उत्तरप्रदेश।। प्रयागराज में चल रहे माघ मेले में किन्नर अखाड़े और सनातनी किन्नर अखाड़े ने महामंडलेश्वर श्रीमहंत पीठाधीश्वर महंत और कंठी चेलों का पट्टाभिषेक किया है। किन्नर अखाड़े में 7 और सनातनी किन्नर अखाड़े में 10 नए महामंडलेश्वर बनाए गए हैं। उत्तर प्रदेश के प्रयागराज में चल रहे माघ मेले में किन्नर समाज ने अपना शक्ति विस्तार किया। इस कड़ी में कई महामंडलेश्वर श्रीमहंत पीठाधीश्वर महंत और कंठी चेलों का पट्टाभिषेक किया गया। साल 2016 में उज्जैन के सिंहस्थ कुंभ से गठित किन्नर अखाड़े में पिछले साल हुए महाकुंभ 2025 के बाद विभाजन हो गया था और सनातनी किन्नर अखाड़ा के रूप में एक नए अखाड़े की नींव रखी गई। शुक्रवार को माघ मेले में तीर्थराज प्रयागराज की पावन रेती से दोनों किन्नर अखाड़ों ने अपनी शक्ति का विस्तार किया। किन्नर अखाड़े के आचार्य महामंडलेश्वर प्रो डॉ स्वामी लक्ष्मी नारायण त्रिपाठी के नेतृत्व में अखाड़े का बड़ा विस्तार किया गया। इसमें 7 महामंडलेश्वर 6 श्रीमहंत 11 महंत और 21 कंठी चेलों का विधि-विधान से पट्टाभिषेक किया गया। ओल्ड जीटी रोड के सेक्टर 6 में बनाए गए किन्नर अखाड़ा शिविर में आयोजित कार्यक्रम के दौरान लक्ष्मी नारायण त्रिपाठी ने नव नियुक्त पदाधिकारियों को पद और दायित्व सौंपे। इसके बाद कंठी चेलों को कंठी माला धारण कराई गई।किन्नर अखाड़े का विस्तार आचार्य महामंडलेश्वर स्वामी लक्ष्मी नारायण त्रिपाठी के नेतृत्व में किया गया। इससे पहले सभी नवनियुक्त पदाधिकारियों का त्रिवेणी संगम पर पिंडदान] विर्जादान एवं अन्य धार्मिक अनुष्ठान संपन्न हुआ। इनमें यूपी के प्रतापगढ़ की पारोनंद गिरि, महाराष्ट्र की नेहानंद गिरि ओडिशा की देवांशी नंद गिरि रक्षानंद गिरि रांची के अमरजीत नंद गिरि दिल्ली की शालूनंद गिरि और जबलपुर की साक्षीनंद गिरि को महामंडलेश्वर की उपाधि प्रदान की गई। इनके अलावा 21 कंठी चेले और 11 महंत भी बनाए गए जिनमें राधिकानंद गिरि किंजल कामाक्षी नंद गिरि सुनील नंद गिरि और शुभम नंद गिरि प्रमुख रूप से शामिल हैं। साथ ही प्रदेश वार पदाधिकारियों की घोषणा भी की गई है। इनमें उत्तर प्रदेश से महामंडलेश्वर स्वामी कल्याणी नंद गिरि अध्यक्ष] महामंडलेश्वर स्वामी कन्केश्वरी नंद गिरि को सचिव बनाया गया है। झारखंड से महामंडलेश्वर स्वामी राजेश्वरीनंद गिरि रोज मौसी को अध्यक्ष और महामंडलेश्वर स्वामी अमरजीत नंद गिरि सचिव नियुक्त की गई हैं। पंजाब से महामंडलेश्वर स्वामी वामदेव नंद गिरि अध्यक्ष और महामंडलेश्वर स्वामी देवांशी नंद गिरि सचिव बनी हैं। ओडिशा से महामंडलेश्वर स्वामी मीरानंद गिरि को अध्यक्ष और रक्षानंद गिरि सचिव बनाया गया है।अलग अलग प्रदेशों के लिए किन्नर अखाड़े ने पदाधिकारियों की भी नियुक्ति की है। पहली किन्नर वकील अभिरूपा रंजीत बनीं संतदूसरी तरफ सनातनी किन्नर अखाड़ा के महामंडलेश्वर यशोदा नंद गिरी की मौजूदगी में विशेष पट्टाभिषेक अनुष्ठान संपन्न हुआ। इस पट्टाभिषेक की सबसे बड़ी खासियत ये थी कि देश की पहली किन्नर वकील अभिरूपा रंजीत संत के पद पर आसीन हुईं। कानून की दुनिया में अपनी पहचान बनाने के बाद] अब वह धर्म के मार्ग पर चलेंगी। सनातनी किन्नर अखाड़े में 10 नए महामंडलेश्वरसनातनी किन्नर अखाड़े में कुल 11 संतों का हुआ पट्टाभिषेक हुआ इनमें 10 को महामंडलेश्वर और 1 को महंत बनाया गया। पट्टाभिषेक कोई अलग कार्यक्रम नहीं है। इसमें भी उन्हीं प्राचीन परंपराओं और नियमों का पालन किया गया जो 13 पारंपरिक अखाड़े सदियों से करते आए हैं। संतों ने पहले संगम तट पर स्वयं का पिंडदान किया जो सांसारिक मोह त्यागने का प्रतीक है। पांच गुरुओं से दीक्षा ली गई] जिसमें चोटी काटना] भस्म धारण करना और लंगोटी देने जैसी रस्में शामिल थीं। महामंडलेश्वर यशोदा नंद गिरी के नेतृत्व में सनातनी किन्नर अखाड़े में 10 नए महामंडलेश्वर बनाए गए। आचार्य महामंडलेश्वर ने उन्हें गुरुमंत्र देकर सन्यास की मर्यादाओं में बांधा। आचार्य कौशल्यानंद गिरि ने बताया कि आने वाले समय में अखाड़े में कश्मीरी पंडितों और दक्षिण भारतीय समुदाय के लोगों को भी शामिल किया जाएगा। इसका उद्देश्य सनातन धर्म को और अधिक समावेशी बनाना और समाज के हर वर्ग को मुख्यधारा से जोड़ना है। View this post on Instagram Share this:Tweet Email a link to a friend (Opens in new window) Email Share on WhatsApp (Opens in new window) WhatsApp PostMoreLike this:Like Loading… Related पोस्ट नेविगेशन स्वामी अविमुक्तेश्वरानंद पर क्यों मचा है बवाल “ट्रक से आ रही थी भीषण सड़ांध, खोला तो पैरों तले खिसक गई जमीन! रीवा में ‘कंकालों’ की तस्करी का भंडाफोड़, इलाके में भारी फोर्स तैनात