महीने में दो दिन इंदौर आकर देंगे सेवाएं, सर्जरी के बिना मरीज को ठीक करना मुख्य लक्ष्यजोड़ प्रत्यारोपण में हर साल 30 प्रतिशत मामले बढे, सुयोग हॉस्पिटल मल्टी स्पेशलिटी सेवाएं देगा साथ ही कम दर में उपचार भी उपलब्ध कराएगा10 से अधिक अत्याधुनिक आईसीयू, के साथ सुयोग हॉस्पिटल तैयारइंदौर। आमिर खान। दिल्ली के 5000 से अधिक मरीजो को घुटनों व हिप रिप्लेसमेंट सर्जरी का लाभ देकर सफल जिंदगी का उपहार देने व इलाज करने वाले मशहूर विशेषज्ञ इंदौर में 2 दिन अपनी सुविधाए देंगे ।उनका सर्जरी के बिना फिजियोथैरेपी और दवाइयां के माध्यम से सही उपचार उपलब्ध कराकर मरीजों को ठीक करना लक्ष्य है।उनके अनुसार तेजी से बिगड़ी लाइफस्टाइल और फास्ट फूड खाने की वजह से मोटापा घुटनों और हिप रिप्लेसमेंट की तरफ धकेल रहा है। सही लाइफस्टाइल अपनाकर जोड़ प्रत्यारोपण जैसी बड़ी सर्जरी से बचा जा सकता है। भंवरकुआं क्षेत्र स्थित सुयोग मल्टी स्पेशलिटी हॉस्पिटलमरीजो को रिआयति दर में इलाज उपलब्ध कराने जा रहा है ।इसी कड़ी में दिल्ली के सबसे बड़े हॉस्पिटल सर गंगाराम के सीनियर विशेषज्ञ डॉक्टर निपुण राणा हफ्ते में दो दिन इंदौर के मरीजों को स्वास्थ्य लाभ व परार्मश देंगे ।उन्होंने बताया कि भारत में घुटने की परेशानियां लगातार बढ़ती जा रही है। वेस्टर्न कंट्रीज में हिप रिप्लेसमेंट की सर्जरी ज्यादा होती है वहीं हमारे यहां नी रिप्लेसमेंट ज्यादा होते हैं। हर साल नी रिप्लेसमेंट सर्जरी में 30% की वृद्धि हो रही है, इसका का सबसे बड़ा कारण लाइफस्टाइल के फर्क का है। सुयोग हॉस्पिटल के प्रबंधक अनिल बाहेती ने जानकारी देते हुए बताया कि हॉस्पिटल में आयुष्मान के तहत निशुल्क उपचार भी मुहया कराया जाएगा हॉस्पिटल अगले महीने से घुटनों की सर्जरी, हड्डी से संबंधित ऑपरेशन, नेफ्रोलॉजी,किडनी सर्जरी, नाक कान गला सर्जरी, कैंसर के ऑपरेशन व ट्रीटमेंट के साथ कीमोथेरेपी भी उचित दर पर उपलब्ध कराएगा। बढ़ती उम्र के साथ ऑस्टियो अर्थराइटिस होने का खतरा ज्यादाडॉ राणा के अनुसार वेट ज्यादा होने के कारण बढ़ती उम्र के साथ ऑस्टियो अर्थराइटिस होने का खतरा काफी ज्यादा रहता है। लोगों के घुटने घिस जाते हैं और उन्हें अपने डेली रूटीन को ही पूरी करने में परेशानी होने लगती है। इस वजह से लोग घुटने में परेशानी शुरू होने के साथ ही अब रिप्लेसमेंट कराकर क्वालिटी ऑफ लाइफ को एंजॉय कर रहे है।लेकिन अगर आप छोटी उम्र में सही डाइट लेते है तो वह ताउम्र काम आती है। इसके अलावा हर व्यक्ति को दिन में एक घंटा एक्सरसाइज जरूरी करनी चाहिए। भारत में महिलाओं की हड्डियां बहुत कमजोर होती हैं ऐसा कैल्शियम की कमी की वजह से होता है। ऐसे में जरूरी है कि कैल्शियम युक्त पौष्टिक आहार लेते रहे। उन्होंने मरीजो को नी रिप्लेसमेंट में कौन से इम्प्लांट का इस्तेमाल करना चाहिए इसके बारे में जानकारी दी। 25 मरीजों की जांच और एक ऑपरेशन अस्पताल के निर्देशक ललित काकानी ने बताया कि दिल्ली से आ रहे विशेषज्ञ डॉक्टर राणा आज और कल23 अक्टूबर को लगभग 25 मरीजों की जांच करेंगे। वे मरीजों को न केवल परामर्श देंगे बल्कि सही लाइफस्टाइल के तरीके भी बताएंगे। सुयोग हॉस्पिटल में लंबे समय से इलाज ले रही पेसेंट पीथमपुर निवासी सुषमा कबरा का नी रिप्लेसमेंट रीआयती दर पर किया जाएगा। हॉस्पिटल में हड्डी रोग विशेषज्ञों के तौर पर डॉ मुर्तजा रस्सीवाला ,डॉ अंबर मित्तल, डॉक्टर जुझर अहमद, डॉक्टर सौमित्र दुबे के साथ डॉक्टर हुसैन सबदर अली अपनी सेवाएं दे रहे हैं।1991 से आज तक तैनातअस्पताल के प्रबंधक अनिल बाहेती ने बताया कि हॉस्पिटल 1991 से इंदौर के मरीजों को अच्छा इलाज और उचित सुविधाएं उपलब्ध कराता आ रहा है ।