पेयजल समस्या को लेकर ग्रामीणों ने सौंपा ज्ञापन।अनमोल मिश्रा विशेष स्टोरी…सतना। दरअसल मामला सतना जिले के रैगांव विधानसभा अंतर्गत ग्राम पंचायत पुरवा का है, जहा खारा पानी होने की वजह से 5 किलोमीटर दूर पीने के पानी को लेने जाने को मजबूर है पुरवा के ग्रामीण। पीने के पानी की समस्या को लेकर विगत रैगांव विधानसभा चुनाव का बहिष्कार भी पुरवा पंचायत के द्वारा किया गया था जिसको लेकर रैगांव उपचुनाव में सतना आए गृह मंत्री नरोत्तम मिश्रा जी द्वारा अपनी गारंटी लेते हुए कहा गया था कि आचार संहिता खत्म होते ही पुरवा पंचायत में नल जल योजना का कार्य शुरू हो जाएगा। अगर कार्य शुरु ना हो तो मुझे गाली देना पार्टी को गाली देनाए की बात कही थी। आपको बता दें कि आचार संहिता खत्म हुए कई महीने हो गए लेकिन पुरवा वासियों की पीने के पानी की परेशानी ज्यों की त्यों बनी हुई है। वहीं ग्रामीणों का कहना है कि क्या राज्य के गृह मंत्री नरोत्तम मिश्रा ने पुरवा वासियों को झूठा आश्वासन देकर हमारा चुनाव बहिष्कार का आंदोलन खत्म करवाया था। जिसको लेकर ग्रामीणों में जमकर आक्रोश है। पुरवा गांव के ग्रामीणों की मांग है कि जल्द से जल्द जल जीवन मिशन के तहत कार्य शुरू करने की मांग की है। जल जीवन मिशन के तहत पानी की टंकी का कार्य शुरू ना होने पर धरना प्रदर्शन की चेतावनी भी ग्रामीणों ने दी है। पेयजल समस्या को लेकर विधायक को सौंपा ज्ञापन रैगांव उपचुनाव के दौरान कांग्रेस विधायक कल्पना वर्मा द्वारा पुरवा गांव के ग्रामीणों को पेयजल समस्या को दूर करने का आश्वासन दिया था, लेकिन अभी तक यह कार्य पूरा नहीं हुआ, जिसको लेकर ग्रामीणों ने कांग्रेस की हाथ से हाथ जोड़ो यात्रा के दौरान विधायक कल्पना वर्मा को पुनः ज्ञापन सौंपकर जल जीवन मिशन के तहत पानी की टंकी का निर्माण कराने एवं मीठा पानी उपलब्ध कराने की मांग की है। कई वर्षों से बनी हुई है पेयजल समस्या बता दें कि सतना जिले के रैगांव विधानसभा क्षेत्र के ग्राम पंचायत पुरवा में विगत कई वर्षों से पेयजल समस्या बनी हुई है, कई बार अधिकारियों एवं नेताओं को ज्ञापन भी सौंपा गया है लेकिन ग्रामीणों को झूठे आश्वासन एवं जुमले वादों के चलते कुछ नहीं मिला।पीने का पानी लाने 5 किलोमीटर दूर तक जाते हैं ग्रामीण बता दें कि ग्राम पंचायत पुरवा में पानी की समस्या इस कदर बड़ी है जिसका अंदाजा आप 5 किलोमीटर दूर तक पीने के पानी लेने के लिये जाने वाले व्यक्तियों से लगा सकते हैं, लेकिन इस समस्या का दर्द केवल पुरवा वासी ही समझ सकते हैं। आज तक ग्रामीणों को झूठे आश्वासन एवं वादों के अलावा मीठा पानी नसीब नहीं हुआ। पीएचई विभाग ने झाड़ा पल्ला जब इस मामले को लेकर पीएचई विभाग के कार्यपालन यंत्री से बात की गई तो उनका साफ तौर पर यह कहना था कि ना तो किसी जनप्रतिनिधि द्वारा उनको पत्र प्राप्त हुआ है और ना ही किसी अधिकारी द्वारा उन्हें कोई आदेश हुआ है। अब इस तरह के बयान पर खुलेआम भाजपा सरकार एवं जनप्रतिनिधि पर सवालिया निशान भी खड़े कर रहा है। इनका सभी का कहना है… Share this:Tweet Email a link to a friend (Opens in new window) Email Share on WhatsApp (Opens in new window) WhatsApp PostMoreLike this:Like Loading… Related पोस्ट नेविगेशन भाजपा नेता अजय चौहान की माता को हजारों लोगों ने दी श्रद्धांजली राज्यपाल मंगुभाई पटेल ने ग्राम जामन्या में ग्रामीणों को किया संबोधित