कही अपनी ही कारस्थानी में तो नही जल पड़ी रीसायकल वेस्ट कंपनी.?हजारों लीटर पानी और प्रशासन के लाखों रुपये बहाकर 12 घण्टों तक भी नही बुजी आग. इंदौर मध्य प्रदेश के निवासियों के लिए टनों जहरीले फार्मास्युटिकल कचरा जलाने से गंभीर स्वास्थ्य समस्या.!आग में टनों दवाई का कचरा जलकर खाक हो गया।आगजनी यहाँ इस बात का सबूत है कि कंपनी खुद को अनैतिक रूप से संचालित कर रही थी।मध्य प्रदेश के इंदौर में एक स्क्रैप डीलर के कारखाने में भीषण आग लग गई, इंदौर में कचरे को रिसाइकल करने का काम किया जाता था कारखाने में।प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड ने ग्रीनबेल्ट क्षेत्र में फैक्ट्री चलाने का लाइसेंस दिया।विभिन्न बहुराष्ट्रीय कंपनियों जैसे वायट्रिस, मैकलियोड्स फार्मा, टोरेंट फार्मा, सनफार्मा, डाबर, ल्यूपिन, सिप्ला, माइलान से हजारों टन फार्मास्युटिकल कचरे को कंपनी में संग्रहित किया गया था। ये अपशिष्ट प्रकृति में खतरनाक होते हैं क्योंकि इन्हें उचित निपटान और रीसाइक्लिंग के लिए अनुपालक रीसाइक्लिंग सुविधाओं में भेजा जाना चाहिए। ये कंपनियां मौद्रिक लाभ के लिए अक्षम इकाइयों को अपनी सामग्री दे रही हैं जो कि रहने वाले कारखानों और निवासियों के लिए तबाही का कारण बन रही हैं। रीसायकल वेस्ट फैसिलिटी में आग लगा गई और आसपास की 10 दुकानें भी जलकर खाक हो गईं। वर्तमान में 60 दमकल टैंकों का उपयोग किया गया है लेकिन अभी भी आग पर काबू नहीं पाया जा सका है क्योंकि सामग्री खतरनाक प्रकृति की है। आग पिछले 6 घंटे से जारी है और ट्रैफिक को डायवर्ट कर दिया गया है। यहां का दृश्य गंभीर है। केमिकल के ड्रम व अन्य केमिकल के जलने से लोग आंखों में जलन व गले में तेज दर्द की शिकायत कर रहे हैं। साथ ही पानी गंभीर रसायनों से दूषित है और 1 किमी की परिधि में पीने योग्य पानी नहीं है। इस तरह की लापरवाही को बर्दाश्त नहीं किया जाना चाहिए क्योंकि फैक्ट्री के पास सुरक्षा का कोई साधन नहीं है और आग पर काबू पाने के लिए कोई सुविधा नहीं है। साथ ही यह सुविधा ग्रीन बेल्ट एरिया में है। निवासी मांग कर रहे हैं कि कारखाने का लाइसेंस रद्द किया जाए और खतरनाक अपशिष्ट सामग्री की आपूर्ति करने वाली कंपनियों पर गंभीर जुर्माना लगाया जाए। Share this:Tweet Email a link to a friend (Opens in new window) Email Share on WhatsApp (Opens in new window) WhatsApp PostMoreLike this:Like Loading… Related पोस्ट नेविगेशन छत्तीसगढ़ : सुरक्षा के लिए नही, प्रताड़ित करने वालों को प्रोत्साहन के लिए बना है “मीडिया कर्मी सुरक्षा कानून” अहीरखेड़ी में पकड़ी 2 लाख से ज्यादा की अवैध भांग लाइसेंस रद्द किए जाने के बाद भी चल रही थी मुनक्का फैक्ट्री