साजिश नाकाम: सीढ़ियों से गिरने की मनगढ़ंत कहानी को फॉरेंसिक जांच ने किया ध्वस्त, आरोपी ने पुलिस पर भी किया जानलेवा हमला

जयपुर, 24 मार्च 2026: झालावाड़ जिले के चंदीपुर थाना क्षेत्र में हुई रेणु उर्फ निमंता हत्याकांड की गुत्थी पुलिस ने सफलतापूर्वक सुलझा ली है। मुख्य आरोपी और मृतका का पति देवीकृपाल उर्फ डेविड को कोटा से गिरफ्तार कर लिया गया है। पुलिस अधीक्षक अमित कुमार के निर्देशन में टीम ने तकनीकी और फॉरेंसिक साक्ष्यों के आधार पर आरोपी की पूरी साजिश को बेनकाब कर दिया।

घटना की शुरुआत में परिजनों ने इसे सीढ़ियों से गिरने का हादसा बताया था, लेकिन पुलिस को घटनास्थल पर बिखरा सामान, टूटी चूड़ियाँ और मृतका के शरीर पर मौजूद 19 चोटों के निशान संदिग्ध लगे। मामले की गंभीरता को देखते हुए जयपुर और कोटा की स्टेट फॉरेंसिक साइंस लेबोरेटरी (एफएसएल) की टीम ने क्राइम सीन का पुनर्निर्माण (रिक्रिएशन) किया। डमी बॉडी के साथ किए गए परीक्षण में साबित हो गया कि सीढ़ियों से गिरने पर मृतका के शरीर पर पाई गई चोटें असंभव थीं। इस वैज्ञानिक प्रमाण ने आरोपी की मनगढ़ंत कहानी को पूरी तरह ध्वस्त कर दिया।

जांच के दौरान सीसीटीवी फुटेज और अन्य तकनीकी साक्ष्यों से पता चला कि हत्या वाली रात आरोपी अपने भांजे कोमल के साथ होटल नारायण पैलेस में शराब पार्टी कर रहा था। रात करीब 2 बजे वह होटल से निकला और घर जाकर अपनी पत्नी रेणु की बेरहमी से हत्या कर दी। सुबह 5 बजे वह पत्नी को अस्पताल ले गया, जहां डॉक्टरों ने उसे मृत घोषित कर दिया। इसके तुरंत बाद आरोपी लाश छोड़कर फरार हो गया और यहां तक कि पत्नी के अंतिम संस्कार में भी शामिल नहीं हुआ।

पुलिस अनुसंधान में हत्या का मुख्य कारण भी सामने आया। आरोपी देवीकृपाल के अन्य महिलाओं के साथ अवैध संबंध थे, जिसका रेणु पुरजोर विरोध करती थी। इसी विरोध को दबाने के लिए आरोपी ने यह खौफनाक साजिश रची। गिरफ्तारी के बाद आरोपी के मोबाइल से कई महिलाओं के साथ चैट और आपत्तिजनक फोटो बरामद किए गए हैं, जिनसे उसके अनैतिक संबंधों की पुष्टि हुई है।

फरारी के दौरान कोटा में पुलिस टीम ने जब आरोपी को घेरा तो उसने बच निकलने के लिए पुलिस वाहन पर अपनी कार से जोरदार टक्कर मार दी और जानलेवा हमला किया। इस मामले में कोटा के आरकेपुरम थाने में आरोपी के खिलाफ राजकार्य में बाधा डालने और हत्या के प्रयास का अलग से मामला दर्ज किया गया है। गिरफ्तारी के समय आरोपी फर्जी नंबर प्लेट वाली कार का इस्तेमाल कर रहा था।

इस सफलता पर अतिरिक्त महानिदेशक (एडीजी) लता मनोज ने झालावाड़ पुलिस की सराहना की। उन्होंने कहा कि वैज्ञानिक साक्ष्यों और आधुनिक तकनीक का इस्तेमाल कर अपराधी को पकड़ना पुलिसिंग की मिसाल है।

पुलिस अधीक्षक अमित कुमार ने बताया कि झालावाड़ पुलिस हर अपराध के खिलाफ जीरो टॉलरेंस की नीति पर काम कर रही है। आधुनिक जांच पद्धतियों से किसी भी अपराधी को बख्शा नहीं जाएगा।