लोकसभा में चुनाव सुधार पर चर्चा हो रही है. इस दौरान कांग्रेस नेता राहुल गांधी ने फिर वही पुरानी बातें दोहराईं. उन्होंने कहा, मैनें दिखाया कि किस तरह वोटों की चोरी हो रही है, उसके बाद भी कोई एक्शन नहीं हुआ. सब मिले हुए हैं. आरएसएस का हर जगह कब्जा हो रहा है.वंदे मातरम् पर लोकसभा के बाद आज राज्यसभा में चर्चा शुरू हुई. केंद्रीय गृह मंत्री ने ऊपरी सदन में इस चर्चा की शुरुआत करते हुए प्रियंका गांधी के आरोपों पर पलटवार किया.उधर, लोकसभा में चुनाव सुधार पर चर्चा हो रही है. इस दौरान कांग्रेस नेता राहुल गांधी ने फिर वही पुरानी बातें दोहराईं. उन्होंने कहा, मैनें दिखाया कि किस तरह वोटों की चोरी हो रही है, उसके बाद भी कोई एक्शन नहीं हुआ. सब मिले हुए हैं. आरएसएस का हर जगह कब्जा हो रहा है. राहुल गांधी ने ने राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ और केंद्र सरकार पर तीखा हमला बोला है. उन्होंने आरोप लगाया कि आरएसएस ने देश की शिक्षण और संवैधानिक संस्थाओं पर पूरी तरह कब्जा कर लिया है. राहुल ने कहा कि आज विश्वविद्यालयों के कुलपतियों से लेकर प्रमुख पदों तक, हर जगह योग्यता के बजाय संघ की विचारधारा वाले लोगों को बैठाया जा रहा है.चुनाव आयोग पर गंभीर सवाल उठाते हुए उन्होंने कहा कि आयोग अब स्वतंत्र अंपायर की भूमिका में नहीं है, बल्कि वह सत्ता पक्ष के साथ ‘तालमेल’ बिठाकर काम कर रहा है. राहुल गांधी ने इसे लोकतंत्र के लिए खतरनाक बताते हुए कहा कि विपक्ष की लड़ाई अब सिर्फ एक राजनीतिक दल से नहीं, बल्कि उस पूरी व्यवस्था से है जिसे सुनियोजित तरीके से हाईजैक कर लिया गया है.उधर लोकसभा में चुनाव सुधारों और खास तौर पर मतदाता सूची के विशेष गहन पुनरीक्षण पर 10 घंटे की महाबहस चल रही है. निचली सदन में करीब 10 घंटे तक यह चर्चा होगी. समाजवादी पार्टी के प्रमुख अखिलेश यादव चुनाव आयोग पर आरोप लगाया कि रामपुर का उपचुनाव निष्पक्ष तरीके से नहीं कराया गया. वहीं लोकसभा में चुनाव सुधारों पर बहस में बोलते हुए कांग्रेस सांसद मनीष तिवारी ने कहा, ‘यह दुर्भाग्यपूर्ण है कि यहां कई सदस्यों को भारत के चुनाव आयोग की निष्पक्षता पर सवाल उठाने पड़ रहे हैं.’उधर इंडिगो एयरलाइंस संकट को लेकर केंद्रीय नागरिक उड्डयन मंत्री राम मोहन नायडू ने लोकसभा में मंगलवार को बयान दिया. उन्होंने साफ शब्दों में कहा कि यात्री सुरक्षा से कोई समझौता नहीं किया जाएगा. राम मोहन नायडू ने सदन को बताया कि इंडिगो में आंतरिक क्रू रोस्टरिंग की गड़बड़ी के कारण यात्रियों को भारी परेशानी का सामना करना पड़ा, जिससे बड़ी संख्या में उड़ानें प्रभावित हुईं. उन्होंने यह भी बताया कि इस पूरे मामले को लेकर नागरिक उड्डयन महानिदेशालय ने इंडिगो को नोटिस जारी किया है और एयरलाइन को जवाबदेह ठहराया जा रहा है.