वैदिक मंत्रों से पुष्पांजलि-महाआरती हुई; वक्ताओं ने बताया जीवन में धर्म और ज्ञान का महत्व राहुल सेन मांडवमो 9669141814 देदला न्यूज/धार जिले के मांडू के पास ग्राम देदला के कष्ट भंजन हनुमान मंदिर परिसर में अखिल भारतीय मानस सम्मेलन आयोजित किया जा रहा है। आयोजन के चौथे दिन शुक्रवार को वैदिक मंत्रों से पुष्पांजलि और महाआरती की गई। यह आयोजन महंत श्री श्री 1008 रामनारायण दास की 29वीं पुण्यतिथि के अवसर पर किया जा रहा है। पूजा-अर्चना और वैदिक मंत्रों से शुरुआत सम्मेलन का शुभारंभ रामचरितमानस की पूजा-अर्चना और भगवान राम के पंचामृत अभिषेक के साथ हुआ। महंत नरसिंह दास ने दूर-दूर से आए संतों, आचार्यों और मानस मर्मज्ञ वक्ताओं का स्वागत किया। वैदिक मंत्रों से पुष्पांजलि और महाआरती की गई।जीवन में धर्म और ज्ञान का महत्व सम्मेलन में गुरु और मानस वक्ताओं ने रामचरितमानस के सिद्धांतों, गुरु भक्ति, त्याग, सेवा और अच्छे कर्मों (सत्कर्म) का महत्व बताया। मानस कोकिला साध्वी राधिका शर्मा ने कहा कि अच्छे कर्म करने से आत्मा को शांति और मोक्ष मिलता है।आंतरिक शांति और ईश्वर का अनुभव परम पूज्य रीतेश जी महाराज ने बताया कि ईश्वर का अनुभव बाहरी नहीं, बल्कि हृदय और आत्मा के माध्यम से संभव है। प्रो. डॉ. राजीव शर्मा ने कहा कि सच्चा सुख और आनंद हमें अपने भीतर ही खोजने चाहिए, न कि बाहरी चीजों में।समाज और मानव जीवन का संदेश महामंडलेश्वर पीठाधीश्वर डॉ. नरसिंह दास ने कहा कि मानव जीवन का उद्देश्य समाज के कल्याण के लिए है। व्यक्ति और समाज एक-दूसरे पर निर्भर हैं; सहयोग और सेवा से ही समाज और व्यक्ति दोनों का विकास संभव है। सम्मेलन में अयोध्या, काशी, मथुरा, झांसी जैसे शहरों से विद्वान और कथावाचक भाग ले रहे हैं। यह पांच दिवसीय कार्यक्रम 16 दिसंबर से 20 दिसंबर तक चलेगा। View this post on Instagram Share this:Tweet Email a link to a friend (Opens in new window) Email Share on WhatsApp (Opens in new window) WhatsApp PostMoreLike this:Like Loading… Related पोस्ट नेविगेशन भाजपा पिछड़ा वर्ग मोर्चा प्रदेश अध्यक्ष का मांडू में हुआ भव्य स्वागत महात्मा गांधी — जै राम जी!