इंदौर। प्रदीप चौधरी(संभाग ब्यूरो चीफ.) द्वारकापुरी क्षेत्र में हुई 53 लाख रुपयों की चोरी का,पुलिस ने खुलासा करते हुए बताया की,आरोपी ने लोगों का कर्ज न देना पड़े इस लिए खुद ही रची थी अपने ही घर में चोरी की झूठी कहानी। वहीं पुलिस ने 53 लाख रुपये की चोरी की झूठी कहानी बनाने आरोपी को गिरफ्तार कर लिया।पुलिस ने आरोपी के पास से नगदी में 19,01,000/ रुपए सहित एक सोने की माला, सोने के टाप्स (एक जोड़ा) के साथ जप्त किया। चोरी का पूरा मामला क्या है….इंदौर के द्वारकापुरी थाने पर दिनांक 22.12.2023 को फरियादी अनमोल पाटिल (पिता संजय पाटिल नि. द्वारकापुरी इंदौर ) के द्वारा थाने पर जाकर रिपोर्ट लिखाई गई की कल दिनांक 21.12.2023 की सुबह करीबन 11.30 बजे चोरी हो गई जब मैं मेरी मां राथा पाटिल व दादी निर्मला के साथ खेगावडा (जिला खंडवा) बस से गया हुआ था। तब मेरे घर पर पिता संजय पाटिल अकेलेही थे। वहीं आरोपी ने रिपोर्ट में बताया था कि मेरे चाचा का लडका यश पाटिल ने जब फोन कर सुबह 08.00 बजे बताया कि आरोपी के घर पर चोरी हो गई है। अपके पिता अस्पताल में एडमिट हैं। वहीं आरोपी ने दोपहर 01.00 बजे घर आ कर देखा कि घर के ऊपरी मंजिल का एक कमरे का दरवाजे के नकूचा टूटा हुआ है और कमरे का सामान अस्त व्यस्त था। आरोपी अस्पताल में अपने पिता संजय पाटिल से मिलने पहुंचा, तब पिता ने बताया की अलमारी में रखे नगदी के करीब 53 लाख रुपये व सोने के जेवर चोरी हो गए। तब आरोपी फरियादी बन कर पुलिस में रिपोर्ट दर्ज कराई। जिसके बाद पुलिस ने जांच शुरू की तो फरियादी ही आरोपी निकाला। आरोपी ने यह कहानी कर्ज न देना पड़े इस लिए रची थी झूठी चोरी की कहानी। कहानी यही खत्म नहीं हुई….थाना प्रभारी द्वारकापुरी के द्वारा एक पुलिस टीम का गठन कर अज्ञात आरोपियों की तलाश मे लग गई। वहीं पुलिस टीम के द्वारा थाना द्वारकापुरी क्षेत्र के सभी स्थानों पर लगे सीसीटीवी के फुटेज खंगाले गए । संदिग्ध व्यक्तियों की सीडीआर के द्वारा एनालिसिस किया गया। इसके बाद भी पुलिस को कोई बड़ी सफलता नहीं मिली। इस मामले को गंभीरता पूर्वक लेते हुए पुलिस ने फरियादी पक्ष से जुड़े तमाम बिंदुओं पर सिलसिलेवार नज़र रखी, तब जा कर महत्वपूर्ण जानकारी हाथ लागी ,कि फरियादी अनमोल पाटिल के पिता संजय पाटिल प्रापर्टी क्रय विक्रय का काम करते हैं, जिन पर लोगों का काफी उधार है चढ़ा हुआ है। संजय पाटिल को प्रापर्टी के संबंध में कुछ व्यक्तियों को लाखों रुपयों की देने थे। इस लिए खुद ने ही खुद के घर में चोरी किये होने की झूठी कहानी तैयार की। इसके लिये पुरी तैयारी से अपने बेटे अनमोल व पत्नी राधा व मां निर्मला को अपने पत्नी के मायके (दिनांक 21.12.2023) सुबह रवाना कर दिया। जिसके बाद संजय पाटिल के द्वारा रात्रि लगभग 8.00 बजे मच्छी बाजार कबाडा मार्केट से लोहे की टामी व पेचकस खरीदकर लाया और स्वयं ही घर के दरवाजे अलमारी,अलमारी के नकूवे टामी व पेचकस की सहायता से तोड़ दिया । एक झूठी घटना स्थल तैयार की गई। घर के ही दूसरे कमरे में सोने का नाटक कर, दूसरे दिन सुबह पड़ोसी ने देखा तो संजय पाटिल को उनके द्वारा आवाज दी गई । किंतु वह जानबूझकर नहीं उठा और बीमार होने का नाटक कर अस्पताल में जाकर भर्ती हो गया।संजय पाटित द्वारा परशुराम नामक व्यक्ति के मकान को 46 लाख रुपये में बेच दिया गया था और उसे 5 लाख रुपया देकर खुद 35 लाख रुपये व दलाली के 6 लाख रुपये रख लिया था। मित्र पवन पाण्डेय से 7 लाख रुपय लेकर रख दिया। जिन व्यक्तियों के रुपये उसके द्वारा लिये गये थे उन रुपयों को टुकडों टुकडों में नारायण नामक व्यक्ति को 6 लाख रुपये, किशोर बंजारा को 5 लाख रुपये, दामोदर को 5 लाख रुपये, हकीमुद्दीन को 51000/ रुपये दीया। स्वयं सोने के जेवर व नगदी 2,50,000/ रुपये छिपा लिया। पुलिस द्वारा आरोपी को गिरफ्तार कर अभी तक की जांच में कुल 19,01,000/ रुपये जप्त किया गया हैं। शेष रुपये की बरामदगी व जप्ती की कार्यवाही की जा रही। जांच खत्म होने के बाद कार्यवाही जाएगी। वही इस झूठी चोरी की कहानी की गुत्थी सुलझने में अहम भूमिका रही… थाना प्रभारी द्वारकापुरी, निरीक्षक ब्रजेश कुमार मालवीय व उनकी टीम के उप. निरीक्षक आलोक मिठास, अशरफ अली अंसारी, देवेन्द्र मिश्रा, सहायक उप. निरीक्षक कमल सिंह चौहान, प्रधान आरक्षक प्रदीप सिंह बघेल, ओम प्रकाश अवास्या, अमर पाल सिंह चौहान, प्रताप पटेल, शफीक खान, नितेश बघेल, उदयभान सिंह यादव, आरक्षक जीतेन्द्र सोलंकी (थाना अन्नपूर्णा), राकेश विश्वकर्मा (थाना अन्नपूर्णा), अनुराग सिंह सिकरवार, धर्मेन्द्र सिंह सोनगरा, सरदार भागों आशीष (सायबर सेल), धर्मेन्द्र सिंह, संतोष सिंह राठौर, महिला सैनिक 430 नीलिमा की महत्वपूर्ण एवं सराहनीय भूमिका रही । Share this:Tweet Email a link to a friend (Opens in new window) Email Share on WhatsApp (Opens in new window) WhatsApp PostMoreLike this:Like Loading… Related पोस्ट नेविगेशन क्या हुआ तेरा दबदबा!(व्यंग्य : राजेंद्र शर्मा) मध्यप्रदेश पुलिस परिवार की महिलाओं को आत्मनिर्भर बनाने के लिए “धृति” योजना के तहत प्रदर्शनी लगाकर प्रशिक्षण दिया गया