मंगलवार सुबह संसद की कार्यवाही शुरू होने से पहले प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने एनडीए सांसदों के साथ अहम बैठक की है. एनडीए संसदीय दल की बैठक में उन्होंने एसआईआर को लेकर सीख दी. इसके साथ ही उन्होंने एनडीए सांसदों को जीत के उत्साह के साथ-साथ जिम्मेदारी का भी स्पष्ट संदेश दिया. पीएम मोदी ने कहा कि जनता ने जितना बड़ा जनादेश दिया है, उतनी ही बड़ी अपेक्षाएं भी अब सरकार और जनप्रतिनिधियों से जुड़ गई हैं. ऐसे में अब सभी सांसदों को पहले से कहीं अधिक मेहनत, समर्पण और संवेदनशीलता के साथ जनता के बीच काम करना होगा. आए ओर 15000 वोट काट दिया, सपा सांसद ने क्या बतायायूपी की घोसी सीट से सपा सांसद राजीव राय ने लोकसभा में एसआईआर प्रक्रिया पर गंभीर सवाल उठाए. उन्होंने कहा कि एसआईआर शुरू होने से एक माह पहले ही 615 पेज में दर्ज करीब 15,000 वोट काट दिए गए, और हर जगह सिर्फ लिखा है- एप्लिकेशन हैज बीन एक्सेप्टेड.राजीव राय ने पूछा कि आखिर यह आवेदन किसने दिया, जब संबंधित मतदाता खुद इस बारे में कुछ नहीं जानते? उन्होंने एक दस्तावेज दिखाते हुए कहा कि नागरिकता को आधार बनाकर आपत्ति दर्ज की गई है, और हैरानी की बात यह है कि आपत्ति दाखिल करने वाला और जिस पर आपत्ति की गई दोनों वही व्यक्ति हैं. राय ने सवाल उठाया कि जब आधिकारिक रिकॉर्ड में लिखा है कि ‘राजीव राय नागरिक नहीं’, तो फिर उन्हें तुरंत गिरफ्तार क्यों नहीं किया गया? उन्होंने चेतावनी भरे अंदाज में कहा, “ट्रेन बुक कर दीजिए, मैं ऐसे हजारों लोगों को सदन में लाकर खड़ा कर दूंगा जिनके नाम काट दिए गए.” उन्होंने याद दिलाया कि 2003 में भी एसआईआर हुआ था, तब किसी तरह के बैकडेट दस्तावेज नहीं मांगे गए थे. राजीव राय ने भाजपा नेताओं पर दोहरे मानदंड अपनाने का आरोप लगाया- दिल्ली और बिहार में वोट करके स्याही दिखाते हुए लोकतंत्र की रक्षा का दावा करते हैं, जबकि रामपुर में दो लोगों पर इसलिए थ्प्त् हो गई क्योंकि वे दुबई में थे. उन्होंने यूपी सरकार पर भी निशाना साधते हुए कहा कि युवाओं को इजरायल में “जॉब के नाम पर सफाई के काम” के लिए भेजा गया, और पूछा कि क्या यही युवाओं का भविष्य है? कानून मंत्री अर्जुन राम मेघवाल ने कहा, कांग्रेस वोट चोरी के काले कारनामों से बाज नहीं आई.1951 में बाबा साहब का चुनाव हुआ, मुंबई उत्तर से 17 हजार कुछ वोट से हारे और कांग्रेस ने 74 हजार 33 हजार 33 वोट खारिज करा दिया. बाबा साहब ने 21 अप्रैल 1952 को 18 पन्नों की याचिका दायर की चुनाव आयोग के सामने. दूसरा उदाहरण इंदिरा गांधी का है. रायबरेली का चुनाव वोट