भोपाल। मध्य प्रदेश लोक सेवा आयोग (MPPSC) ने सहायक जिला लोक अभियोजन अधिकारी (ADPO) परीक्षा 2026 के लिए परीक्षा योजना एवं विस्तृत पाठ्यक्रम जारी कर दिया है। इस भर्ती परीक्षा की तैयारी कर रहे अभ्यर्थियों के लिए यह महत्वपूर्ण अपडेट है, जिसमें परीक्षा पैटर्न, अंक विभाजन, नकारात्मक अंकन और विषयवार सिलेबस स्पष्ट किया गया है।जारी परीक्षा योजना के अनुसार लिखित परीक्षा एक ही सत्र में 3 घंटे की होगी, जिसमें कुल 150 प्रश्न पूछे जाएंगे। परीक्षा दो खंडों में विभाजित रहेगी। खंड ‘अ’ में सामान्य अध्ययन के 50 प्रश्न होंगे, जो 150 अंकों के होंगे, जबकि खंड ‘ब’ में विधि विषय से 100 प्रश्न पूछे जाएंगे, जो 300 अंकों के होंगे। इस प्रकार लिखित परीक्षा कुल 450 अंकों की होगी। इसके अतिरिक्त 50 अंकों का साक्षात्कार आयोजित किया जाएगा। कुल चयन प्रक्रिया 500 अंकों की रहेगी।परीक्षा में नकारात्मक अंकन की व्यवस्था भी लागू रहेगी। प्रत्येक सही उत्तर पर 3 अंक दिए जाएंगे, जबकि प्रत्येक गलत उत्तर पर 1 अंक की कटौती होगी। सामान्य वर्ग के अभ्यर्थियों को प्रत्येक खंड में न्यूनतम 40 प्रतिशत अंक प्राप्त करना अनिवार्य होगा, जबकि आरक्षित वर्गों के लिए यह सीमा 30 प्रतिशत निर्धारित की गई है।सामान्य अध्ययन खंड में मध्य प्रदेश का इतिहास, संस्कृति, साहित्य, भूगोल, राजनीति, अर्थव्यवस्था, जनजातीय विरासत तथा राष्ट्रीय-अंतर्राष्ट्रीय समसामयिक घटनाओं पर विशेष फोकस रहेगा। वहीं विधि खंड में भारतीय संविधान, भारतीय न्याय संहिता 2023, भारतीय नागरिक सुरक्षा संहिता, भारतीय साक्ष्य अधिनियम, महिला एवं बाल संरक्षण कानून, भ्रष्टाचार निवारण अधिनियम, SC/ST अत्याचार निवारण अधिनियम, NDPS एक्ट, IT एक्ट, RTI एक्ट सहित कई प्रमुख एवं लघु अधिनियम शामिल किए गए हैं।MPPSC ने स्पष्ट किया है कि परीक्षा में संबंधित कानूनों में शासन द्वारा किए गए नवीनतम संशोधन भी शामिल होंगे। ऐसे में अभ्यर्थियों को अद्यतन कानूनी प्रावधानों के साथ तैयारी करने की सलाह दी गई है।यह परीक्षा राज्य में अभियोजन सेवा में करियर बनाने वाले युवाओं के लिए बड़ा अवसर मानी जा रही है। Share this:Tweet Email a link to a friend (Opens in new window) Email Share on WhatsApp (Opens in new window) WhatsApp PostMoreLike this:Like Loading… Related पोस्ट नेविगेशन आपूर्ति निगम के वरदाना टेंडर पर वित्तीय अनियमितता के आरोप निराधार, कर्मचारी संगठनों ने दी आंदोलन की चेतावनी वर्चुअल ऑटिज़्म: आधुनिक युग की उभरती समस्या और होम्योपैथी द्वारा समाधान