इंदौर। प्रदीप चौधरी। जिला न्यायालय, श्रम न्यायालय, परिवार न्यायालय एवं तहसील न्यायालयों में नेशनल लोक अदालत का आयोजन 14 सितम्बर कोराष्ट्रीय विधिक सेवा प्राधिकरण नई दिल्ली एवं मध्यप्रदेश राज्य विधिक सेवा प्राधिकरण जबलपुर के निर्देशानुसार एवं प्रधान जिला एवं सत्र न्यायाधीश /अध्यक्ष जिला विधिक सेवा प्राधिकरण इन्दौर श्री बी.पी. शर्मा के मार्गदर्शन में 14 सितम्बर, 2024 (शनिवार) को नेशनल लोक अदालत का आयोजन किया जायेगा। इसके अंतर्गत जिला न्यायालय, श्रम न्यायालय, परिवार न्यायालय एवं तहसील स्तर पर तहसील न्यायालय, डॉ. अम्बेडकर नगर, देपालपुर, सांवेर व हातोद में नेशनल लोक अदालत का आयोजन किया जायेगा। आयोजित नेशनल लोक अदालत में विभिन्न न्यायालयों में लंबित प्रकरण राजीनामे हेतु रखे गये हैं, जिनके अंतर्गत राजीनामा योग्य आपराधिक, सिविल, मोटर दुर्घटना क्लेम, विद्युत, चेक बाउंस, बैंक रिकवरी, जलकर, भू-अर्जन, वैवाहिक, अन्य प्रकरणों के साथ ही बैंक रिकवरी, विद्युत व अन्य से संबंधित प्री-लिटिगेशन प्रकरण राजीनामे के आधार पर निराकरण हेतु रखे जा रहे हैं। जिला विधिक सहायता अधिकारी श्री मिथिलेश डेहरिया ने बताया कि राज्य शासन द्वारा निर्णय लिया गया है कि विद्युत अधिनियम, 2003 की धारा 135 के अंतर्गत न्यायालयों में लंबित प्रकरणों के निराकरण के लिए 14 सितम्बर को होने वाली नेशनल लोक अदालत में लंबित प्रकरणों में निम्न समस्त घरेलू, समस्त कृषि, 5 किलोवाट भार तक के गैर घरेलू, 10 अश्वशक्ति भार तक के औद्योगिक उपभोक्ताओं को नियम एवं शर्तों के अधीन प्रीलिटिगेशन एवं लीटिगेशन स्तर पर छूट दी जाएगी। प्री-लिटिगेशन स्तर पर कम्पनी द्वारा आंकलित सिविल दायित्व की राशि पर 30 प्रतिशत एवं आंकलित राशि के भुगतान में चूक किये जाने पर निर्धारण आदेश जारी होने की तिथि से 30 दिवस की अवधि समाप्त होने के पश्चात प्रत्येक छः माही चक्र वृद्धि दर अनुसार 16 प्रतिशत प्रतिवर्ष की दर से लगने वाले ब्याज की राशि पर 100 प्रतिशत की छूट दी जाएगी। प्री-लिटिगेशन स्तर पर कम्पनी द्वारा आंकलित सिविल दायित्व की राशि पर 20 प्रतिशत एवं आंकलित राशि के भुगतान में चूक किये जाने पर निर्धारण आदेश जारी होने की तिथि से 30 दिवस की अवधि समाप्त होने के पश्चात प्रत्येक छः माही चक वृद्धि दर अनुसार 16 प्रतिशत प्रतिवर्ष की दर से लगने वाले ब्याज की राशि पर 100 प्रतिशत की छूट दी जायेगी। उपरोक्तानुसार छूट नियम एवं शर्तों के तहत दी जाएगी। इसके लिये आवेदक को निर्धारित छूट के उपरांत शेष देय आंकलित सिविल दायित्व की राशि का एकमुश्त भुगतान करना होगा। उपभोक्ता / उपयोगकर्ता की विचाराधीन प्रकरण वाले परिसर एवं अन्य परिसरों पर उसके नाम पर किसी अन्य संयोजन / संयोजनों के विरूद्ध विद्युत देयकों की बकाया राशि का पूर्ण भुगतान भी करना होगा। आवेदक के नाम पर कोई विधिक संयोजन न होने की स्थिति में छूट का लाभ प्राप्त करने हेतु आवेदक द्वारा विधिक संयोजन प्राप्त करना एवं पूर्व में विच्छेदित संयोजनों के विरूद्ध बकाया राशि (यदि कोई हो) का पूर्ण भुगतान किया जाना अनिवार्य होगा। नेशनल लोक अदालत में छूट आवेदक द्वारा विद्युत चोरी/अनाधिकृत उपयोग पहली बार किये जाने की स्थिति में ही दी जाएगी। विद्युत चोरी/अनाधिकृत उपयोग के प्रकरणों में पूर्व की लोक अदालत/अदालतों में छूट प्राप्त किए उपभोक्ता / उपयोगकर्ता छूट के पात्र नहीं होगें। सामान्य विद्युत देयकों के विरूद्ध बकाया राशि पर कोई छूट नहीं दी जाएगी। 14 सितम्बर को आयोजित होने वाली लोक अदालत में उपरोक्तानुसार दी जा रही छूट आंकलित सिविल दायित्व राशि 50 हजार मात्र तक के प्रकरणों के लिये सीमित रहेगी। उक्त छूट मात्र नेशनल लोक अदालत में समझौता करने के लिए ही लागू रहेगी। अपराध शमन फीस अधिनियम के प्रावधान अनुसार वसूल की जायेगी। जिला न्यायाधीश/सचिव जिला विधिक सेवा प्राधिकरण श्री आसिफ अहमद अब्बासी ने पक्षकारों से अपील की है कि वे अपने मामले अधिक से अधिक संख्या में नेशनल लोक अदालत के समक्ष प्रस्तुत करवाकर प्रावधानित छूट का लाभ प्राप्त करें। NGT के आदेश पर SC की रोक, गणपति विसर्जन के लिए 30 से ज्यादा लोगों को जाने पर लगाया था प्रतिबंधित। CBI केस में अरविंद केजरीवाल की जमानत पर सुप्रीम कोर्ट का फैसला कल कल जमानत मिल सकती है केजरीवाल को Share this:Tweet Email a link to a friend (Opens in new window) Email Share on WhatsApp (Opens in new window) WhatsApp PostMoreLike this:Like Loading… Related पोस्ट नेविगेशन महिला पटवारी से छेड़खानी के आरोपी को कोतवाली पुलिस ने किया गिरफ्तार नशा तस्करी करते 8 माह में 167 तस्कर चढ़े पुलिस के हत्थे