सिंगरौली।जिला अंतर्गत शिक्षा एक बिजनेस बन चुका है, स्कूल संचालक, लड़कों से अच्छी खासी फीस वसूल रहें, और पढ़ाने वाले को को 2-3 हजार में 9-10 टीचर रख लेते हैं जो दिखावटी रहता है निजी स्कूल के प्रबंधन द्वारा मनमाने तरीके से बच्चों की स्कूल फीस बढ़ाने और उनकी ही किताब खरीदने के मामले के लेकर प्रदेश सरकार और जिला प्रशासन पूरी तरह से सख्त है. मीडिया की पहल पर हाल ही में मध्यप्रदेश के सिंगरौली जिले में तहसीलो में भरमार है जो बच्चों के भविष्य के साथ खिलवाड़ हो रहा है, जिसमें शासन का बड़ा एक्शन देखने मिला था। मध्य प्रदेश सरकार द्वारा मध्यप्रदेश निजी विद्यालय (फीस तथा संबन्धित विषयों का विनियमन) अधिनियम 2018 एवं नियम 2020 के प्रावधानों के तहत प्रदेश के सभी जिलों के कलेक्टर को आवश्यक कार्यवाही किए जाने के निर्देश जारी किए गए हैं. वहीं मध्य प्रदेश के स्कूल शिक्षा मंत्री ने इस बारे में कहा है कि हम फीस वृद्धि की समीक्षा ही कर रहे है. अगर किसी स्कूल में एक साथ पांच साल की फीस बढ़ाई है तो वो गलत है. अगर किसी स्कूल ने नियम से ज्यादा फीस बढ़ाई है तो कार्रवाई होगी. फीस वृद्धि को लेकर सभी कलेक्टर्स को निर्देश जारी कर दिए गए हैं. वे (कलेक्टर) अपने जिलों में फीस वृद्धि की जांच करेंगे। वहीं एक जांच एजेंसी द्वारा ग्रामीण शहरी क्षेत्रों में संचालित प्राइवेट स्कूलों की जांच सौंपी गई है, जिसके लिए एक निर्धारित प्रपत्र जारी किया गया है जिसमें स्कूल की समस्त जानकारी दी जाएगी, जिससे कार्यवाही करने में सरलता होगी। प्रत्येक तहसील में 3-4 स्कूलों का संचालन शासन द्वारा स्वीकृत होगा। राज्य शासन द्वारा मध्यप्रदेश निजी विद्यालय (फीस तथा संबन्धित विषयों का विनियमन) अधिनियम 2018 एवं नियम 2020 के प्रावधानों के तहत प्रदेश के समस्त जिलों के कलेक्टर्स को आवश्यक कार्यवाही किए जाने के निर्देश जारी किए गए हैं।अत्यधिक अवैध स्कूलों का संचालन एक बिजनेस तौर पर किया जा रहा है जिसमें सिंगरौली जिले के तहसील चितरंगी, देवसर, बरिगवां की अत्यधिक शिकायत हैं मनमाना फीस, बुक, कापी में भी कमीशन ले रहे प्राइवेट अत्यधिक अवैध स्कूले संचालित है। जांच दौरान अवैध संचालित स्कूलों पर संचालकों पर न्यायिक तौर पर सजा व जुर्माना लगाया जाएगा। Share this:Tweet Email a link to a friend (Opens in new window) Email Share on WhatsApp (Opens in new window) WhatsApp PostMoreLike this:Like Loading… Related पोस्ट नेविगेशन मुकेश उपाध्याय प्रदेश उपाध्यक्ष और युवराज सिंह प्रादेशिक संगठन मंत्री बनाए गए जमीनी विवाद में जबरन रोड बनाने को लेकर ममता पाण्डेय और आशा पाण्डेय के ऊपर हाइवा से मुरुम डालकर जान से मारने की गयी कोशिश।