निर्मल मूंदड़ा रतनगढ़देश के सर्वोच्च शिक्षको मे किया गया पुरस्कार हेतु चयनितशिक्षक दिवस पर देश की राजधानी दिल्ली मे माननीtय राष्ट्रपति के हाथो होगें गोल्ड मैडल से पुरस्कृतअगर कुछ कर गुजरने की मन में उमंग एवं लालसा मन मे हो तो ग्रामीण या शहरी परिवेश कोई माईना नहीं रखता। अपनी काबिलियत के बल पर अपना मुकाम हासिल हो ही जाता है। ऐसा ही कुछ कर दिखाया है ग्रामीण परिवेश में जन्मे एवं पले बढे रतनगढ़ के युवा ने। भारत सरकार द्वारा प्रतिवर्ष देश भर के शिक्षकों को दिए जाने वाले सर्वोच्च सम्मान के लिए शिक्षक दिवस के दिन राष्ट्रीय शिक्षक पुरस्कार प्रदान किया जाता है। जिसमें पूरे देश के सभी राज्यों के उच्च और तकनीकी शिक्षण संस्थानों से नामांकन प्राप्त कर तीन चरण 6#s#s# ##की बहुत कठिन मापदंडों व प्रक्रिया से गुजरने के पश्चात चआरआरनिंदा शिक्षकों को उक्त पुयूएस rरस्कार प्रदान किया जाता है। जिसमें पुरस्कार के लिए चयनित शिक्षकों को प्रधानमंत्री से मिलने एवं उनसे चर्चा करने का सुअवसर भी प्राप्त होता है। इस वर्ष 5 सितंबर शिक्षक दिवस के अवसर पर मध्यप्रदेश के नीमच जिले के छोटे से कस्बे रतनगढ में जन्मे आशीष पिता ओमप्रकाश बाल्दी (माहेश्वरी) का देश की राजधानी दिल्ली के विज्ञान भवन में आयोजित समारोह में राष्ट्रपति पुरस्कार के लिए चयन हुआ है।ज्ञात रहे कि 5 सितंबर शिक्षक दिवस के अवसर पर माननीय राष्ट्रपति महोदय के द्वारा प्रति वर्ष देश के चुनिंदा 50 शिक्षकों का सम्मान किया जाता है। उसी कड़ी में पहली बार इसमें उच्च एवं तकनीकी शिक्षा के प्रोफेसर्स को भी सम्मिलित किया गया। जिसमें लगभग 5 हजार से भी अधिक आवेदन शासन को प्राप्त हुए। जिसमें बहुत अधिक कठिन मापदंडो से गुजरने के पश्चात 13 शिक्षकों का चयन राष्ट्रपति पुरस्कार गोल्ड मेडल प्रशस्ति पत्र एवं सम्मान राशि हेतु किया गया। यह सम्मान 25 व्यक्तियों के लिए था। किंतु पात्रता की श्रेणी में मात्र 13 व्यक्ति ही आ पाए। जिसमे मध्यप्रदेश के नीमच जिले के छोटे से कस्बे रतनगढ़ के निवासी आशीष पिता ओमप्रकाश बाल्दी का नाम भी है।जिन्होंने यह गौरवपूर्ण उपलब्धि प्राप्त कर पूरे देश प्रदेश में नीमच जिले का नाम रोशन किया है।गोल्ड मेडल पुरस्कार के लिए चयनित सभी शिक्षकों से देश के प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी 4 सितंबर को दिल्ली में चर्चा करेंगे।एवं 5 सितंबर को विज्ञान भवन में राष्ट्रपति महोदया द्रौपदी मुर्मू अपने हाथो से गोल्ड मैडल से सम्मानित करेंगी।ज्ञात रहे कि डॉक्टरेट की उपाधि से अलंकृत आशीष बाल्दी वर्तमान में देश के पंजाब प्रांत के भटिंडा में महाराजा रणजीत सिंह टेक्निकल यूनिवर्सिटी में प्रोफेसर के पद पर कार्यरत हैं। साथ ही रिसर्च एंड डेवलपमेंट के हेड एवं डिन आफ आईक्यूएसी के पद पर भी कार्यरत है। इसके साथ ही श्री बाल्दी पूर्व में इसी यूनिवर्सिटी के रजिस्ट्रार अधिकारी, फार्मेसी डिपार्मेंट के हेड सहित अन्य कई महत्वपूर्ण उच्च पदों पर रह चुके हैं।इसके साथ ही विश्व में भारत के 2 प्रतिशत वैज्ञानिकों में रिसर्च के लिए लगातार पिछले तीन वर्षों से श्री बाल्दी का भी चयन हो रहा है।फार्मेसी के क्षेत्र में पूरे देश में एक जाना पहचाना नाम होने के साथ ही देश में होने वाली रिसर्च के क्षेत्र में भी कई महत्वपूर्ण उपलब्धियां इनके नाम पर दर्ज है। Share this:Tweet Email a link to a friend (Opens in new window) Email Share on WhatsApp (Opens in new window) WhatsApp PostMoreLike this:Like Loading… Related पोस्ट नेविगेशन इन्दौर पुलिस द्वारा अपने साथी पुलिस अधिकारियों को दी भावभीनी विदाई सिंगरौली जिले में अभियान चलाया गया फिर भी अवैध को पुलिस सिकेंजे में नहीं। कश पाई चौकी सासन थाना बैढ़न जिला सिंगरौली