इंदौर। आमिर खान। म.प्र. विद्युत मंडल का एक और कारनामा, कुछ सालों पहले यह योजना बनाई गई की, तारों से मुक्ति मिले, तारों को हटाकर उसके स्थान पर मोटी केबल लाईन डाली जायेगी इससे जो फायदे गिनाए उसमें मैटेनस कम, फाल्ट होने का खतरा कम, करंट फैलने का सप्लाई बाधित होने का और विद्युत चोरी का अंदेशा नहीं रहेगा। कुल मिलाकर विद्युत मंडल ने गुण ही गुण गिनायें और केबल डालने का काम किया कुछेक जगहों पर विद्युत पोल भी बदले गये। लगभग दो सौ करोड़ की योजना, मेरा आज आरोप है कि क्या कारण है कि पूरे शहर में यह योजना लागू क्यों नहीं, आज भी शहर में विद्युत वितरण खातिर तार लगें हुए हैं, बाजार वाले इलाके में ज्यादा है, सवाल क्या उन्हें बदलने की आवश्यकता नहीं या केबल डालने पर फायदे नहीं हुए। तार हटे, केवल डाली जिन स्थानों पर क्यों करके उन्हीं स्थानों पर स्मार्ट मीटर लगाऐं जा रहें। क्या केवल डालने के बाद भी चोरी हो रही सवाल यह...? सवाल यह कि, पूरी तरह से तारों के जंजाल से मुक्ति क्यों नहीं। केबल योजना आधी अधूरी मतलब फैल, तो किसकी योजना थी, क्या तारों से ज्यादा चोरी होती है केबल लगाने पर, विद्युत मंडल वताऐ खंभे बदलें तो जगह जगह झुकें कैसे गिरने का अंदेशा कैसे, सैकड़ों स्थानों पर सपोर्टिंग तार क्यों हटाये गये, जान-माल का खतरा बना हुआ है तो विद्युत मंडल ध्यान नहीं दे रहा। तारों को लगे रहने देकर क्या चोरी करवा रहा, जिन स्थानों पर केबल डाली क्या वे चोरी करते थे, विद्युत मंडल के अधिकारियों ने स्मार्ट मीटर लगाने का जोर क्यों कर दे रही क्या म.प्र. की भाजपा सरकार ने कानून बना दिया तो नियम बताए, गजट नोटिफिकेशन बताए। उपभोक्ता को संतुष्ट करें फायदा समझाए या चोर बताए। मै स्मार्ट मीटर अनिवार्य क्यों यह स्पष्ट जानना चाहता हु आम जनता भी। बिद्युत मंडल बताए कि केबल डालने की योजना बास क्षेत्रों खातिर थी या शहर, व पूरे प्रदेश खातिर, खास जगहों पर तार लगे हुए हैं क्या वे ईमानदार उपभोक्ता क्षेत्र, उक्त आरोप मेरे है। Share this:Tweet Email a link to a friend (Opens in new window) Email Share on WhatsApp (Opens in new window) WhatsApp PostMoreLike this:Like Loading… Related पोस्ट नेविगेशन पब बार के साथ ही सड़कों पर लगने वाली मांस मछली की दुकान भी बंद हो आपको तो बस आना है…गड्ढे, पौधा, नाश्ता और भोजन सब तैयार है