इंदौर। लगभग चार लाख अड़तीस हजार करोड़ के कर्ज में दबे कर्जदार प्रदेश का चुनावी बजट सिर्फ लोकलुभावन घोषणाओं का पुलिंदा है जिसमे प्रदेश के बेरोजगारो के लिए समुचित रोजगार नहीं होंगे.प्रदेश का हर नागरिक 45000 के कर्ज में है जो अगले साल तक 50000 हो जाएगा,प्रदेश के सालाना बजट से भी ज्यादा कर्जा है,प्रदेश के अस्पतालों में डॉक्टर ,दवाइयों और एम्बुलेंस की कमी है लेकिन शिक्षा,स्वास्थ्य के लिए कोई भविष्य की योजना नही.आयुष्मान योजना के हितग्राहियों को अभी भी इलाज के पैसे नही मिल पा रहे है.किसानों की आय दुगनी करने की घोषणा सिर्फ घोषणा ही रह गयी आज भी प्रदेश का किसान परेशान है.आप प्रदेश प्रवक्ता हेमंत जोशी ने बतायापूरा प्रदेश मंहगाई से बेहाल है लेकिन सरकार द्वारा इसके समाधान पर ध्यान न देकर आर्थिक मजबूती का अवास्तविक बखान किया जा रहा है. प्रदेश पर हर साल कर्ज बढ़ रहा है.मध्यप्रदेश में करोड़ो रूपये खर्च करने के बाद भी अनुमानित निवेश नही आया है.सरकार को इस समय निवेश पर विशेष ध्यान देकर प्रदेश को आर्थिक रूप से आत्मनिर्भर बनाने की आवश्यकता हे .अगर कर्ज लेने की ऐसी ही गति रही तो प्रदेश कर्जदार प्रदेश के रूप में जाना जाएगा,सिर्फ थोथी घोषणाओं से प्रदेश की जनता का भला नही हो पायेगा. Share this:Tweet Email a link to a friend (Opens in new window) Email Share on WhatsApp (Opens in new window) WhatsApp PostMoreLike this:Like Loading… Related पोस्ट नेविगेशन इंदौर में हॉस्टल के बच्चे भी फूड प्वाइजनिंग का हुए शिकार, कलेक्टर सिंह पहुंचे देखने… बाबा के चमत्कार के आगे भोली जनता नतमतस्क, भगदड़ में 121 मौते…