इंदौर जिले में 5 नर्सिंग कॉलेजों पर लगाया ताला, मान्यता समाप्त होने पर हुई कार्रवाई, छात्रों को राहतहाईकोर्ट ने अपने आदेश में इन काॅलेजों में पढ़ रहे विद्यार्थियों को राहत देते हुए उन्हें परीक्षा में शामिल होने की अनुमति दे दी है।प्रशासन ने इंदौर जिले में संचालित पांच नर्सिंग काॅलेजों को सील कर दिया है।राजस्व विभाग की टीम ने नोटिस चस्पा करने के बाद सील करने की कार्रवाई की।हाईकोर्ट के निर्देश के बाद सभी काॅलेजों की मान्यता समाप्त कर दी गई थी। नर्सिंग घोटाला : एक्शन मोड में मध्य प्रदेश के मुख्यमंत्री डॉ मोहन यादवमध्य प्रदेश। नर्सिंग मामले में हाई कोर्ट के आदेश अनुसार सरकार ने तुरंत निरस्त की 66 नर्सिंग महाविद्यालय की मान्यता। सबसे ज्यादा बैतूल में और फिर भोपाल में निकले नर्सिंग घोटाले। इंदौर। जिला प्रशासन ने जिले में संचालित पांच नर्सिंग काॅलेजों को सील कर दिया है। राजस्व विभाग की टीम सोमवार को काॅलेजों में पहुंची और नोटिस चस्पा करने के बाद सील करने की कार्रवाई की। हाईकोर्ट के निर्देश के बाद सभी काॅलेजों की मान्यता समाप्त कर दी गई थी। मान्यता निरस्त होने पर मल्हारगंज एसडीएम ओमप्रकाश बडकुल और जूनी इंदौर एसडीएम घनश्याम धनगर सहित प्रशासन की टीम ने इंदौर के पांच कालेजों को सील कर दिया। मल्हारगंज एसडीएम ओमप्रकाश बडकुल ने बताया कि हाईकोर्ट के निर्देश के आधार पर गंगवाल बस स्टैंड के समीप स्थित वर्मा यूनियन नर्सिंग कालेज, ग्राम सिंहासा स्थित जगद्गुरु दत्तात्रय काॅलेज ऑफ नर्सिंग, मल्हारगंज स्थित राय एकेडमी नर्सिंग काॅलेज, नायता मुंडला स्थित ऋतुन्जया स्कूल ऑफ नर्सिंग और सांवेर क्षेत्र स्थित देवी अहिल्या नर्सिंग काॅलेज एंड एसोसिएट हाॅस्पिटल को सील किया गया। छात्रों को राहतहाईकोर्ट ने अपने आदेश में इन काॅलेजों में पढ़ रहे विद्यार्थियों को राहत देते हुए उन्हें परीक्षा में शामिल होने की अनुमति दे दी है। हालांकि यह अनुमति सिर्फ एक बार के लिए होगी। कोर्ट ने यह भी स्पष्ट कर दिया है कि यह सुविधा सभी विद्यार्थियों को मिलेगी, भले ही उन्होंने याचिका दायर नहीं की हो। यह था मामलागौरतलब है कि 2019 तक प्रदेश में 450 नर्सिंग काॅलेज रजिस्टर थे। 2020 में कोरोना काल शुरू हो गया। इसके बाद 2020 से 2022 तक 200 नए नर्सिंग काॅलेज पंजीकृत हुए। लाखों विद्यार्थियों ने यहां पर एडमिशन लिया। परीक्षा को लेकर संदेह होने पर सामने आया कि कई कालेज फर्जी हैं और मान्यता नहीं मिली है। इसे लेकर हाईकोर्ट में याचिका लगाई गई थी।याचिकाओं को सुनने के बाद हाईकोर्ट ने सीबीआइ को जांच सौपी थी। सीबीआइ ने जांच में 169 नर्सिंग काॅलेजों को सूटेबल (व्यवस्थित) पाया। वहीं 66 काॅलेजों को अनूसटेबल यानी अपूर्ण कैटेगरी में रखा। 75 कालेज अनुपयुक्त बनाए गए थे। मध्यप्रदेशमध्य प्रदेश के 31 जिलों के 66 नर्सिंग कॉलेज होंगे बंद, सीएम मोहन यादव ने दिए निर्देश भोपाल। मुख्यमंत्री डॉ मोहन यादव ने प्रदेश में नर्सिंग कॉलेज के मापदंडों की पूर्ति में अनफिट पाए गए कॉलेज पर कठोर कार्रवाई के निर्देश दिये हैं। मुख्यमंत्री ने यह भी निर्देश दिए हैं कि नर्सिंग कॉलेज के विद्यार्थी प्रभावित न हो और परीक्षा दे सकें ऐसी व्यवस्था की जाए।उल्लेखनीय है कि चिकित्सा शिक्षा विभाग के आयुक्त द्वारा सभी जिलों के कलेक्टर को अनफिट पाए गए नर्सिंग कॉलेज की सूची भेजी गई है और उच्च न्यायालय के निर्देशानुसार कार्रवाई करने के लिए कहा गया है।इंदौर सहित कई जिलों में अनफिट पाए गए नर्सिंग कॉलेज में कार्रवाई कर उन्हें बंद किया गया है। उच्च न्यायालय के निर्देशानुसार 31 जिलों के 66 नर्सिंग कॉलेज को अनफिट पाया गया है और उनकी मान्यता निरस्त की गई है।इतने नर्सिंग कॉलेज होंगे बंदबैतूल जिले के 8, भोपाल के 6, इंदौर के 5, छतरपुर, धार और सीहोर के 4-4, नर्मदापुरम के 3-3, भिंड, छिंदवाड़ा, जबलपुर, झाबुआ, मंडला, रीवा, सिवनी और शहडोल के 2-2, अलीराजपुर, अनूपपुर, बड़वानी, बुरहानपुर, देवास, ग्वालियर, खंडवा, खरगोन, मुरैना, पन्ना, सागर, टीकमगढ़, उज्जैन, उमरिया, विदिशा और श्योपुर जिले के 1-1 नर्सिंग कॉलेज अनफिट पाए गए हैं। Share this:Tweet Email a link to a friend (Opens in new window) Email Share on WhatsApp (Opens in new window) WhatsApp PostMoreLike this:Like Loading… Related पोस्ट नेविगेशन इंदौर ब्रेकिंग..पुलिस और नशेडियो के बीच में विवाद वीडियो वायरल. स्कूलों की मनमानी को लेकर, कलेक्टर की कार्यवाही ,साथ ही जेल की हवा खिलाई