303 बच्चों की स्वास्थ्य जांच, 10 गंभीर बच्चों को गोंदिया के अस्पताल में भर्ती कराया गयागोंदिया। बालाघाट जिले के अति-दुर्गम, आदिवासी बहुल और नक्सल प्रभावित क्षेत्रों में बच्चों के स्वास्थ्य को लेकर ‘सहयोग–मिशन जीवन’ अभियान चलाया जा रहा है। सहयोग हॉस्पिटल, गोंदिया की टीम द्वारा कठिन भौगोलिक परिस्थितियों के बीच घर-घर स्वास्थ्य जांच, जनजागरूकता और निःशुल्क चिकित्सा सेवाएं उपलब्ध कराई जा रही हैं। अभियान के तहत मोहनपुर, उशाचक्र, कुलपा, माटे, पालागोंदी, लुध, बिटोली, अडोरी, कोरका, कुंडेकसा, देवरबेड़ी, मछुर्दा और धर्मशाला सहित 14 से अधिक दुर्गम आदिवासी गांवों में स्वास्थ्य जांच एवं चिकित्सा शिविर आयोजित किए जा रहे हैं। अब तक 303 बच्चों की स्वास्थ्य जांच की जा चुकी है।10 गंभीर बच्चों को अस्पताल में भर्ती करायास्वास्थ्य जांच के दौरान गंभीर रूप से बीमार पाए गए 10 बच्चों को सहयोग हॉस्पिटल, गोंदिया में भर्ती कराया गया है। इनमें कुंडेकसा के 4 तथा मछुर्दा और धर्मशाला के 6 बच्चे शामिल हैं। सभी बच्चों का उपचार जारी है। संस्थान की ओर से बच्चों के परिजनों के रहने, भोजन और आवश्यक देखभाल की व्यवस्था भी की जा रही है। वहीं, 4 बच्चे पूरी तरह स्वस्थ होकर अपने परिवारों के साथ घर लौट रहे हैं।अभियान के दौरान ग्रामीण परिवारों को तेज बुखार, सांस लेने में तकलीफ, उल्टी-दस्त, अत्यधिक कमजोरी, बेहोशी या दौरे तथा अचानक स्वास्थ्य बिगड़ने जैसे गंभीर लक्षणों की जानकारी दी जा रही है, ताकि समय रहते उपचार मिल सके।आर्थिक स्थिति उपचार में बाधा नहीं बनेगीसहयोग संस्थान के अध्यक्ष जयेशचन्द्र रमन रामादे ने कहा कि कोई भी जरूरतमंद बच्चा आर्थिक कारणों से उपचार से वंचित नहीं रहेगा। अभियान के तहत जांच, दवा, उपचार और आवश्यकता पड़ने पर गहन चिकित्सा की सुविधाएं निःशुल्क उपलब्ध कराई जा रही हैं। गंभीर बच्चों को सहयोग क्लिनिक, बालाघाट से सहयोग हॉस्पिटल, गोंदिया लाकर उपचार दिया जा रहा है। अस्पताल तक आने-जाने के परिवहन के साथ परिजनों के रहने और भोजन की व्यवस्था भी संस्थान कर रहा है।अभियान में जे.के. लोखंडे, डॉ. सौरभ वर्धानी, डॉ. विश्वेश्वर सहित चिकित्सा, नर्सिंग और सहयोग दल के सदस्यों की सक्रिय भूमिका है। प्रशासन एवं स्थानीय स्वास्थ्य अधिकारियों के समन्वय से अभियान को जमीनी स्तर पर संचालित किया जा रहा है।जनजागरूकता के लिए WhatsApp, Facebook, स्थानीय समाचार पत्र, बैनर-होर्डिंग, ध्वनि विस्तारक यंत्र, ग्रामसभा और घर-घर संपर्क का सहारा लिया जा रहा है। आंगनवाड़ी, आशा कार्यकर्ताओं, स्वास्थ्यकर्मियों, स्वयंसेवकों और जनप्रतिनिधियों के सहयोग से ग्रामीणों को जागरूक किया जा रहा है।सहयोग संस्थान ने अपील की है कि किसी बच्चे में गंभीर स्वास्थ्य लक्षण दिखाई देने पर तत्काल स्वास्थ्य दल को सूचना दें।सहयोग संस्थान हेल्पलाइन:📞 92265 15346 | 83290 70112 Share this:Tweet Email a link to a friend (Opens in new window) Email Share on WhatsApp (Opens in new window) WhatsApp PostMoreLike this:Like Loading… Related पोस्ट नेविगेशन इंदौर में बारिश के बीच बड़ा हादसा, कार पर गिरा पेड़; महिला की मौत नवीन न्यायालय भवन में देरी से नाराज अधिवक्ता संघ, नेशनल लोक अदालत का बहिष्कार
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