प्रजापिता ब्रह्मा कुमारी ईश्वरीय विश्वविद्यालय की प्रथम मुख्य प्रशासिका है मातेश्वरी जगदंबा सरस्वती मातेश्वरी जगदम्बा सरस्वती मम्मा अनेकों विशेषताओं से परिपूर्ण थी – गीता दीदी, बागपत सेवा केंद्र प्रभारी बागपत, उत्तर प्रदेश। विवेक जैन।प्रजापिता ब्रह्मा कुमारी ईश्वरीय विश्वविद्यालय की प्रथम मुख्य प्रशासिका मातेश्वरी जगदंबा सरस्वती को उनकी पुण्यतिथि पर सैकड़ों लोगों ने श्रद्धांजली अर्पित की और उनको नमन किया। मुख्य कार्यक्रम बागपत शहर की कोर्ट रोड स्थित भजन विहार कॉलोनी, गली नम्बर 6 ब्रहमाकुमारी ईश्वरीय विश्वविद्यालय के सेवा केन्द्र में आयोजित किया गया। मातेश्वरी जगदम्बा सरस्वती के 58 वें पुण्य स्मृति दिवस पर बागपत सेवा केंद्र प्रभारी गीता दीदी ने उपस्थित भाईयों और बहनों से कहा कि हमें मातेश्वरी जगदम्बा सरस्वती की तरह अपने जीवन को सरल बनाना है। मातेश्वरी को सब प्यार से मम्मा बुलाते थे। मम्मा अनेकों विशेषताओं से परिपूर्ण थी। आज्ञाकारी होने के साथ-साथ गंभीरता व आदर भाव उनके अंदर बहुत अधिक था। गीता दीदी ने बताया हमारे जीवन में दुखों का कारण हमारा स्वभाव और संस्कार है। अगर हम हमारे स्वभाव और संस्कारों को सरल बनाएं तो जीवन में खुशियां ही खुशियां आ सकती हैं। हम सभी को मम्मा के समान बनना है और आज संकल्प के द्वारा उनकी कम से कम एक विशेषता को अपने अंदर धारण करना है। कार्यक्रम में गीता दीदी ने उपस्थित भाईयो और बहनों को एक बुराई को त्यागने और एक विशेषता को धारण करने का श्रद्धांजली के रूप में संकल्प दिलाया। गीता दीदी ने कहा कि हम अपने अंदर सकारात्मक बदलाव लाये यही हमारी और से मम्मा को सच्ची श्रद्धांजली होगी। इसके उपरान्त सभी भाई बहनों ने प्रजापिता ब्रह्मा कुमारी ईश्वरीय विश्वविद्यालय की प्रथम मुख्य प्रशासिका मातेश्वरी जगदंबा सरस्वती को श्रद्धांजलि अर्पित की और आयोजित ब्रहम भोज में प्रसाद ग्रहण किया। श्रद्धांजली कार्यक्रम में आने वाले और सहयोग करने वाले सभी भाई-बहनों का आभार व्यक्त किया गया। इस अवसर पर पल्लवी दीदी, सरिता दीदी, रश्मि दीदी, नेशनल अवार्डी व वरिष्ठ पत्रकार भाई विपुल जैन, संजय भाई, अशोक भाई, दीपांशु भाई सहित सैंकड़ों लोग उपस्थित थे। Share this:Tweet Email a link to a friend (Opens in new window) Email Share on WhatsApp (Opens in new window) WhatsApp PostMoreLike this:Like Loading… Related पोस्ट नेविगेशन कलेक्ट्रेट दर और साप्ताहिक अवकाश मजदूरों का अधिकार : माकपा मूंदहुं आंख कतहुं कछु नाहीं!