लखनऊ। महिला आरक्षण बिल (नारी शक्ति वंदन अधिनियम) को जनगणना और परिसीमन की शर्तों से अलग कर तत्काल लागू करने की मांग को लेकर सोमवार को राजधानी लखनऊ में विभिन्न महिला एवं जन संगठनों के संयुक्त प्रतिनिधिमंडल ने उत्तर प्रदेश कांग्रेस कमेटी के प्रदेश अध्यक्ष अजय राय से मुलाकात की। प्रतिनिधिमंडल ने महिलाओं की ओर से सर्वसम्मति से तैयार विशेष प्रस्ताव सौंपते हुए आगामी मानसून सत्र में बिना किसी देरी के बिल पारित कराने की मांग की।महिला संगठनों ने कहा कि लंबे संघर्ष के बाद पारित हुआ महिला आरक्षण कानून जनगणना और परिसीमन जैसी शर्तों के कारण प्रभावी रूप से लागू नहीं हो पा रहा है। उनका कहना था कि यदि इन शर्तों को नहीं हटाया गया तो महिलाओं को राजनीतिक प्रतिनिधित्व मिलने में वर्षों की देरी हो सकती है।प्रतिनिधिमंडल ने अपनी मांगों में कहा कि बिल का नाम बदलकर मूल स्वरूप में रखा जाए, क्योंकि महिलाओं को “वंदन” नहीं बल्कि समान अधिकार चाहिए। साथ ही महिला आरक्षण को जनगणना और परिसीमन की प्रक्रिया से पूरी तरह अलग किया जाए तथा इसे बिना किसी अतिरिक्त शर्त के तत्काल प्रभाव से लागू किया जाए।कांग्रेस प्रदेश अध्यक्ष अजय राय ने प्रतिनिधिमंडल की बातों को गंभीरता से सुना और उनकी मांगों पर सकारात्मक रुख जताया। प्रतिनिधिमंडल ने उनसे आग्रह किया कि संसद के आगामी मानसून सत्र में कांग्रेस सहित अन्य राजनीतिक दलों पर भी इस मुद्दे पर दबाव बनाया जाए, ताकि महिला आरक्षण को शीघ्र लागू कराया जा सके।इस अवसर पर अखिल भारतीय जनवादी महिला समिति, साझी दुनिया, नेशनल फेडरेशन ऑफ इंडियन वूमेन, जनवादी लेखक संघ, ऑल इंडिया प्रोग्रेसिव विमेंस एसोसिएशन, नेशनल अलायंस ऑफ पीपल्स मूवमेंट्स, ऑल इंडिया फॉरवर्ड ब्लॉक सहित कई संगठनों की प्रतिनिधियों ने भाग लिया। प्रतिनिधिमंडल में रूपरेखा वर्मा, मधु गर्ग, कांति मिश्रा, नाइश हसन, मीना सिंह, सरोजिनी बिष्ट, वंदना रॉय, बबिता सिंह, डॉ. आरती और अरुंधति धुरू सहित अन्य सदस्य शामिल रहे। Share this:Tweet Email a link to a friend (Opens in new window) Email Share on WhatsApp (Opens in new window) WhatsApp PostMoreLike this:Like Loading… Related पोस्ट नेविगेशन दतिया की जनता फिर अहंकार को जवाब देगी, लोकतंत्र की रक्षा करेगी : जीतू पटवारी