मामले में जांच कराकर कानूनी कार्रवाई की मांग, मामला शहडोल काशहडोल। देश के चौथे स्तंभ यानि कि, एक पत्रकार को सच दिखाने, सच प्रकाशित करने और सच के खिलाफ डटे रहने के विरुद्ध कई कठिनाइयों और परेशानियों का सामना करना पड़ता है। कई बार तो उनके विरुद्ध थाने में झूठी एफआईआर भी दर्ज कराई जाती है। ताकि, वह मानसिक प्रताड़ना का शिकार होकर बैकफुट में चला जाए और संबंधित भ्रष्टाचारी या दोषी जन भ्रष्टाचारिता में आसानी से संलिप्त रह सकें।ऐसा ही एक ताजा मामला मुख्यालय से निकलकर सामने आया है। मामले में पत्रकार मनोज गुप्ता उर्फ गुड्डन पिता छोटेलाल गुप्ता, निवासी वार्ड नं.-9, पाण्डवनगर ने जोन के एडीजीपी दिनेश चंद्र सागर से न्याय की गुहार लगाई है। उन्होंने एडीजीपी से ऋतु शुक्ला एवं लोकेन्द्र शर्मा के द्वारा विवेकानंद शर्मा से कराई गई मनगढन्त एवं झूठी शिकायत की जांच कराए जाने की मांग की है। उन्होंने बताया कि, बीते माह जून 23 में करोड़ों रुपये के घोटाले के सम्बन्ध में 7 बिन्दुओं की शिकायत डॉ. नरेन्द्र तिवारी अधिमान्य पत्रकार/एडवोकेट, संजीव निगम एवं मैंने संयुक्त रूप से कमिश्नर से की थी। उक्त शिकायत को गंभीरता से लेते हुए उन्होंने 26 जून को प्रमुख सचिव म.प्र. शासन परिवहन विभाग मंत्रालय वल्लभ भवन भोपाल को विषय म.प्र. शासन के राजस्व में प्रतिमाह हो रहे करोड़ों रूपये के नुकसान की उच्चस्तरीय जांच कराई जाकर दोषी अधिकारियों/कर्मचारियों के विरूद्ध दण्डात्मक कार्रवाई किए जाने सम्बन्धित पत्र लेख किया।गौरतलब है कि, उपरोक्त शिकायत में 7 गाडियां जिसका टीआर नं. क्रमश:- TR- JH-05-A-0647CC, TR-JH-05-A-0834NT, TR-JH-05-A-0703NT. TR- JH-05-A-0702NT, TR-JH-05-A-0836MN, TR-JH-05-A-0833NT. TR- JH-05-A-0688NT को प्रचलित टैक्स की राशि से आधी रकम लेकर बिना किसी सीमा शुल्क रसीद प्रदाय किये, मप्र सीमा में प्रवेश की जाकर प्रतिदिन शासन को करोड़ों रूपये की आर्थिक क्षति पहुंचाये जाने का उल्लेख किया है और दोषी अधिकारी/कर्मचारी के विरूद्ध दण्डात्मक कार्रवाई का अनुरोध किया है।उन्होंने अभी बताया कि उक्त मामले को प्रमुखता के साथ उन्होंने अपने प्रतिष्ठित अखबार में प्रकाशित भी किया है। बताया, रामनगर तिराहा बैरियर का सर्वेसर्वा लोकेन्द्र शर्मा है और उनके साथ वहां पर ऋतु शुक्ला आरक्षक भी पदस्थ हैं। जिनके संबंधित भ्रष्टाचार एवं राज्य शासन को होने वाले करोड़ों रुपए के नुकसान की ओर मेरे व कई अन्य समाचार पत्रों में कई बार समाचार प्रकाशन भी किया गया है।मनोज ने अपने विरुद्ध की गई झूठी शिकायत का उल्लेख करते हुए बताया कि, 13 अगस्त को मैं अपने ग्राम जमुआ स्थित ऑफिस में था। उस दौरान मेरे पास एक अनजान नम्बर से कॉल आया और विज्ञापन की बात करने लगा। उसने मेरे एकाउन्ट में उसने 50 हजार रूपये विज्ञापन निकालने के लिये डाला और तत्काल उसका फोन कट गया। मैंने कई बार उक्त नंबर पर फोन लगाने का प्रयास किया, किन्तु फोन स्विच ऑफ बताता रहा। उक्त पैसा आज भी मेरे एकाउन्ट में जमा है।अचानक मुझे जानकारी लगी कि, विवेकानंद शर्मा ने मुझे कॉल किया था और मेरे एकाउन्ट में पैसे डाले थे। मेरे एकाउन्ट में पैसे मुझे फंसाने के लिये ऋतु शुक्ला व लोकेन्द्र शर्मा ने ट्रांसपोर्टर विवेकानंद से मिलकर उपरोक्त रकम मेरे एकाउंट में डलवाए हैं। जबकि, मेरा विवेकानंद शर्मा से न कोई लेनादेना है, न ही कोई जान-पहचान। इस घटना से पूर्व भी मेरी कभी फोन पर भी बात नहीं हुई है।संबंधित आरोप जो मुझ पर लगाए गए हैं, इस मार्फत कोई पैसा नहीं लिया गया। आरोप लगाया है कि, मेरा पूर्व में आरटीओ शहडोल में आशुतोष भदौरिया के साथ वाद-विवाद हुआ था। जिसकी शिकायत मैंने थाना सोहागपुर और पुलिस अधीक्षक से भी की थी। किन्तु उक्त व्यक्ति प्रभाव के चलते पुलिस ने कोई उचित कानूनी कार्रवाई नहीं की। जिस कारण मुझे उनके खिलाफ न्यायालय में जाकर उनके विरुद्ध कार्रवाई करने परिवाद पत्र प्रस्तुत करना पड़ा है, जो वर्तमान में लम्बित है।उक्त सभी लोगों ने मुझे बिना किसी कारण के फर्जी रूप से झूठे प्रकरण में फंसाने का प्रयास किया है। पूर्व में भी उक्त सभी ने मुझे झूठे मुकदमे में फंसाने की धमकी दी थी। संबंधित बिंदुओं पर ध्यानाकर्षण करते हुए पीड़ित पत्रकार मनोज गुप्ता ने संबंधित मामले की जांच कराते हुए न्याय दिलाए जाने और उपरोक्त तथ्यों की जांच पश्चात प्रार्थी के खिलाफ झूठी शिकायत कराने वाले लोगों के विरुद्ध उचित कानूनी कार्रवाई की मांग की है। Share this:Tweet Email a link to a friend (Opens in new window) Email Share on WhatsApp (Opens in new window) WhatsApp PostMoreLike this:Like Loading… Related पोस्ट नेविगेशन 20 मिनिट लाइन में लगने के बाद भी नहीं की राशि जमा, स्टेट बैंक पर लगाया जुर्माना सेंट एंजेल्स स्कूल में धूमधाम से मनायी गयी हरियाली तीज
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