भोपाल।मध्य प्रदेश की मोहन यादव सरकार ने 15 अगस्त के पहले मंत्रियों को प्रभार वाले जिले आवंटित कर दिए हैं। मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने प्रदेश की व्यावसायिक राजधानी इंदौर का प्रभार अपने पास रखा है। वरिष्ठ मंत्रियों को दो दो जिलों का प्रभारी बनाया गया है। मंत्रियों को जिलों के प्रभार का इंतजार सोमवार रात खत्म हो गया। मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने मंत्रियों को आठ महीने बाद जिलों का प्रभार सौंप दिया। सोमवार रात को मंत्रियों के प्रभार की सूची जारी कर दी गई। मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने इंदौर का प्रभार अपने पास रखा है। वहीं, नगरीय विकास मंत्री कैलाश विजयवर्गीय को सतना और धार दो जिलों का प्रभार सौंपा है। इसके अलावा उपमुख्यमंत्री जगदीश देवड़ा को जबलपुर, देवास और राजेंद्र शुक्ल को सागर व शहडोल का जिम्मा दिया गया। मंत्री कुंवर विजय शाह को रतलाम, झाबुआ, प्रहलाद पटेल को भिंड, रीवा, राकेश सिंह को छिंदवाड़ा, नर्मदापुरम, मंत्री करण सिंह वर्मा को मुरैना, सिवनी, मंत्री उदय प्रताप सिंह को बालाघाट, कटनी, मंत्री संपतिया उइके को सिंगरौली, अलीराजपुर, तुलसी सिलावट को ग्वालियर, बुरहानपुर, एदल सिंह कंसाना को दतिया, छतरपुर, निर्मला भूरिया को मंदसौर, नीमच, गोविंद सिंह राजपूत को नरसिंहपुर, गुना, विश्वास सारंग को खरगोन, हरदा, नारायण सिंह कुशवाह को शाजापुर, निवाड़ी, नागर सिंह चौहान को आगर और उमरिया, प्रद्युम सिंह तोमर को शिवपुरी, पांढूर्ना, चैतन्य कुमार काश्यप को भोपाल, राजगढ़, इंदर सिंह परमार को पन्ना, बड़वानी, राकेश शुक्ला को श्योपुर, अशोकनगर, रामनिवास रावत को मंडला, दमोह, कृष्णा गौर को सीहोर, टीकमगढ़ का प्रभारी बनाया गया है। वहीं धर्मेंद्र सिंह लोधी को खंडवा, दिलीप जायसवाल को सीधी, गौतम टेटवाल को उज्जैन, लखन पटेल को विदिशा, मऊगंज, नारायण सिंह पवार को रायसेन, नरेंद्र शिवाजी पटेल को बैतूल, प्रतिभा बागरी को डिंडौरी, दिलीप अहिरवार को अनुपपूर और राधा सिंह को मैहर का प्रभार सौंपा है। Share this:Tweet Email a link to a friend (Opens in new window) Email Share on WhatsApp (Opens in new window) WhatsApp PostMoreLike this:Like Loading… Related पोस्ट नेविगेशन किसान उत्पादक संगठन एवं कृषि अधोसंरचना निधि अन्तर्गत जिला स्तरीय मॉनिटरिंग समिति की बैठक तथा जागरूकता कैम्प का आयोजन किया गया। स्वाधीनता दिवस: सशक्त और आत्मनिर्भर राष्ट्र के रूप में बनी पहचान — क्या पिछड़ों और दलितों को मिला उनका हक ….?