शहपुरा तहसील में बैठक के दौरान घटनाक्रम से कर्मचारियों में नाराजगी, त्योहारों पर अवकाश निरस्त करने के फैसले पर भी उठे सवालशहपुरा। शहपुरा तहसील में राजस्व विभाग की बैठक के दौरान राजस्व निरीक्षक बल सिंह बल्को को महज एक मिनट की देरी से पहुंचने पर बैठक कक्ष से बाहर किए जाने का मामला सामने आया है। इस घटनाक्रम के बाद अन्य पटवारियों ने भी विरोध जताया। वहीं, आगामी त्योहारों के मद्देनजर अवकाश निरस्त किए जाने के निर्णय को लेकर भी कर्मचारियों में नाराजगी बताई जा रही है।प्राप्त जानकारी के अनुसार, शहपुरा तहसील में राजस्व विभाग की बैठक सुबह 8:30 बजे निर्धारित थी। आरोप है कि राजस्व निरीक्षक बल सिंह बल्को के एक मिनट देरी से पहुंचने पर उन्हें बैठक कक्ष से बाहर कर दिया गया। इस कार्रवाई को लेकर कर्मचारियों ने आपत्ति जताई और अधिकारियों के व्यवहार तथा प्रशासनिक निर्णयों पर सवाल उठाए।एक मिनट की देरी बनी विवाद की वजहसरकारी कामकाज में समय की पाबंदी को महत्वपूर्ण माना जाता है, लेकिन एक मिनट की कथित देरी पर राजस्व निरीक्षक को बैठक से बाहर किए जाने की घटना अब चर्चा का विषय बन गई है। कर्मचारियों के विरोध के बीच यह सवाल भी उठ रहा है कि विभागीय अनुशासन बनाए रखने के साथ कर्मचारियों के प्रति संवाद और सम्मान का ध्यान किस तरह रखा जा रहा है। हालांकि, संबंधित अधिकारी ने किन परिस्थितियों में यह निर्णय लिया, इसकी आधिकारिक पुष्टि होना बाकी है।त्योहारों पर अवकाश निरस्त करने से भी नाराजगीपटवारियों की नाराजगी की एक अन्य वजह आगामी त्योहारों के दौरान अवकाश निरस्त किए जाने का निर्णय बताया जा रहा है। कर्मचारियों का कहना है कि छुट्टियां निरस्त होने से उनकी व्यक्तिगत और पारिवारिक योजनाएं प्रभावित हो सकती हैं। हालांकि, अवकाश निरस्तीकरण से संबंधित आदेश, उसकी अवधि और प्रशासन की ओर से बताए गए कारणों की विस्तृत जानकारी अभी सामने नहीं आई है।प्रशासनिक अनुशासन और कर्मचारियों के सम्मान का मुद्दाराजस्व विभाग में पटवारियों और राजस्व निरीक्षकों की भूमिका महत्वपूर्ण होती है। भूमि संबंधी प्रकरणों, सीमांकन, नामांतरण, राजस्व वसूली और आम नागरिकों से जुड़े कार्यों में उनकी अहम जिम्मेदारी रहती है। ऐसे में विभागीय अनुशासन के साथ कर्मचारियों की समस्याओं और परिस्थितियों पर संवाद बनाए रखना भी आवश्यक माना जाता है।फिलहाल, शहपुरा तहसील में बैठक के दौरान हुए घटनाक्रम और अवकाश निरस्त किए जाने के फैसले को लेकर कर्मचारियों की नाराजगी सामने आई है। मामले में संबंधित अधिकारियों का पक्ष सामने आने के बाद ही घटनाक्रम की वास्तविक परिस्थितियों और प्रशासनिक निर्णयों के कारणों की स्पष्ट जानकारी मिल सकेगी। Share this:Tweet Email a link to a friend (Opens in new window) Email Share on WhatsApp (Opens in new window) WhatsApp PostMoreLike this:Like Loading… Related पोस्ट नेविगेशन भोपाल में वर्ग-2 और वर्ग-3 के अभ्यर्थियों का प्रदर्शन जारी, रोशनपुरा चौराहे पर जाम छत्तीसगढ़ में 12 वरिष्ठ पुलिस अधिकारियों को प्रमोशन, ASP और समकक्ष पदों पर होगी पदस्थापना