इंदौर। अंकुल प्रताप सिंह….बेबाक कलमजी हां ऐसा ही कुछ नज़ारा इंदौर शहर में देखने को मिल रहा है. लंबे इंतजार के बाद इंदौर में बरसात प्रारंभ हुई है, इसके बाद से कुछ ऐसे नजारे देखने को मिल रहे हैं, जो कि नगर निगम के हर सवालों के जवाब दे रहे हैं….आपने जो सुना और देखा सच है कि इंदौर शहर में पानी नहीं पानी में शहर है . जब से शहर में नाला टेपिंग हुई है तब से ही समस्या लगातार बनी हुई है, सड़के बन जाती है चंद मिनटों में नदियां….आज तो यह नजारा भी देखने को मिला जो शायद देखने को मिला नहीं विजयनगर पलासिया थाने में आप रिपोर्ट दर्ज करने के लिए आप नाव से जा सकते थे। थाना प्रभारी के कछ तक पानी…. जिसका वीडियो सोसल मीडिया पर वायरल हो रहा है…नगर निगम अपने कामों में इतना मगन है, एक पल की फुर्सत नहीं, जिम्मेदारी सौंपी है जो बड़ी, दे भ्रष्टाचार की, शायद ही इनको इधर नजर आता हो की जल भराव हो रहा है। क्युकी सभी कार्य काग़ज़ पर हो गए हैं जल निकासी की व्यवस्था तक। क्योंकि इनको शुभलाभ का जो चस्का लग गया है, उसके बिना कोई कार्य नहीं होता। करोड़ों रुपए का भ्रष्टाचार हमारे इंदौर नगर निगम में देखने को मिला। मध्य प्रदेश का सब से बड़ा भ्रष्टाचार …! यही भ्रष्टाचार की देन है कि पूरे शहर भर में चंद मिनट की बारिश में शहर की सड़के बन जाती है नदियां तालाब तैरने लगते हैं इसमें लोग।इन तस्वीरों को देखकर यह तो साफ है कि सड़के तो बनी पर इंजीनियर ने कभी गौर नहीं किया अपने काम पर, न कभी ध्यान दिया। सब पैसे के बलबूते पर हुआ क्योंकि हर साल सड़क को तोड़कर बनाने का जो निर्णय होता है खोदो बनाओ खोदो बनाओ यही चलता रहता है। इसमे सब से बड़ा हाथ राजनीति पार्टियों का भी होता है, जो इन कार्यों को निरंतर जारी रखते हैं और ध्यान तक नहीं देते..…..इंदौर की सड़के तो मलेशिया से भी काम नहीं, इन सड़कों में सड़के तो काम गड्ढे ज्यादा है, अगर गिरे तो हाथ पांव का कोई भरोसा नहीं है, पर पानी भर जाने की वजह से यह गड्ढे दूर से नजर तक नहीं आते जब तक कोई बड़ा हादसा ना हो जाए पिछले वर्ष भी कई लोगों ने अपनी जान इन गड्ढों में जाने की वजह से गवाई है।पर भला हो हमारे नगर निगम का और राजनीतिक पार्टियों का जो अपने मतलब के लिए इस ओर ध्यान नहीं देती।जब बरसात के मौसम में बारिश का पानी घरों तक घुसने लगता है तब जाकर कहीं नगर निगम और राजनीतिक दल की कुंभकरण की निद्रा खुल जाती है,तब कार्य करते ऐसे नजर आएंगे कि जैसे इनके सिवा इस शहर को कोई और बचा ही नहीं सकता था।अगर इससे पहले ड्रेनेज लाइन की सुविधा को दुरुस्त कर दिया जाता सड़कों के पानी की निकासी की व्यवस्था की गई होती तो आज यह दिन देखने को नहीं मिलते।पता नहीं कैसे इंदौर शहर सात सितारे लेकर आया है , शायद शहर को जलमय करने के लिए सितारे मिले हैं…..अच्छा हुआ भ्रष्टाचार के नाम पर सड़के तो बची हुई है नहीं तो यहां पानी भी नहीं टिकता, पानी के साथ सड़के तक बह जाती.निचली बस्तियों में जल भराव हुआ है वहां इंदौर नगर निगम के द्वारा राहत कार्य जारी है और साथ ही नगर निगम की टीम और राजनीतिक दल अपने कार्य को बखूबी जानते है। इंदौर में लगातार बारिश से कई निचली बस्तियां जलमग्न होगई है जिससे वहां रहने वालों के लिए समस्या खड़ी होगई है , ऐसे मे किसी भी चिकित्सा सहायता , भोजन आदि की सहायता हेतु 88274-03046 अदभुत कम्युनिटी पर सम्पर्क करें । Share this:Tweet Email a link to a friend (Opens in new window) Email Share on WhatsApp (Opens in new window) WhatsApp PostMoreLike this:Like Loading… Related पोस्ट नेविगेशन नंबर वन,,, फिर भी टेपा का टेपा हमारा इंदौर,,,,, पब्लिक प्लेस में गांजा पीते, दो आरोपी को पुलिस ने किया गिरफ्तार.