इंदौर। प्रदीप चौधरी।इंदौर संभागायुक्त माल सिंह भयड़िया के द्वारा एमवाय में निरीक्षण से यह बात तो साफ हो गई है कि अधिकारी अपनी कुंभकरण की निद्रा से जगने को राजी नहीं, क्यू की जिस प्रकार से अव्यवस्था नजर आई है,उस नजारे से यह साफ हो गया है की आला अधिकारी इस ओर ध्यान नहीं देते।कैसी बिडम्बना हैं कि मध्य प्रदेश के सब से बड़े अस्पताल का दौरा डिविजनल कमिश्नर कर रहा और अधीक्षक लापता है। एक ओर डिविजनल कमिश्नर मालसिंह भयड़िया अस्पताल का दौरा करा रहे है, और अस्पताल की सब से बड़ी लापरवाही की पोल खुली। जहाँ अधीक्षक ही अनुपस्थित तो खामिया तो होंगी क्युकी जब अधीक्षक ही लापरवाही करेगा तो कर्मचारी उससे बड़े वाले है, जोकि कई दिनों तक आते ही नही । यह तो अचानक डिविजनल कमिश्नर संभागायुक्त मालसिंह भयड़िया का दौर हो गया, और तीसरी आंख खुल गई, तो सारी पोल खुल गई । मगर कर्मचारियों के मन में खुशी रहेगी कमिश्नर साहब, ऊपर की मंजिल में नहीं गए, अगर ऊपर की मंजिलो में भी चले जाते तो सब पता चल जाता कि किस तरह जनता परेशान है ।कमिश्नर साहब आप का निरीक्षण तो वाकई ही तारीफ के काबिल रहा क्योंकि संभागायुक्त मालसिंह भयड़िया वह कर दिखाया जो अधिकारी करने के लिए सोचते थे।एमवाय की खामियों को कौन नहीं जानता.! एमवाय में इससे पहले कलेक्टर इलैयाराजा टी भी दौरा कर चुके हैं, पर अव्यवस्था वही की वही रही, मानो की अधिकारी के आने और जाने से इन सभी कर्मचारियों को कोई फर्क नहीं पड़ता। एमवाय की यह स्थिति के जिम्मेदार अधिकारी भी हैं, जो समय पर अपनी जिम्मेदारी का दायित्व नहीं निभाते, और तो और शिकायतें हजारों आती हैं, पर यह अधिकारी टस से मस नहीं होते । आम जनता दर-दर की ठोकरें खाती है , कभी इस काउंटर तो कभी उस काउंटर, परेशान होती रहती है इलाज के अभाव में मौतें होती हैं, पर इन अधिकारियों की नींद खुलने का नाम नहीं लेती।यहां का स्टाफ और सिक्योरिटी आम जनता से अभद्र व्यवहार बदतमीजी करने से भी पीछे नहीं रहता।पहले तो अखबारों और चैनलों में खबरें प्रकाशित होती थी अव्यवस्थाओं को सुधारा जाता था पर अब अस्पताल परिसर में मीडिया कर्मचारी की एंट्री को ही बंद कर दिया गया है। (सीमित कर दी गई है।) सयाद यह इस लिए किया जाता है , कि जिससे एमवाय अस्पताल की कमियां अखबारों या चैनलों के माध्यम से प्रकाशित ना हो।आम जनता इलाज के लिए दर-दर भटकती रहती है, कभी इस डॉक्टर के पास कभी उस डॉक्टर के पास कभी डॉक्टर छुट्टी पर तो कभी अपने क्लीनिक में। आम जनता यहां इलाज के लिए महीनों करती है इंतजार, आम जनता द्वारा कई शिकायतें की जाती है पर शिकायतों के बावजूद भी इनके कानों पर जूं नहीं रेंगती। कहने के लिए तो जिंदा है, पर किसी कार्य के नहीं है यह अधिकारी अपनी जिम्मेदारियां भूल कर ऐसो आराम में लगे हुए हैं । सिफारिश के काम ज्यादातर होते हैं बिन सिफारिश पत्ता भी नहीं हिलता। क्या कमिश्नर के आने से इन सभी समस्याओं से आम जनता को निजात मिलेगी या सिर्फ उम्मीदें बनकर रह जाएंगी। क्या कमिश्नर द्वारा, शिकायत बॉक्स बनाया जाएगा या कोई संपर्क सूत्र दिया जाएगा जिसके माध्यम से एमवाय में हो रही अव्यवस्थाओं को सुधारने या अवगत कराने के लिए संपर्क कर सकें।