वित्त मंत्री जगदीश देवड़ा ने पेश किया मोहन सरकार का पहला बजट सीधी। विशेष संवाददाता -प्रवीण कुमार पाण्डेय सिंगरौली/सीधी/मऊगंजमध्य प्रदेश सरकार द्वारा कल बुधवार को अपना वार्षिक बजट पेश किया गया। ये मोहन सरकार का पहला बजट है। बजट पर जहां सत्ता पक्ष के नेताओं ने अपनी प्रतिक्रिया देते हुए जनकल्याण कारी एवं सभी वर्गो को विषेश पैकेज वाला बजट बताया है, वहीं प्रमुख विपक्षी दल कांग्रेस ने मोहन सरकार द्वारा पेश किए गए बजट को दिवालिया होने वाला बजट बताया है।कांग्रेस ने कहा है कि इस बजट में आम आदमी, किसान एवं युवाओं को लेकर कोई बात नहीं शामिल की गई है ये कहें कि इस बजट में मूलभूत आवश्यकताओं को नजरंदाज किया गया है। सरकार का बजट गरीब विरोधी : राहुलमध्य प्रदेश विधानसभा के पूर्व नेता प्रतिपक्ष व चुरहट विधायक अजय सिंह राहुल ने मोहन सरकार द्वारा पेश किए गए बजट को लेकर कहा कि ये बजट दिवालिया सरकार का बजट है। उन्होंने कहा कि प्रदेश में लोग गरीबी से आत्महत्या कर रहे हैं, बच्चे भूख से मर रहे हैं इस ओर सरकार का ध्यान नहीं हैं। सरकार का ये बजट गरीब विरोधी है।चुरहट विधायक ने 2024-25 के बजट को विश्वासघात वाला बजट बताते हुए कहा कि चुनाव से पहले भाजपा ने मध्य प्रदेश की जनता और मतदाताओं से जो प्रमुख वादे किए थे, वो सारे वादे वित्त मंत्री के बजट भाषण से गायब हैं, प्रदेश के किसानों, नारी शक्ति, नौजवानों और सभी वर्गों से किए गए चुनावी वादों को बजट में कोई स्थान नहीं दिया गया। सरकार ने विकास के लिए खोले नये द्वार : रीतीसीधी विधानसभा की विधायक व पूर्व सांसद श्रीमती रीती पाठक ने कहा कि विधानसभा में पेश किए गए बजट की मैं प्रत्यक्ष साक्षी हूं। ये बजट डॉक्टर मोहन यादव के कार्यकाल का पहला पूर्ण बजट है। इस बजट में 36,567 करोड रुपए का प्रावधान किया गया है। इस बजट की प्रमुख विशेषता ये रही की इस सत्र में प्रदेश की जनता जनार्दन के ऊपर किसी भी प्रकार का कोई नया कर नहीं लगाया गया है, लेकिन कोई नया कर ना लगाते हुए भी संसाधनों में 16 प्रतिशत से अधिक की वृद्धि करते हुए प्रदेश को विकसित, समृद्धशाली और जनकल्याणकारी बनाने में कोई कोर कसर नहीं छोड़ी गई है। विधायक श्रीमती पाठक ने कहा कि पेश किया गया बजट महिलाओं को आत्मनिर्भर बनाने के साथ-साथ गरीब, युवा, महिला और किसानों का ख्याल रखते हुए उत्तम कोटि का बजट पेश किया गया है। मध्य प्रदेश को कर्जदार प्रदेश बनाया : कमलेश्वरमप्र सरकार द्वारा पेश किया गया बजट प्रदेश को और कर्जदार बनाने की दिशा में बढ़ता कदम है। प्रदेश की जनता की स्वीकृति के बिना ही ऋण पर ऋण लेकर जनता जनार्दन को कर्जदार बनाया जा रहा है, ये बजट जन विरोधी एवं आमजन को निराश करने वाला है।उक्त बातें कांग्रेस कार्यसमिति सदस्य एवं पूर्व मंत्री कमलेश्वर पटेल ने जारी बयान में कहीं हैं। उन्होंने कहा कि भाजपा सरकार को प्रदेश की आर्थिक स्थिति पर तत्काल श्वेत पत्र लाना चाहिए जिससे जनता जनार्दन वस्तु स्थिति से अवगत हो सके। प्रदेश में वित्तीय संकट है,गरीब ओर गरीब एवं अमीर ओर अमीर होता जा रहा है। उन्होंने बताया कि प्रदेश के किसानों, नारी शक्ति, नौजवानों और सभी वर्गों से किए गए चुनावी वादों को बजट में कोई स्थान नहीं दिया गया। विधानसभा चुनाव से पहले भारतीय जनता पार्टी ने मध्य प्रदेश की जनता से जो चार प्रमुख वादे किए थे, उन्हें अभी तक पूरा नहीं किया गया। बजट जनकल्याण को समर्पित: देव कुमारभाजपा के जिला अध्यक्ष देव कुमार सिंह चौहान ने बजट पर प्रतिक्रिया देते हुए कहा कि मध्य प्रदेश की डॉ. मोहन यादव सरकार द्वारा पेश किया गया बजट जन कल्याण