इंदौर: इंदौर पुलिस द्वारा भ्रष्टाचार, लापरवाही और अनुशासनहीनता के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जा रही है। इसी कड़ी में ट्रैफिक पुलिस के प्रधान आरक्षक 2244 राजेश जायसवाल को सेवा से पदच्युत (Dismissal from Service) कर दिया गया है।
दिनांक 26 जनवरी 2026 को सोशल मीडिया पर एक वीडियो तेजी से वायरल हुआ था, जिसमें इंदौर ट्रैफिक पुलिस के प्रधान आरक्षक राजेश जायसवाल ड्यूटी के दौरान चालान के नाम पर अवैध रूप से पैसे लेते हुए दिखाई दे रहे थे। यह वीडियो देखते ही पुलिस प्रशासन ने त्वरित संज्ञान लिया और ASI स्तर पर विभागीय जांच शुरू की गई।
जांच में वीडियो की प्रामाणिकता सत्यापित होने के साथ ही प्रधान आरक्षक द्वारा भ्रष्ट आचरण, पदीय कर्तव्यों का उल्लंघन और पुलिस की छवि को धूमिल करने का दोष सिद्ध हुआ। जांच रिपोर्ट के आधार पर डीसीपी ट्रैफिक इंदौर ने प्रधान आरक्षक राजेश जायसवाल को सबसे कठोर दंड देते हुए सेवा से बर्खास्त करने का आदेश जारी किया है।
इंदौर पुलिस कमिश्नरेट के एक वरिष्ठ अधिकारी ने बताया कि पुलिस बल में शुद्धिकरण का अभियान जारी है। भ्रष्टाचार करने वाले या अनुशासनहीन तत्वों को बिल्कुल बर्दाश्त नहीं किया जाएगा। यह कार्रवाई पुलिस की जवाबदेही और जनता के प्रति विश्वास बनाए रखने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम है।
पुलिस ने आमजन से अपील की है कि यदि वे किसी भी पुलिसकर्मी द्वारा भ्रष्टाचार या गलत व्यवहार का शिकार होते हैं, तो तुरंत उच्च अधिकारियों या हेल्पलाइन पर शिकायत दर्ज कराएं। इंदौर पुलिस भ्रष्टाचार मुक्त और नागरिक-केंद्रित सेवा देने के लिए प्रतिबद्ध है।
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