श्रीकृष्ण जन्मभूमि संघर्ष न्यास अध्यक्ष ने शंकराचार्य पर FIR कराने वाले को ‘व्यभिचारी, बलात्कारी, गौ-हत्यारा’ बताया; कहा- ऐसे व्यक्ति हिंदू नहीं
प्रयागराज/प्रदीप चौधरी। मथुरा, 25 फरवरी 2026 — स्वामी अविमुक्तेश्वरानंद सरस्वती के खिलाफ प्रयागराज में बच्चों के यौन शोषण (पॉक्सो एक्ट) के आरोप में दर्ज FIR के बाद विवाद और तेज हो गया है। शिकायतकर्ता आशुतोष पांडेय उर्फ आशुतोष ब्रह्मचारी के खिलाफ अब श्रीकृष्ण जन्मभूमि संघर्ष न्यास के अध्यक्ष दिनेश फलाहारी महाराज ने बेहद विवादास्पद बयान दिया है।
फलाहारी महाराज ने कथित तौर पर घोषणा की है कि “कोई भी सनातनी भाई आशुतोष पांडे की नाक काटकर लाएगा और उसे जूतों की माला पहनाएगा, तो श्रीकृष्ण जन्मभूमि संघर्ष न्यास की ओर से उसे 21 लाख रुपए का इनाम दिया जाएगा।”
उन्होंने आशुतोष पांडे पर गंभीर आरोप लगाते हुए उन्हें “व्यभिचारी, बलात्कारी और गौ-हत्यारा” करार दिया। फलाहारी महाराज ने आगे कहा, “ऐसे व्यक्ति को हिंदू नहीं माना जा सकता। धिक्कार है उसके हिंदू होने पर।”
यह बयान स्वामी अविमुक्तेश्वरानंद सरस्वती के समर्थन में आया है, जिन पर माघ मेले और कुंभ के दौरान नाबालिगों के साथ कथित यौन शोषण के आरोप लगे हैं। आशुतोष ब्रह्मचारी की शिकायत पर कोर्ट के आदेश के बाद झूंसी थाने में FIR दर्ज हुई थी, जिसमें शंकराचार्य और उनके शिष्य मुकुंदानंद ब्रह्मचारी को आरोपी बनाया गया है।
वहीं, आशुतोष पांडे के खिलाफ भी कई पुराने मामले दर्ज होने की खबरें हैं, जिनमें शामली पुलिस ने उन्हें हिस्ट्रीशीटर बताया है। कुछ रिपोर्ट्स में दावा किया गया है कि यह मामला साजिश का हिस्सा हो सकता है।
फलाहारी महाराज के इस बयान ने सोशल मीडिया और धार्मिक-सामाजिक हलकों में तीखी बहस छेड़ दी है। कई लोग इसे हिंसा को बढ़ावा देने वाला बता रहे हैं, जबकि कुछ इसे भावनात्मक प्रतिक्रिया मान रहे हैं।
प्रशासन की ओर से अभी तक इस बयान पर कोई आधिकारिक प्रतिक्रिया नहीं आई है, लेकिन कानूनी विशेषज्ञों का मानना है कि ऐसे उकसावे वाले बयान आपराधिक धाराओं के दायरे में आ सकते हैं।