चोरी का सबसे घिनौना उदाहरण है. कानून मंत्री अर्जुन राम मेघवाल ने कहा, हम तो चुनाव सुधार पर चर्चा के लिए पहले भी तैयार थे, अगर ये (विपक्ष) मान जाते तो हम तभी चर्चा कर लिए होते. हमारे संविधान निर्माताओं के लिए चुनाव आयोग का क्या महत्व था, यह इसी से समझा जा सकता है कि संविधान लागू होने से एक दिन पहले चुनाव आयोग की स्थापना हो गई. एसआईआर कोई पहली बार नहीं हो रहा है. कांग्रेस की सरकारों में भी छह-सात बार एसआईआर हो चुका है. पिछले दो दशकों में एसआईआर नहीं हुआ. इससे कौन कहां रहता है, यह पता करने में दिक्कत थी. तमिलनाडु की कांग्रेस सांसद एस जोथमानी ने लोकसभा में चुनाव सुधारों पर बोलते हुए कहा कि सरकार एसआईआर नहीं, बल्कि एनआरसी लागू कर रही है. जोथमानी ने आरोप लगाया, “सरकार इस प्रक्रिया के माध्यम से सैकड़ों मतदाताओं को मतदान का अधिकार से वंचित करना चाहती है. अर्जुन राम मेघवाल ने मंगलवार को लोकसभा में कहा कि देश में एसआईआर को लागू करना पहली बार नहीं हो रहा है. उन्होंने बताया कि यह पहले भी हुआ है, केवल पिछले कुछ दशकों में ऐसा नहीं किया गया.कानून और न्याय राज्य मंत्री अर्जुन राम मेघवाल ने लोकसभा में कहा कि समानता एसआईआर का बेस है. उन्होंने बताया, एक वोट केवल एक व्यक्ति का होना चाहिए. यही मूल विचार एसआईआर को लागू करने का है. अर्जुन राम मेघवाल ने कहा कि इस सिद्धांतकृएक आदमी, एक वोट, एक मूल्यकृपर पूरी तरह कायम रहे हैं.देश में 4ः, बंगाल में 14ः कैसे बढ़ी मुस्लिम आबादीलोकसभा सांसद निशिकांत दुबे ने एक पुस्तक का हवाला देते हुए कहा कि यह स्पष्ट करती है कि कांग्रेस ने मुस्लिम-पक्षपाती राजनीति कैसे की. उन्होंने बताया कि मुस्लिम लीग ने कहा था कि उन्हें लोकसभा और विधानसभा में अलग सीटें दी जाएं, नहीं तो भारत का विभाजन कर देंगे. 1937 के चुनावों में कांग्रेस और मुस्लिम लीग के बीच कितनी “फ्रेंडली फाइट” हुई, यह इसी से समझा जा सकता है. उन्होंने जिन्ना के बयान का भी जिक्र किया, जिस पर नेहरू ने चिट्ठी लिखी कि वे उनके खिलाफ क्यों बोल रहे हैं. निशिकांत दुबे ने जनसंख्या आंकड़े साझा करते हुए कहा कि 2011 में बंगाल की कुल आबादी 9 करोड़ 13 लाख थी, जिसमें 6 करोड़ से ज्यादा हिंदू थे. उन्होंने दार्जिलिंग, दिनाजपुर और संथाल परगना जैसे जिलों की तुलना 1951 से की. संथाल परगना में 1951 में आदिवासियों की आबादी 45 प्रतिशत थी, जबकि 2011 में यह केवल 28 प्रतिशत थी. 