ग्राम पंचायत एवं शासन प्रशासन के द्वारा नही दिया जाता ध्यान। सिरमौर/कुशमेन्द्र सिंह। रीवा जिले के सिरमौर जनपद पंचायत अंतर्गत ग्राम पंचायत डिहिया के अरखा टोला के लोग आजादी के 76 वर्ष बाद भी नरकीय जीवन जीने को मजबूर हैं। लेकिन प्रदेश सरकार हर मंच में लच्छेदार भाषण देती नही थकती है कि प्रदेश के हर गांव को समृद्ध एवं मुख्य मार्गो से जोड़ दिया गया है। चारो ओर बिजली एवं सड़क का जाल बिछा दिया गया है लेकिन अरखा टोला के सड़क की हालत देखकर लगता है कि नेताओ और प्रदेश सरकार की घोषणाएं सिर्फ कागजो तक ही सीमित रह गयी है। विकास के नाम पर प्रदेश सरकार और चुने हुए प्रतिनिधियों द्वारा झूठा भाषण दिया जाता है। आपको बता दे कि इस गांव में लगभग 300 परिवार के 1000 लोग रहते है बरसात के मौसम में यहा के लोगो का निकलना मुश्किल हो जाता है सड़क नही होने से बरसात के 4 माह स्कूली बच्चों सहित ग्रामीण गांव में ही कैद हो जाते है यदि कोई बीमार पड़ जाए या डिलेवरी का केश आ गए तो खाट से मुख्य मार्ग तक पहुचाया जा सकता है। परन्तु चुने हुए जनप्रतिनिधियों को उनकी कोई परवाह ही नही है सिर्फ चुनाव के समय आते है आश्वासन देते है इसके बाद सारे आश्वासन भूल जाते है।ग्रामीणों का कहना है कि अरखा टोले में अधिकतर एसटी/एससी,ओबीसी और सामान्य वर्ग के गरीब लोग रहते है। शायद इसीलिए जनप्रतिनिधियों को कोई फर्क नही पड़ता है। गांव के लोग तो यहा तक बताते हैं कि चुनाव के समय नेता सूर्य देवता की तरफ हाथ करके रोड बनवाने की कसम खाई थी ग्रामीणों नर बताया कि सांसद रीवा से भी शिकायते की गई थी लेकिन किसी के द्वारा ध्यान नही दिया जा रहा है। सांसद रीवा जनार्दन मिश्रा की बात की जाए तो वो गांव गए बगैर ही तीसरी बार सांसद बन गए है जिस पर गांव वाले कहते है कि “हम झूठ न बोलब सांसद नही आये रहे, न रोड बनावय का कहिन है।”सवाल यही कि क्या अरखा टोला के लोगों का कीचड़ भरा बनवास कोई खत्म करने की पहल करेगा या फिर ऐसे ही सबका साथ सबका विकास की टैगलाइन के साथ इस गांव को भुलाया जा चुका है।लेकिन गांव की हालत देखकर लगता है कि बरसात के समय में यहा के लोगो का जीवन नरकीय है। ग्रामीणों ने बताया कि गर्मी के मौसम में अधिकारियों द्वारा सड़क पर चूना डाला गया था तब ग्रामीणों को लगा की सड़क बन जायेगी। लेकिन जब बरसात आई तो पता चला की ग्रामीणों के जज्बातों के साथ खिलबाड़ किया गया है। इस संबंध में जब सिरमौर विधायक प्रतिनिधि (स्वास्थ्य विभाग) किशन शुक्ला से बात की गई तो उन्होंने बताया कि गांव के रास्ते प्राइवेट जमीन होने के बजह से निर्माण कार्य मे बाधा आ रही है फिर भी सिरमौर विधायक दिव्यराज सिंह के अथक प्रयास से पीडब्ल्यूडी विभाग में जुड़वाया गया है बरसात के बाद निर्माण कार्य कराया जाएगा। वही मंडल सिरमौर सोसल मीडिया प्रभारी पंकज सिंह बघेल ने बताया कि बरौ मुख्य मार्ग से होते हुए फरहदमोड़ से डिहिया ग्राम पंचायत के अरखा टोला तक 3 किलोमीटर के रास्ते नही होने से कई गांवों के लोगो को परेशानी का सामना करना पड़ता है जिसे देखते हुए सिरमौर विधायक जी ने पीडब्ल्यूडी विभाग को स्वीकृति हेतु पत्र लिखा गया है स्वीकृति के बाद निर्माण कार्य कराया जाएगा। सड़क न होने के बजह से कई गांव जैसे फरहद, डिहिया,पूर्वा बदराव गौतमान, महरी, गहनौवा, तिविरियान गांव प्रभावित है। यदि ये सड़क बन जाती है तो जिला मुख्यालय की 6 से 7 किलोमीटर की दूरी कम हो जाएगी औरकई गांवों के लोगो का रास्ता सुगम हो जाएगा।अब देखना यही होगा कि अरखा टोला के लोगो को सड़क नसीब होगी या यूं ही नरकीय जीवन जीने को मजबूर रहेंगे। Share this:Tweet Email a link to a friend (Opens in new window) Email Share on WhatsApp (Opens in new window) WhatsApp PostMoreLike this:Like Loading… Related पोस्ट नेविगेशन पूरे श्रावण मास महाप्रसादी पुलिस कमिश्नर इंदौर ने अपराधों पर अंकुश के लिए दिए विशेष आदेश.