फिरदौस नगर में ठेकेदार पर लापरवाही के आरोप, जल कनेक्शन दुरुस्त करने से किया इनकार; निगम अधिकारियों से कार्रवाई की मांग इंदौर। शहर के झोन क्रमांक 18 अंतर्गत वार्ड 52 के फिरदौस नगर में ड्रेनेज लाइन बिछाने के दौरान नर्मदा जल सप्लाई की पाइपलाइन क्षतिग्रस्त होने का मामला सामने आया है। रहवासियों ने नगर निगम के ठेकेदार पर लापरवाही से खुदाई करने और लोगों के घरेलू नल कनेक्शन तोड़ने का आरोप लगाया है। पाइपलाइन क्षतिग्रस्त होने से क्षेत्र में जलापूर्ति प्रभावित हुई और रहवासियों को पेयजल संकट का सामना करना पड़ रहा है। जानकारी के अनुसार, क्षेत्र में नगर निगम द्वारा ड्रेनेज लाइन बिछाने का कार्य कराया जा रहा है। इस दौरान जेसीबी मशीन से खुदाई की जा रही थी। आरोप है कि खुदाई के दौरान क्षेत्र की मुख्य नर्मदा जल सप्लाई लाइन सहित कई रहवासियों के पहले से चालू नल कनेक्शन क्षतिग्रस्त हो गए। इससे पानी सड़कों पर बहने लगा और घरों में जलापूर्ति बाधित हो गई। आश्वासन के बाद मरम्मत से इनकार का आरोप रहवासियों के मुताबिक, जब उन्होंने ठेकेदार सलमान से पाइपलाइन और नल कनेक्शन टूटने की शिकायत की, तो शुरुआत में नुकसान की भरपाई और कनेक्शन दुरुस्त कराने का आश्वासन दिया गया। लेकिन बाद में ठेकेदार द्वारा मरम्मत कराने से इनकार कर दिया गया। इस रवैये को लेकर क्षेत्रवासियों में नाराजगी है। राजनीतिक संरक्षण को लेकर भी उठाए सवाल रहवासियों ने आरोप लगाया कि खुदाई के दौरान कुछ प्रभावशाली लोगों के जल कनेक्शनों को सावधानीपूर्वक बचाकर काम किया गया, जबकि आम नागरिकों के पाइप जेसीबी से क्षतिग्रस्त कर दिए गए। उनका यह भी आरोप है कि ठेकेदार सलमान को झोन के जिम्मेदार अधिकारी ZDO अतीक खान का करीबी होने का लाभ मिल रहा है, जिसके चलते वह कथित तौर पर मनमानी कर रहा है। हालांकि, इन आरोपों की स्वतंत्र पुष्टि नहीं हुई है। निगम प्रशासन से जवाबदेही तय करने की मांग क्षेत्रवासियों ने नगर निगम आयुक्त और झोन क्रमांक 18 के अधिकारियों से मामले में तत्काल हस्तक्षेप की मांग की है। रहवासियों का कहना है कि विकास कार्यों के दौरान नागरिकों की बुनियादी सुविधाओं और सार्वजनिक पाइपलाइनों की सुरक्षा सुनिश्चित करना संबंधित एजेंसी की जिम्मेदारी है। उन्होंने क्षतिग्रस्त जल कनेक्शनों की तत्काल मरम्मत, जलापूर्ति बहाल करने और लापरवाही की जांच कर जिम्मेदारों पर कार्रवाई की मांग की है। रहवासियों ने चेतावनी दी है कि यदि जल्द समस्या का समाधान नहीं किया गया तो वे नगर निगम मुख्यालय पर प्रदर्शन करने को मजबूर होंगे। अब देखना होगा कि निगम प्रशासन इस मामले में क्या कदम उठाता है और प्रभावित परिवारों को कब तक राहत मिलती है। Share this:Tweet Email a link to a friend (Opens in new window) Email Share on WhatsApp (Opens in new window) WhatsApp PostMoreLike this:Like Loading… Related पोस्ट नेविगेशन निर्वाचन आयोग घेराव में जीतू पटवारी ने उठाए चुनाव प्रक्रिया और मतदाता सूची की पारदर्शिता पर सवाल RTI की आड़ में ब्लैकमेलिंग का आरोप, संतोष कुमावत गिरफ्तार; सांवेर तहसीलदार की शिकायत निकली फर्जी