नवागत संभागायुक्त भयड़िया ने किया एमवायएच का दौरा । ड्यूटी पर अनुपस्थित रहने वालों के खिलाफg सख्त कार्यवाही के निर्देश-खामियों पर जताई नाराजगी। पदभार ग्रहण करने के दूसरे दिन ही एमवायएच अस्पताल का किया दौरा। इस दौरान उन्होने अव्यवस्थाओं , सफाई, मरीजो की परेशानी और डॉक्टरों की अनुपस्थिती पर नाराजगी भाई जताई। वहीं लापरवाहों के खिलाफ सख्त से सख्त कार्यवाही के निर्देश दिए। नई ओपीडी के एक-एक विभाग में जाकर व्यवस्थाएं देखी। डीन डॉक्टर संजय दीक्षित, अधीक्षक डा. पीएस ठाकुर को व्यस्थाओं में सुधार लाने को लेकर सख़्त निर्देश दिया। संभागायुक्त बुधवार की सुबह 9 बजे ही एमवाय अस्पताल की नई ओपीडी में पहुँच गए। सबसे पहले उन्होने मरीजों के लिए बनाई जा रही पर्ची के बारे में जानकारी काउंटर से ले ली। खामियां पाई जाने पर सुधार की बात कही। इसके बाद वे पहली मंजिल पर स्थित विभागों में पहुँचे वहां पर उन्हे कई डॉक्टरों की कुर्सियां खाली मिली। ड्यूटी समय पर डॉक्टरों और प्रभारियों की अनुपस्थिती पर गंभीर नाराजगी जताई और कहा कि व्यवस्थाएं शीघ्र सुधारे लापरवाही बिल्कुल नही चलेगी। मरीजों को परेशानी नही होना चाहिए। दूसरी मंजिल के नेत्र रोग विभाग, ईएनटी विभाग और श्वसन विभाग में पहुँचकर जायजा लिया। नेत्र रोग में कम्यूटर खराब होने की जानकारी पर प्रभारी को फटकार लगाई। इस दौरान मरीजों ने भी अपनी परेशानी उन्हे बताई। तत्काल निराकरण के निर्देश दिए। संभागायुक्त ने स्पष्ट रूप से कहा कि वे अभी सिर्फ ओपीडी को ही देख रहे है। बाद में पूरे अस्पताल का सघन दौरा करेंगे। सफाई और लिफ्ट व्यवस्था पर भी वे गंभीर दिखाईं दिए और दुरूस्त करने को कहा। वहीं इन पर कार्यवाही के निर्देश दिएसंभागायुक्त ने ड्यूटी समय पर उपस्थित नही होने वाले लापरवाह डॉक्टरों पर सख्त कार्यवाही के निर्देश दिए। उन्होने डॉ अंकित मेश्राम, डॉ बी.पी पांडेय, डॉ अभय पालीवाल, डॉ प्रदीप कुर्मी , डॉ पदमिनी चौहान, डॉ पीयुष कुमार पचौलिया, डॉ राजा गुलफाम शेख, डॉ जुबिन सौनाने को नोटिस जारी कर कड़ी कार्यवाही के निर्देश डीन व संबंधित अधिकारियों को दिए। Share this:Tweet Email a link to a friend (Opens in new window) Email Share on WhatsApp (Opens in new window) WhatsApp PostMoreLike this:Like Loading… Related पोस्ट नेविगेशन इंदौर पुलिस विभाग द्वारा अपने पुलिस अधिकारियों के साथियों को इंदौर से पद स्थानांतरण पर श्रीफल भेंटकर विदाई दी। राजेश दंडोतिया द्वारा आखिरी, ग्वालियर जिले में 135वा साइबर जागरूकता सेमीनार आयोजित किया गया।