को समर्पित बजट है। बजट में समाज के प्रत्येक वर्ग का ख्याल रखा गया है। बहुत ही दुर्भाग्यपूर्ण है बजट : सिंहबजट पर अपनी प्रतिक्रिया व्यक्त करते हुए जिला कांग्रेस कमेटी के अध्यक्ष ज्ञान सिंह ने कहा कि ये बहुत ही दुर्भाग्य पूर्ण बजट है, बजट में व्यापारी, युवा, किसान और महिला सुरक्षा को लेकर कोई बिंदु नहीं है, मोहन सरकार बनते ही कर्ज ली थी, आज लगभग 3 लाख 70 हजार करोड़ का कर्ज हो चुका है लेकिन उससे निवारने के लिए कोई ठोस कदम उठाने का उल्लेख नहीं किया गया है। 2003 तीन के पहले जब कांग्रेस की सरकार थी उस समय मात्र 45 हजार करोड़ कर्ज था लेकिन आज यह उतना ब्याज भर रही है। ये बजट भूमाफिया, माइनिंग माफिया एवं उद्योगपतियों को संरक्षण देने वाला बजट है। विद्यार्थियों के लिए बजट कल्याणकारी : सुरेंद्र मणिभारत स्काउट एवं गाइड के जिला अध्यक्ष सुरेंद्रमणि दुबे ने बजट पर प्रतिक्रिया देते हुए कहा कि प्रदेश सरकार द्वारा पेश किया गया बजट छात्र एवं छात्राओं के लिए कल्याणकारी बजट है, जिसमें छात्रों के सर्वांगीण विकास के लिए नए-नए विद्यालय, छात्रावास, स्कॉलरशिप एवं निशुल्क कोचिंग की व्यवस्था भी की गई है। माफियाओं को बढ़ावा देने वाला है बजट – वर्मावरिष्ठ अधिवक्ता एवं जिला कांग्रेस कमेटी के उपाध्यक्ष विनोद कुमार वर्मा ने इस बजट को माफियाओं, उद्योगपतियों एवं संगठित अपराध करने वालों को बढ़ावा देना वाला बजट बताया है। श्री वर्मा ने कहा कि इस बजट में आम आदमी की मूलभूत आवश्यकताओं को नजरंदाज किया गया है जो काफी निराशाजनक एवं दुर्भाग्य पूर्ण है। किसान एवं बेरोजगार युवाओं को लेकर इस बजट में कुछ नहीं किया गया है, जबकि यह दोनों देश के भविष्य निर्माता कहें जाते हैं। निराशाजनक और दिशाहीन बजट- डॉ. शिशिरशहर के चिकित्सक डॉ. शिशिर मिश्रा ने अपनी प्रतिक्रिया में कहा कि मध्य प्रदेश के वित्त मंत्री डॉ. जगदीश देवड़ा ने आज तीन लाख पैंसठ हजार करोड रुपए का प्रदेश का बजट प्रस्तुत किया प्रथम दृष्ट्या वित्त मंत्री का बजट सुनने में ऐसा लग रहा था जैसे जैसे चुनावी रैली को संबोधित कर रहे हो। नवंबर 2023 में संपन्न चुनाव के समय जो वादे किए गए थे वो सब गायब था। भाजपा ने अपने संकल्प पत्र में कहा था कि धान और गेहूं का समर्थन मूल्य क्रमशः 3100 और 2700 रुपये करेंगे, अतिथि शिक्षकों को नियमित करने की बात कही गई थी, लाडली बहन को 3000 तक देने की बात कही गई थी, गैस सिलेंडर 450 रुपए में देने को कहा गया था लेकिन ये सब आज बजट का हिस्सा नहीं था। सरकारी विद्यालयों में शिक्षकों की भारी कमी है, सीएम राइज और पीएम श्री विद्यालयों में भी शिक्षकों की कमी है, अंग्रेजी माध्यम के विद्यालयों में भी हिंदी माध्यम के शिक्षक नियुक्त किए गए हैं, पूरे प्रदेश में अस्पतालों में और मेडिकल कॉलेजों चिकित्सकों की चिकित्सा शिक्षकों की कमी है, इन सबको कैसे दूर कैसा किया जाएगा कोई ब्लूप्रिंट नहीं है।डॉ मिश्रा ने कहा कि भ्रष्टाचार प्रदेश की सबसे बड़ी समस्या है फर्जी बिल वाउचर और कमीशन का खेल कैसे बंद होगा बजट में कहीं भी जिक्र नहीं है, सरकारी कार्यालय में रिश्वतखोरी कैसे बंद होगी बजट में कहीं भी जिक्र नहीं है, शिक्षित बेरोजगारों को रोजगार कैसे मिलेगा इसका कोई समाधान नहीं बताया गया है। कुल मिलाकर यह बजट मध्यप्रदेश को और कर्जे में धकेलना वाला, बहुत ही दिशाहीन बजट है और आंकड़ों के खेल में मध्य प्रदेश की जनता को उलझाने वाला है। Share this:Tweet Email a link to a friend (Opens in new window) Email Share on WhatsApp (Opens 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