तेंदुहा नाला के पास रिटर्निग बाल के नाम पर फर्जी तरीके से की गई राशि आहरित।

दो माह में ही नाली निर्माण और पीसीसी सड़क निर्माण हुई जर्जर, जिम्मेदार बेखबर।

जवा रीवा। रीवा जिले के जवा जनपद पंचायत अंतर्गत ग्राम पंचायत कोनीकला जो भ्रष्टाचार के मामले में हमेशा सुर्खियो में रहता है चाहे गौशाला निर्माण को लेकर हो, वृक्षारोपण को लेकर हो, या अमृत(मानसरोवर) को लेकर हो, पूर्व से शिकायत पर जांच चल रही है लेकिन अभी तक सही जांच का निराकरण नही हो सका जिसमे लाखो का घोटाला हो चुका है। सरपंच बदले, सचिव बदले लेकिन भ्रष्टाचार उसी राह पर है।

अभी हाल ही में कोनीकला ग्राम पंचायत के वर्तमान सरपंच सचिव के ऊपर नाली निर्माण,पीसीसी निर्माण के नाम पर राशि आहरण करने का आरोप भी लग चुके है लेकिन जवा जनपद पंचायत के जिम्मेदार उपयंत्री, एसडीओ एवं सीईओ के मिलीभगत से न ही सही जांच हुई न ही कार्यवाही की गई बल्कि भ्रष्टाचार करने का संरक्षण दिया गया है।
ताजा मामला अभी इसी ग्राम पंचायत के (पैपखरा) से सामने आए है कि दो से तीन महीने पहले पीसीसी सड़क का निर्माण ग्राम पंचायत द्वारा किया गया था जिसमे घटिया बालू, गिट्टी और कम मात्रा में घटिया सीमेंट का उपयोग कर निर्माण कार्य कराया गया जो निर्माण कार्य के कुछ ही दिनों में खराब हो गयी और सड़क से गिट्टी निकलना शुरू हो गया। जिसके अमानक निर्माण कार्यो का ग्रामीणों ने शिकायत भी की थी लेकिन जनपद के अधिकारियों के मिलीभगत होने बजह से कोई जांच नही की गई। जिसे आप फ़ोटो के माध्यम से पीसीसी सड़क की दुर्दशा को देख सकते है।

इसी तरह से तेंदुहा नाला के पास रिटर्निग बाल का भी फर्जी तरीके से राशि आहरित की गई है

सवाल यही की आखिर कब तक ग्राम पंचायतों में जनता के पैसों को लूट कर सरपंच सचिव उपयंत्री एसडीओ और सीईओ अपना जेब भरते रहेंगे।

सूत्रों से मिली जानकारी के अनुसार अतरैला में राजमणि गुप्ता उर्फ मल्लू गुप्ता की ऑनलाइन की दुकान है जिसके आड़ में सभी नैतिक अनैतिक काम किया जाता है। इसी बजह से जवा क्षेत्र के कई ग्राम पंचायतो के सरपंच सचिव अतरैला पहुच कर फर्जी वेंडर के सहारे राशि का आहरण करते है जिसमे कोनी ग्राम पंचायत के सचिव का नाम सबसे आगे है।

सुरेश कुमार साहू जो  सरपंच का भाई है फर्जी वेंडर बना हुआ है जबकि उनकी अतरैला में पंचर की दुकान है।

लोगो का आरोप है मल्लू गुप्ता के द्वारा अनैतिक रूप से पैसे अपने खाते में या सगे संबंधियों के खाते में लेकर कुछ परसेंटेज में नगद राशि दी जाती है

जिसकी जांच EOW से उसके कार्यो एवं उनके बेनामी संपति की जांच कराई जाय तो बड़ा घोटाला सामने आ सकता है।

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By kushmendra

Journlist- NNW News(News National World)

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