थाना यातायात प्रभारी के खिलाफ वकीलों का फूटा गुस्सा।

रीवा । रीवा जिले के जिला एवं सत्र न्यायालय (डीजे रीवा) तथा यातायात थाना प्रभारी की कार्यशैली से नाराज़ अधिवक्ताओं ने सोमवार को नवीन न्यायालय भवन परिसर में उग्र आंदोलन किया गया।  वाहनों के आवागमन और पार्किंग को लेकर यातायात पुलिस द्वारा बिना पूर्व अनुमति वाहनों में ताला लगाए जाने की कार्रवाई से विवाद शुरू हुआ, जो देखते ही देखते झूमाझटकी और हंगामे में तब्दील हो गया। घटना से आक्रोशित अधिवक्ताओं ने न्यायालय के मुख्य गेट पर ताला बंद कर डीजे रीवा एवं यातायात थाना प्रभारी के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की मांग को लेकर जोरदार प्रदर्शन किया।
जानकारी के मुताबिक नवीन
न्यायालय भवन परिसर में एक अधिवक्ता का वाहन निर्धारित स्थान पर खड़ा था। इसी दौरान यातायात पुलिसकर्मी मौके पर पहुंचे और वाहन में ताला लगाने की कार्रवाई करने लगे। अधिवक्ताओं का आरोप है कि यह कार्रवाई बिना किसी पूर्व सूचना अथवा अनुमति के की जा रही थी। जब वकीलों ने इसका विरोध किया तो यातायात
पुलिस और अधिवक्ताओं के बीच तीखी बहस हो गई जो कुछ ही देर में धक्का-मुक्की में बदल गई। इससे न्यायालय परिसर में अफरा-तफरी का माहौल बन गया। प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार, डीजे के निर्देश पर न्यायालय परिसर में यातायात व्यवस्था को लेकर सख्ती बढ़ाई गई थी जिसके तहत यातायात पुलिस को तैनात किया गया था।

इसी दौरान वाहनों की पार्किंग और आवागमन को लेकर विवाद भड़क उठा। अधिवक्ताओं का कहना है कि वर्षों से न्यायालय परिसर में अधिवक्ताओं के वाहनों की एक तय व्यवस्था चली आ रही है, ऐसे में अचानक की गई सख्ती से स्थिति बिगड़ी। घटना की खबर फैलते ही बड़ी संख्या में अधिवक्ता परिसर में एकत्र हो गए और यातायात थाना प्रभारी के खिलाफ नारेबाजी शुरू कर दी। आक्रोशित वकीलों ने मुख्य द्वार पर ताला जड़ दिया जिससे कुछ समय के लिए न्यायिक कार्य पूरी तरह ठप हो गया। अधिवक्ता संघ के पदाधिकारियों ने चेतावनी दी कि यदि अधिवक्ताओं के सम्मान और अधिकारों की अनदेखी की गई तो आंदोलन और उग्र किया जाएगा।