2008 के डीलिमिटेशन के बाद लोकसभा की एक और विधानसभा की तीन सीटें समाप्त होने लगीं, लेकिन सभी दलों ने मिलकर आदिवासी सीटें बनाए रखने का फैसला किया. उन्होंने सवाल उठाया कि पूरे देश में मुस्लिम आबादी केवल 4 फीसदी बढ़ी है, तो 24 परगना में यह 14 फीसदी कैसे बढ़ गई. कसम खाकर आया था, भाजपा सांसद निशिकांत दुबे ने सदन में कांग्रेस और राहुल गांधी पर तीखा प्रहार किया. उन्होंने अपने भाषण की शुरुआत व्यंग्यात्मक लहजे में करते हुए कहा, “आज मैं कसम खाकर आया था कि सिर्फ नेहरू, इंदिरा और राजीव गांधी की बड़ाई करूंगा,” लेकिन कांग्रेस की नीतियों ने उन्हें आईना दिखाने पर मजबूर कर दिया. दुबे ने संसदीय इतिहास का हवाला देते हुए बताया कि देश में अब तक केवल तीन ‘प्राइवेट मेंबर रिजॉल्यूशन’ पास हुए हैं. पहला लालकृष्ण आडवाणी का था, जिसकी बदौलत आज देश में ईवीएम और चुनाव सुधार दिख रहे हैं. दूसरा सौभाग्य उन्हें (दुबे को) मिला, जब अनुच्छेद 370 और 35ए पर उनका रिजॉल्यूशन पास हुआ. कांग्रेस पर सीधा हमला बोलते हुए उन्होंने कहा कि यह पार्टी जिन्ना से लेकर सलमान रुश्दी और शाहबानो से लेकर बाबरी तक, सिर्फ तुष्टिकरण के जाल में फंसी रही है. उन्होंने राहुल और प्रियंका गांधी को घेरते हुए कहा कि इसी वोट बैंक की राजनीति के डर से वे लोग आज तक राम मंदिर दर्शन करने नहीं गए.राहुल गांधी द्वारा चुनाव आयोग की निष्पक्षता पर सवाल उठाने के बाद, भाजपा सांसद निशिकांत दुबे ने कांग्रेस को इतिहास का आईना दिखाते हुए करारा जवाब दिया है. दुबे ने आरोप लगाया कि आज जो कांग्रेस ‘लोकतंत्र और संस्थाओं’ की दुहाई दे रही है, उसी ने अतीत में मुख्य चुनाव आयुक्तों को रिटायरमेंट के बाद “मलाईदार पदों” से नवाजने की परंपरा शुरू की थी. निशिकांत दुबे ने ऐतिहासिक तथ्यों को पटल पर रखते हुए कहा कि देश के पहले चुनाव आयुक्त सुकुमार सेन जब रिटायर हुए, तो कांग्रेस सरकार ने उन्हें सूडान में दूत बनाकर भेज दिया. इसी तरह, पूर्व सीईसी वी.एस. रमादेवी को सेवानिवृत्ति के बाद हिमाचल प्रदेश का राज्यपाल बना दिया गया. दुबे ने आगे याद दिलाया कि मशहूर चुनाव आयुक्त टी.एन. शेषन को रिटायरमेंट के बाद कांग्रेस ने टिकट दिया और अहमदाबाद से भाजपा के खिलाफ चुनाव लड़वाया. वहीं, पूर्व सीईसी एम.एस. गिल का उदाहरण देते हुए उन्होंने कहा कि उन्हें तो रिटायरमेंट के बाद सीधे केंद्रीय मंत्री ही बना दिया गया था. दुबे का कहना है कि इन उदाहरणों से साफ है कि चुनाव आयोग का राजनीतिकरण किसने किया है.लोकसभा सांसद निशिकांत दुबे ने कहा कि कांग्रेस ने बार-बार मुस्लिम वोट पाने के लिए नैतिक मूल्यों से समझौता किया है. उन्होंने दावा किया कि यह प्रवृत्ति तब से चल रही है जब नेहरू सत्ता में थे.राहुल गांधी ने कहा- मशीन से पढ़ी जा सकने वाली वोटर लिस्ट देंराहुल गांधी ने कहा कि विपक्ष ने ऐसे ही हालात वाले कई राज्यों में चुनाव जीते हैं. उन्होंने चुनाव प्रक्रिया को पारदर्शी बनाने के लिए चार मुख्य मांगें रखीं. चुनाव से पहले मशीन से पढ़ी जा सकने वाली वोटर लिस्ट उपलब्ध कराई जाए.