रायपुर पुलिस की प्रभावी विवेचना और मजबूत अभियोजन से मिली सफलता, तीनों दोषियों पर कुल 10 लाख रुपये का अर्थदंड रायपुर। छत्तीसगढ़ की राजधानी रायपुर में कोडीनयुक्त कफ सिरप के अवैध कारोबार के खिलाफ पुलिस को बड़ी न्यायिक सफलता मिली है। रायपुर पुलिस की प्रभावी विवेचना, तकनीकी साक्ष्यों और मजबूत अभियोजन के आधार पर विशेष न्यायालय (एनडीपीएस एक्ट) ने तीन आरोपियों को दोषी करार देते हुए प्रत्येक को 20-20 वर्ष के सश्रम कारावास की सजा सुनाई है। न्यायालय ने तीनों दोषियों पर कुल 10 लाख रुपये का अर्थदंड भी लगाया है। एम्स अस्पताल के पास ई-रिक्शा से पकड़ी गई थी नशीली कफ सिरप पुलिस से प्राप्त जानकारी के अनुसार, पुलिस कमिश्नर डॉ. संजीव शुक्ला के निर्देशन में थाना आमानाका पुलिस ने 16 अक्टूबर 2025 को एम्स अस्पताल के गेट नंबर-4 के पास जीई रोड, टाटीबंध क्षेत्र में कार्रवाई की थी। इस दौरान एक ई-रिक्शा से Glankof-T ब्रांड की कोडीनयुक्त कफ सिरप की 40 शीशियां बरामद की गई थीं। बरामद सिरप की कुल मात्रा चार लीटर थी। पुलिस ने मौके से युवराज सिंह चौहान और वाजिद खान को गिरफ्तार किया था। पूछताछ में दोनों ने चरोदा, जिला दुर्ग निवासी निहाल सिंह से कफ सिरप खरीदने की जानकारी दी। इसके आधार पर पुलिस ने सप्लाई चेन की जांच करते हुए निहाल सिंह को भी गिरफ्तार कर लिया। मोबाइल सीडीआर और वैज्ञानिक साक्ष्य बने अहम आधार मामले की विवेचना के दौरान पुलिस ने कफ सिरप का वैज्ञानिक परीक्षण कराया। इसके साथ ही मोबाइल कॉल डिटेल रिकॉर्ड (सीडीआर) और अन्य तकनीकी साक्ष्य एकत्र किए गए। जांच में सप्लाई नेटवर्क से जुड़े तथ्यों को भी शामिल किया गया। पुलिस ने विवेचना पूरी कर 1 अप्रैल 2026 को विशेष न्यायालय में आरोपपत्र प्रस्तुत किया। विशेष न्यायालय ने सुनाई कठोर सजा विशेष न्यायाधीश श्रीमती किरण थवाईत की अदालत ने प्रस्तुत साक्ष्यों और अभियोजन पक्ष के तर्कों के आधार पर युवराज सिंह चौहान, वाजिद खान और निहाल सिंह को दोषी पाया। न्यायालय ने तीनों को 20-20 वर्ष के सश्रम कारावास और कुल 10 लाख रुपये के अर्थदंड से दंडित किया। पुलिस टीम की रही महत्वपूर्ण भूमिका इस प्रकरण की जांच और कार्रवाई में उप निरीक्षक मिनेश्वर बघेल, सहायक उप निरीक्षक प्राणेश्वर वर्मा, आरक्षक दीपक पाण्डेय, गुलशन चौबे और आशीष शुक्ला की महत्वपूर्ण भूमिका रही। वहीं, थाना आमानाका प्रभारी निरीक्षक सुधांशु बघेल ने आरोपपत्र प्रस्तुत करने संबंधी कार्रवाई पूरी की। रायपुर पुलिस की इस कार्रवाई और न्यायालय के फैसले को नशीले पदार्थों के अवैध कारोबार के खिलाफ महत्वपूर्ण सफलता माना जा रहा है। यह मामला दर्शाता है कि प्रभावी विवेचना, वैज्ञानिक साक्ष्य और मजबूत अभियोजन के माध्यम से संगठित अवैध कारोबार में शामिल लोगों को कानून के दायरे में लाया जा सकता है। Share this:Tweet Email a link to a friend (Opens in new window) Email Share on WhatsApp (Opens in new window) WhatsApp PostMoreLike this:Like Loading… Related पोस्ट नेविगेशन उज्जैन रेलवे स्टेशन पर मोबाइल चोरी की दो वारदातों का खुलासा, जीआरपी-आरपीएफ ने आरोपी को किया गिरफ्तार कैबिनेट मंत्री नागर सिंह चौहान को लेकर महिला के गंभीर दावे, वायरल वीडियो से सियासी हलचल