नई दिल्ली। राष्ट्रीय परीक्षा एजेंसी (NTA) में कर्मचारियों की संख्या और हाल में 47 लोगों को हटाए जाने के दावों को लेकर नए सवाल खड़े हो गए हैं। राज्यसभा में केंद्र सरकार द्वारा दी गई जानकारी के अनुसार, NTA में स्वीकृत 39 स्थायी पदों के मुकाबले वर्तमान में केवल 24 स्थायी कर्मचारी कार्यरत हैं। वहीं एजेंसी में 197 कर्मचारी संविदा और आउटसोर्सिंग के माध्यम से सेवाएं दे रहे हैं।ऐसे में 47 कर्मचारियों को हटाए जाने की खबर पर सवाल उठ रहे हैं। उपलब्ध आधिकारिक आंकड़ों के अनुसार, यदि स्थायी कर्मचारियों की संख्या केवल 24 है, तो 47 लोगों को हटाने का दावा स्थायी कर्मचारियों पर लागू नहीं होता।सूत्रों के अनुसार, जिन 47 कर्मचारियों को हटाए जाने की चर्चा है, वे संभवतः संविदा या आउटसोर्सिंग के माध्यम से कार्यरत थे। हालांकि सरकार की ओर से इस संबंध में विस्तृत आधिकारिक स्पष्टीकरण अभी सामने नहीं आया है।इस बीच यह भी चर्चा है कि यदि कार्रवाई केवल संविदा कर्मचारियों तक सीमित रही है, तो परीक्षा प्रणाली से जुड़े निर्णय लेने वाले स्थायी अधिकारियों की जवाबदेही को लेकर भी सवाल उठ रहे हैं। फिलहाल सरकार ने इस विषय पर कोई आधिकारिक पुष्टि नहीं की है। ऐसे में पूरे मामले पर स्पष्ट जानकारी का इंतजार है। Share this:Tweet Email a link to a friend (Opens in new window) Email Share on WhatsApp (Opens in new window) WhatsApp PostMoreLike this:Like Loading… Related पोस्ट नेविगेशन शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान ने दिया इस्तीफा, Gen-Z के विरोध के आगे झुकी सरकार जनपद शिक्षा केन्द्र जवा अंतर्गत मध्यान्ह भोजन में गड़बड़ी! जिम्मेदार एमडीएम प्रभारी की जांच कागजों तक सीमित