सीसीटीवी फुटेज नष्ट न किए जाएं.ईवीएम का एक्सेस दिया जाए ताकि उसकी जाँच संभव हो सके.चुनाव आयुक्तों को दी गई इम्युनिटी खत्म की जाए.उन्होंने कहा कि ये कदम चुनावों को निष्पक्ष और भरोसेमंद बनाने के लिए जरूरी हैं. राहुल गांधी का आरोप- फुटेज क्यों नष्ट करते हैं? यह चुनाव की चोरी हैराहुल गांधी ने लोकसभा में कहा कि सीसीटीवी फुटेज क्यों डिस्ट्रॉय किया जाता है? यह चुनाव की चोरी है. उन्होंने आरोप लगाया कि देश में पाँच महीने तक चुनाव सिर्फ प्रधानमंत्री की सुविधा के लिए चलते हैं. चुनावी सूची के संदर्भ में उन्होंने ब्राजील मॉडल का जिक्र किया. इसी दौरान पीछे की बेंचों से कुछ सांसदों ने एक तस्वीर दिखानी शुरू कर दी, जिस पर चेयर ने आपत्ति जताई. राहुल गांधी ने कहा, मैं फोटो दिखाने से सहमत नहीं हूं, लेकिन यह मॉडल वाली तस्वीर हरियाणा में 22 बार इस्तेमाल हुई है. हरियाणा में चुनाव चोरी हुए और यह सब चुनाव आयोग की नजर के नीचे हुआ. सत्ता के साथ चुनाव आयोग का तालमेल, राहुल गांधी का बड़ा हमलालोकसभा में नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी ने राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ और केंद्र सरकार पर तीखा हमला बोला है. उन्होंने आरोप लगाया कि आरएसएस ने देश की शिक्षण और संवैधानिक संस्थाओं पर पूरी तरह कब्जा कर लिया है. राहुल ने कहा कि आज विश्वविद्यालयों के कुलपतियों से लेकर प्रमुख पदों तक, हर जगह योग्यता के बजाय संघ की विचारधारा वाले लोगों को बैठाया जा रहा है.चुनाव आयोग पर गंभीर सवाल उठाते हुए उन्होंने कहा कि आयोग अब स्वतंत्र अंपायर की भूमिका में नहीं है, बल्कि वह सत्ता पक्ष के साथ ‘तालमेल’ बिठाकर काम कर रहा है. राहुल गांधी ने इसे लोकतंत्र के लिए खतरनाक बताते हुए कहा कि विपक्ष की लड़ाई अब सिर्फ एक राजनीतिक दल से नहीं, बल्कि उस पूरी व्यवस्था से है जिसे सुनियोजित तरीके से हाईजैक कर लिया गया है. आरएसएस हर चीज पर कब्जा कर रही है- राहुल गांधीलोकसभा में राहुल गांधी बोले- आरएसएस देश की हर संस्था पर कब्जा करने की कोशिश कर रही है. राहुल गांधी ने लोकसभा में कहा कि आज भारत में जो कुछ भी है, वह वोट की ताकत से बना है. उन्होंने आरोप लगाया, “त्ैै उसी पर कब्जा करने की कोशिश कर रही है. जैसे ही उन्होंने कहा कि आरएसएस देश की हर संस्था पर नियंत्रण कर रही है, सत्ता पक्ष के कई सांसद शोर-शराबा करने लगे. स्पीकर ने उन्हें टोकते हुए कहा कि वे चुनावी सुधार के विषय पर ही बोलें. संसदीय कार्य मंत्री किरेन रिजिजू ने भी कहा कि राहुल गांधी का भाषण चुनावी सुधार से संबंधित नहीं है. राहुल गांधी, स्पीकर और रिजिजू के बीच तीखी नोकझोंकराहुल गांधी ने कहा कि आरएसएस ने सब कुछ अपने हाथ में ले लिया है और सवाल उठाया कि विश्वविद्यालयों में वाइस चांसलर किस तरह नियुक्त किए जा रहे हैं.