इंदौर। इंदौर शहर में आए दिन कई शिकायते आती है जमीनों प्लाट कालोनी को लेकर, शासन प्रशासन की जनसुनवाई में आते हैं हजारों आवेदन। इन आवेदनों के जांचों के लिए कई में गठित की गई कई नियम लागू किए गए पर इतनी शक्ती होने के बाद भी आम जनता से धोखाधड़ी की कई मामले सामने। इंदौर में से कई मामले हैं एक ही प्लांट को चार-चार लोगों को बेच दिए गए हैं। और उन प्लाट धारकों से मोटी रकम ली गई पर प्लाट कालोनी में निवास तक नहीं मिला। कुछ महीनों में पता चलता है की उनके साथ धोखाधड़ी हो गई है। उनके जीवन भर की पूजी में पानी फिर गया। तब अपनी फरियाद लेकर शासन प्रशासन विभागो के दफ्तरों के चक्कर लगाते रहते हैं। कुछ कोर्ट कचहरी में ही सालों बीत जाते हैं। जब की इन मामलों में जांच के साथ कड़े नियम लागू करने की जरूरत है। कई बार ऐसा भी हुआ है की नगर निगम का बुल्डोजर तक चले कई मकानों को जमींदोज किया और कुछ घंटों बाद कोर्ट से इस्टे मिला। पर नगर निगम तब कह सोती रहती है जब कालोनी या प्लाट मकान बनाए बेचें जाते हैं, रजिस्ट्री तक हो जाती है। तब तो सिर्फ शुभ लाभ में मन लागा रहता है। जब कभी सत्य उजागर होता है तो निगम अपनी नकामी छुपाने के लिए कार्यवाही करती है। वही आम जनता कब तक इन चक्करो में लगी रहेगी न्याय की उम्मीद में… कोई तो हल निकाला जाए इन गरीबों का. कब्जे धारियों ने महिला के कपड़े फांड़ेइंदौर. शहर का बड़ा भूमाफिया क्षेत्र के नाम शामिल हैं वह खजराना क्षेत्र। थाने में जितने प्रकरण अपराध के नही पहुचते उतने तो कब्जे प्लाट के आते हैं। ऐसा ही एक मामला खजराना थाने पहुचा जहां पिड़ता असमा अंसारी पति साजिद अंसारी ने बताया कि खजराना के न्यू ख़िज़रा बाद कॉलोनी में उनके के पिता ने वर्ष 1991 में कॉलोनाईज़र स्तियाक अली से आठ सौ स्क्वेअर फीट का प्लाट लिया था जिसे बाद में पिता ने गिफ्ट कर दिया था।। वर्ष 2023 में अमजद अली, पोली बी , जमिल खान द्वारा कुट रचित कर प्लाट पर कब्जा कर लिया गया। विवाद के बाद आधे हिस्से में मोमिन खान ने अपना निर्माण शुरू किया और आधे प्लाट पर अमज़द अली द्वारा कब्जा कर जब मकान का कार्य शुरू किया गया तब असमा अंसारी द्वारा अपत्ती जताई गई लेकिन अमज अली ने असमा से झगड़ा वहां से भगा दिया। जिस पर असमा ने थाने की शरण ली, ओर कब्जा धारियों पर प्रकरण दर्ज किया गया लेकिन इसी प्लाट पर अमजद अली द्वारा स्टे ले लिया गया जिस के चलते कार्य रूक गया. स्टे को छः महीने बीत चुके है और प्रकारण न्यायालय में विचाराधीन होने के बाद भी 26 सितंबर 2024 को अमजद के द्वारा निर्माण शुरू किया गया। जब पिड़िता असमा द्वारा इस कार्य पर अपत्ती जताई तब अमजद द्वारा आभद्रता करते हुए पीड़िता के साथ मार पीट की गई और वहां से भागा दिया गया । अब पीड़ित महिला अपने प्लाट के लिए दर दर भटक रही है हलां की पीड़ित महिला ने सीएम हैल्प लाईन पर अपनी शिकायत दर्ज करवाई है. असमा इस पूरे मामले के पिछे मकसूद शाह का षड़यंत्र बता रही है. इस मामले की सुनवाई कोर्ट में चल रही है और इधर प्लाट पर कब्जे किए जा रहे नोटिस लगे होने के बावजूद. Share this:Tweet Email a link to a friend (Opens in new window) Email Share on WhatsApp (Opens in new window) WhatsApp PostMoreLike this:Like Loading… Related पोस्ट नेविगेशन एमरल्ड स्कूल मामले में जांच कमेटी का गठन.. विश्व पर्यावरण स्वास्थ दिवस पर पर्यावरण प्रदुषण जागरूकता प्रदर्शनी का आयोजन