सीधी। विशेष संवाददाता -प्रवीण कुमार पाण्डेय सिंगरौली/सीधी/मऊगंजजिले में बिना सुविधाओं के ही प्रायवेट स्कूल संचालन की होड़ मची हुई है। प्रायवेट स्कूलों को मान्यता देने से पूर्व जो शर्तें निर्धारित की गई हैं उनका पालन केवल कागजों में ही किया जा रहा है। हैरत की बात तो ये है कि अधिकांश प्रायवेट स्कूलों के पास न तो खेल मैदान है और न ही उनके पास प्रशिक्षित एवं योग्य शिक्षक मौजूद हैं। अभिभावकों से बड़े-बड़े वायदे करके इंग्लिश मीडियम में शिक्षा देना प्रचारित करने वाले स्कूलों की हकीकत कुछ और ही है। पर्याप्त भवन तक अधिकांश प्रायवेट स्कूलों के पास नहीं है। एक ही कक्ष में आधा सैकड़ा से ज्यादा विद्यार्थियों को बैठाने का खेल अनवरत रूप से चल रहा है।चर्चा के दौरान कुछ अभिभावकों ने कहा कि प्रायवेट स्कूल संचालकों की मनमानी चरम पर है। उनके द्वारा प्रवेश देने के समय ही गोलमाल बात की जाती है। बाद में परीक्षा नजदीक आने पर भारी भरकम शुल्क मांगना शुरू कर दिया जाता है। इसी वजह से वाद-विवाद की स्थिति भी स्कूलों में निर्मित हो जाती है। इंग्लिश मीडियम की पढ़ाई का वायदा करने वाले स्कूलों की हकीकत और ही निराली है।उनके द्वारा कुछ निजी प्रकाशकों की महंगी पुस्तकें सांठ-गांठ कर खास दुकानों से खरीदवाने का खेल खेला जा रहा है। 20 पेज की रंगीन पुस्तकों के दाम 200 से 300 रुपए रखे गए हैं। इनमें आधा कमीशन स्कूल संचालकों का होने के कारण हर कक्षा के लिए 5-6 हजार रुपए की निजी प्रकाशकों की पुस्तकों को खरीदना अनिवार्य किया गया है। Share this:Tweet Email a link to a friend (Opens in new window) Email Share on WhatsApp (Opens in new window) WhatsApp PostMoreLike this:Like Loading… Related पोस्ट नेविगेशन बजट : सत्ता पक्ष ने सराहा, विपक्ष ने कहा आम आदमी का ध्यान नहीं प्रधानमंत्री आवास योजना के रजिस्ट्रेशन शुरू हो गए हैं आप भी जल्द करें आवेदन आप भी ले सकते हैं आवास योजना का लाभ।