इस पर स्पीकर ने हस्तक्षेप करते हुए कहा, चुनाव सुधार पर चर्चा हो रही है, इसका मतलब यह नहीं कि आप सामान्य बातें करें. राहुल गांधी ने जवाब दिया, आप धमकी देंगे? केंद्रीय मंत्री किरेन रिजिजू ने कहा, अब तक राहुल गांधी ने चुनाव सुधार पर एक शब्द नहीं बोला है. जिस संगठन का इस सदन से कोई संबंध नहीं, उसकी कहानी क्यों सुना रहे हैं? समय कीमती है, इसलिए विषय पर बोलिए. राहुल गांधी के बयान पर क्यों हुआ हंगामाराहुल गांधी के बयान पर लोकसभा में हंगामा हो गया. क्योंकि वे नाथूराम गोडसे पर बात रख रहे थे. तभी स्पीकर ओम बिरला ने टोका. उन्होंने कहा, आप विषय पर रहिए इस पर राहुल गांधी ने कहा, मैं चुनाव सुधार पर ही बात कर रहा हूं. जो कुछ हो रहा है उसके इर्द गिर्द कहानी बताने की कोशिश कर रहा हूं. आप मुझे रोक नहीं सकते. लोकसभा में बोले राहुल गांधी-भारत 1.5 अरब लोगों का ताना-बाना है, जिसे वोट ने जोड़ा है”राहुल गांधी ने लोकसभा में बोलना शुरू किया. उन्होंने कहा कि भारत 1.5 अरब लोगों से बना एक ताना-बाना है, और इसे वोट ने एक साथ बुना है. लोकसभा, राज्यसभा, विधानसभाएं, पंचायतेंकृइनमें से कोई भी वोट के बिना अस्तित्व में नहीं होती. आज तक जो भी उपलब्धियां हमने देखी हैं, वे सब वोट की वजह से संभव हुई हैं. राहुल गांधी ने आरोप लगाया कि आरएसएस और बीजेपी समानता में विश्वास नहीं रखते. खादी देश की भावना, टोकने वालों को राहुल का जवाबराहुल गांधी ने संसद में खादी पर सवाल उठाने वाले नेताओं को करारा जवाब दिया. उन्होंने कहा कि खादी केवल एक वस्त्र नहीं, बल्कि देश के लोगों की भावना है. खादी पर टोकने वाले नेता भारत की आत्मा को नहीं समझते. यह महात्मा गांधी की विरासत और आत्मनिर्भरता का प्रतीक है, जिस पर राजनीति नहीं होनी चाहिए. बिहार में चुनाव प्रक्रिया पर सवालआरजेडी सांसद अभय कुमार सिन्हा ने बिहार की राजनीति और परिवारवाद पर बात करते हुए कहा कि राज्य में चुनावी प्रणाली खतरे में है. उन्होंने एक घटना का उदाहरण दिया, जिसमें वीवीपैट स्लिप्स कॉलेज के पास फेंकी हुई मिली थीं, और पूछा कि अगर कोई गड़बड़ी नहीं हुई थी तो संबंधित अधिकारियों को निलंबित क्यों किया गया. सिन्हा ने कहा कि वीवीपैट की स्वतंत्र जांच कराई जानी चाहिए. उन्होंने भी मांग की कि ईवीएम के बजाय चुनाव बैलट पेपर से कराए जाएं, ताकि सभी को स्पष्ट हो सके कि वे जनता के बीच वास्तव में कहाँ खड़े हैं. 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