भोपाल सायबर टीम ने वरिष्ठ अधिकारियों के निर्देश पर तेजी से कार्रवाई करते हुए शिवपुरी और सूरत से आरोपियों को गिरफ्तार किया। पुलिस ने सभी आरोपियों के खिलाफ अपराध क्रमांक 133/2024 के तहत धोखाधड़ी और अन्य धाराओं में केस दर्ज किया है। इस मामले में साइबर तकनीक के इस्तेमाल से पुलिस ने बैंक खातों की जांच की और आरोपी गिरोह तक पहुंचने में सफलता पाई।गिरफ्तार आरोपियों के नाम 1. रामनाथ लोधी (45) – शिवपुरी निवासी, बैंक खाते का धारक। 2. धनीराम जाटव (27) – शिवपुरी निवासी, बैंक खाता एजेंट। 3. बांभनीया शांति (25) – सूरत निवासी, बैंक खाते की धारक। 4. परमार कमलेश (29) – सूरत निवासी, बैंक खाते का धारक। 5. प्रजापति अश्विन (35) – सूरत निवासी, बैंक खाते का एजेंट।………धोखाधड़ी का तरीका: आरोपी गिरोह ने बड़ी योजना के तहत पीड़ित से संपर्क कर उसे शेयर मार्केटिंग में निवेश का लालच दिया। इसके बाद, ठगी के पैसे शिवपुरी और सूरत के खातों में ट्रांसफर कर लिए गए। आरोपियों ने इन खातों से नगद निकासी कर पैसे ठगों तक पहुंचाए। मामले में आगे की जांच जारी है और पुलिस अन्य आरोपियों की तलाश में है।इस पूरे ऑपरेशन में सायबर क्राइम टीम ने तकनीकी जानकारियों का इस्तेमाल कर धोखाधड़ी की गहराई से पड़ताल की और आरोपियों को गिरफ्तार किया। पुलिस अब इस गिरोह के अन्य संभावित सदस्यों और उनके ठगी के तरीकों की जांच कर रही है। Share this:Tweet Email a link to a friend (Opens in new window) Email Share on WhatsApp (Opens in new window) WhatsApp PostMoreLike this:Like Loading… Related पोस्ट नेविगेशन रीवा में परम संत सतगुरू बाबा ईश्वरशाह साहिब का सत्संग हुआ सम्पन्न। 78 साल के आउट सोर्स कर्मचारी को बनाया 16 शाखा का प्रभारी अधिकारी