अति कुपोषित बच्चों की संख्या छ: माह में 1375 से घटकर हुई 275।सांसद लालवानी और कलेक्टर डॉ. इलैयाराजा टी ने 275 अति कुपोषित बच्चों के लिये वितरित की विशेष न्यूट्रीशियन किट। इंदौर जिले में अति कुपोषित बच्चों के पोषण स्तर में सुधार लाने के लिये लगातार प्रभावी प्रयास किये जा रहे है। जिला प्रशासन, महिला एवं बाल विकास विभाग द्वारा अनेक अनूठी पहल जन-सहयोग और शासकीय प्रयासों से की जा रही है। इसके बेहतर परिणाम सामने दिखाई दे रहें है। अति कुपोषित बच्चों की संख्या जिले में छ: माह में 1375 से घटकर 275 हो गई है। उल्लेखनीय है कि जिले में अति कुपोषित बच्चों के लिये पोषण में सुधार के लिये विशेष प्रयास हो रहे है। इस तारतम्य में सदाचार समिति द्वारा एक अभिनव पहल करते हुये अति कुपोषित बच्चों को एक विशेष न्यूट्रीशियन किट दी जा रही है। इसमें अनेक पोषक तत्वों की खाद्य सामग्री है, बच्चे इसका नियमित सेवन कर है, जिससे उनके पोषण स्तर में सुधार दिखाई दे रहा है। इसी सिलसिले में सांसद शंकर लालवानी और कलेक्टर डॉ. इलैयाराजा टी ने जिले में शेष 275 अति कुपोषित बच्चों के लिये विशेष तरह की न्यूट्रीशियन किट वितरित की। इस अवसर पर कलेक्टर डॉ. इलैयाराजा टी, अपर कलेक्टर अभय बेड़ेकर, सहायता संस्था के पदाधिकारी तथा समाजसेवी अनिल भंडारी, महिला एवं बाल विकास के कार्यक्रम अधिकारी रामनिवास बुधोलिया भी मौजूद थे। कार्यक्रम में अति कुपोषित बच्चों के लिये न्यूट्रीशियन किट का वितरण अतिथियों द्वारा किया गया। उक्त किट के लिये सदाचार समिति के अनिल भंडारी द्वारा सवा लाख रूपये प्रदान किये गये है। अति कुपोषित बच्चों के पोषण स्तर में सुधार के लिये दी जाने वाली विशेष न्यूट्रीशियन किट में राजगिरे के लड्डू, भूना चना, खोपरे का गोला, सत्तु, मुंगफली एवं गुड़ की चिक्की और खजूर पर्याप्त मात्रा में रखें गये है। इस किट का वजन लगभग 3 किलो है। यह किट सदाचार समिति द्वारा 275 अति कुपोषित बच्चों के लिये प्रदाय की गई है। यह किट लगभग डेढ़ से दो माह तक चलेगी। इसके उपयोग से अति कुपोषित बच्चों के स्वास्थ्य एवं पोषण स्तर में अपेक्षित सुधार आयेगा। इस अवसर पर प्रतीक के रूप में चयनित बाल परियोजनाओं की आँगनवाड़ी कार्यकर्ताओं को उक्त किट वितरित की गई। कार्यक्रम में मौजूद महिला एवं बाल विकास विभाग की सुपरवाईजर आँगनवाड़ी कार्यकर्ताओं को निर्देश दिये कि उक्त किट सभी अति कुपोषित बच्चों को घर-घर जाकर अनिवार्य रूप से दी जाये। संबंधित आँगनवाड़ी कार्यकर्ता यह सुनिश्चित करे कि उक्त किट का उपयोग अति कुपोषित बच्चे द्वारा ही किया जाये। बताया गया कि इंदौर जिले में अति कुपोषित बच्चों के पोषण स्तर में सुधार के लिये अनेक पहल की जा रही है। Share this:Tweet Email a link to a friend (Opens in new window) Email Share on WhatsApp (Opens in new window) WhatsApp PostMoreLike this:Like Loading… Related पोस्ट नेविगेशन कलेक्टर डॉ. इलैयाराजा टी ने गणपति मंदिर खजराना प्रबंध समिति की बैठक ली। 19 फरवरी को होगा इंदौर जिले में व्यापक पौधारोपण.