सर्जन डॉ आर एस बंग के नेतृत्व से 2018 मैं इसे मल्टी स्पेशलिस्ट हॉस्पिटल का दर्जा मिल गया है अब यहां हर तरह की सुविधा हाईटेक मशीनों के साथ उपलब्ध कराई जा रही हैं 10 आईसीयू, 5 अत्यधिक आईसीयू की सुविधा के साथ दो गायनिक ओटी भी यहां स्थापित की गई है। चाइल्ड स्पेशलिस्ट कॉर्नर में एनआईसीयू की व्यवस्था के साथ वार्मर व फोटोथेरेपी उपकरण भी उच्चतम तकनीक के लगाए गए हैं।डॉ राणा- परमार्थ के साथ इलाज-पैर और टखने की सर्जरी मैं महारत हासिल कर चुके डॉक्टर राणा एमसीएच, एमबीबीएस, डीएनबी कई देशों में फेलोशिप कर चुके है- नेशनल यूनिवर्सिटी हेल्थ साइंसेज (एनयूएचएस), सिंगापुर, लॉड क्लिनिक मुंबई, इन्फेंटा लियोनोर यूनिवर्सिटी हॉस्पिटल, मैड्रिड, स्पेन में फेलोशिप के बाद डॉ. निपुण राणा एक भावुक और उत्साही आर्थोपेडिक सर्जन हैं, जिन्हें एक दशक से अधिक का अनुभव है। आर्थोप्लास्टी के क्षेत्र में दिग्गज प्रोफेसर डॉ ओ एन नागी के मार्गदर्शन में प्रतिष्ठित सर गंगा राम अस्पताल से स्नातकोत्तर (2013) पूरा करने के बाद, उन्होंने केंद्र सरकार के संस्थान- सफदरजंग अस्पताल और राम मनोहर लोहिया अस्पताल (जिसे पहले विलिंगटन अस्पताल के नाम से जाना जाता था) नई दिल्ली से अपनी सीनियर रेजीडेंसी ट्रेनिंग की। इसके बाद, उन्होंने इन्फेंटा लियोनोर यूनिवर्सिटी हॉस्पिटल, मैड्रिड, स्पेन और लॉड क्लिनिक मुंबई जैसे विभिन्न राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय स्तर पर प्रसिद्ध संस्थानों में फेलो के रूप में काम किया। अपने सीनियर रेजीडेंसी के दौरान, उन्होंने घुटने के जोड़ में विभिन्न आर्थ्रोस्कोपी प्रक्रियाओं में अतिरिक्त प्रशिक्षण भी प्राप्त किया। 2018 में, उन्हें जॉइंट रिप्लेसमेंट और फुट एंड एंकल सर्जरी में आगे का अनुभव हासिल करने के लिए नेशनल यूनिवर्सिटी ऑफ़ हेल्थ साइंसेज (NUHS), सिंगापुर के तहत नेशनल यूनिवर्सिटी हॉस्पिटल में क्लिनिकल फेलो के रूप में चुना गया था। बाद के वर्षों में वे कई धर्मार्थ और गैर-लाभकारी कार्यों का भी हिस्सा रहे हैं जैसे पवित्र तीर्थस्थल अमरनाथ यात्रा में चिकित्सा शिविर आयोजित करना, जिला अस्पताल लेह में शल्य चिकित्सा शिविर आयोजित करना, 10 दिनों के अंतराल में 11500 फीट की ऊंचाई पर 80 से अधिक संयुक्त प्रतिस्थापन करना और हिमाचल प्रदेश के ग्रामीण क्षेत्र में विशेषज्ञ सेवा प्रदान करना- उनकी विशेष उपलब्धि है।उन्हें घुटने और कूल्हे के प्रतिस्थापन के लिए न्यूनतम इनवेसिव सर्जरी (एमआईएस) करने के लिए प्रशिक्षित किया गया है, जिसमें नरम ऊतकों को न्यूनतम चोट के साथ तकनीक का उपयोग किया जाता है।वह एक डॉक्टर के रूप में जनता की सेवा करने, स्वास्थ्य, शिक्षा और प्रशिक्षण को बढ़ावा देने के अपने कर्तव्य को पूरा करने के लिए तत्पर हैं। इन बातो का रखें ध्यान– अपने वजन को नियंत्रित रखें– रेगुलर एक घंटे एक्सरसाइज करें– बढ़ती उम्र के साथ नीचे बैठने की आदत को बंद कर देना चाहिए।– वेस्टर्न टॉयलेट का इस्तेमाल करने पर ज्वाइंट पर लोड नहीं आता है।– हेल्दी डाइट और लाइफस्टाइल को फॉलो करें– उम्र के साथ विटामिन डी का खास ध्यान रखें– कम उम्र में खाया केल्शियम अधिक उम्र में काम आता है इस लिए मिल्क प्रोडक्ट का सेवन अच्छे से करें। Share this:Tweet Email a link to a friend (Opens in new window) Email Share on WhatsApp (Opens in new window) WhatsApp PostMoreLike this:Like Loading… Related पोस्ट नेविगेशन एनसीएल में दीर्घकालिक विकास की दिशा में कार्य साधना सिंह का पोस्ट मास्टर के पद पर हुआ चयन,विद्यालय के संचालक, प्राचार्य, एवं शुभचिन्तको ने दी बधाई एवं शुभकामनाएं।