इंदौर, प्रदीप चौधरी : मध्य प्रदेश की स्मार्ट सिटी इंदौर में एक बार फिर आग की लपटों ने शहर की शांति को भंग कर दिया। शनिवार दोपहर करीब 11 बजे संजय सेतु ब्रिज पर बने टू-व्हीलर पार्किंग स्टेशन में अचानक भीषण आग लग गई, जिससे इलाके में अफरा-तफरी मच गई। धुएं के गुबार और लपटों ने आसपास के लोगों में दहशत फैला दी। प्रारंभिक जानकारी के अनुसार, इस हादसे में कोई हताहत नहीं हुआ, लेकिन कई दोपहिया वाहनों को भारी नुकसान पहुंचा है।क्या हुआ हादसा?संजय सेतु पर बनी यह पार्किंग स्मार्ट सिटी प्रोजेक्ट का हिस्सा है, जहां सैकड़ों दोपहिया वाहन खड़े किए जाते हैं। प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार, आग इतनी तेजी से फैली कि लोग वाहन निकालने तक का समय नहीं पाए। धुआं पूरे ब्रिज पर छा गया, जिससे ट्रैफिक भी प्रभावित हुआ। फायर ब्रिगेड की चार गाड़ियों ने करीब 45 मिनट की मशक्कत के बाद आग पर काबू पाया। पुलिस ने इलाके को घेर लिया और जांच शुरू कर दी है। View this post on Instagram आग का कारण: शॉर्ट सर्किट या लापरवाही?प्रारंभिक जांच में शॉर्ट सर्किट को आग का कारण माना जा रहा है, लेकिन स्थानीय लोग और व्यापारी पार्किंग में सुरक्षा मानकों की कमी को जिम्मेदार ठहरा रहे हैं। एक व्यापारी ने बताया, “यहां पुरानी वायरिंग और ओवरलोडिंग की समस्या लंबे समय से है, लेकिन प्रशासन ध्यान नहीं देता।” हाल के महीनों में इंदौर में आगजनी की यह तीसरी बड़ी घटना है, जिसने शहर की सुरक्षा व्यवस्था पर सवाल खड़े किए हैं।प्रशासन का रवैया: बयानबाजी तक सीमित?हादसे के बाद फायर ब्रिगेड और पुलिस की टीमें मौके पर पहुंचीं, लेकिन स्थानीय लोगों का गुस्सा साफ दिखा। एक राहगीर ने कहा, “हर बार हादसा होता है, टीमें आती हैं, बयान देती हैं, लेकिन अगली घटना को रोकने का कोई ठोस कदम नहीं उठता।” इंदौर, जो स्वच्छता में नंबर वन होने का गर्व करता है, अब आगजनी की घटनाओं से जूझ रहा है। मार्च 2025 में एक पेट्रोल पंप के पास बसें जली थीं, और जनवरी में एक मॉल में लाखों का नुकसान हुआ था। स्मार्ट सिटी का “जलता” सचदिवाली से ठीक पहले हुई इस घटना ने इंदौरवासियों में डर पैदा कर दिया है। सोशल मीडिया पर लोग सवाल उठा रहे हैं कि स्मार्ट सिटी का तमगा हासिल करने वाला इंदौर आखिर क्यों बार-बार “जल” रहा है? @CP_INDORE और @MPPoliceDeptt को टैग कर लोग मांग कर रहे हैं कि पार्किंग जोन और सार्वजनिक स्थानों पर फायर सेफ्टी ऑडिट अनिवार्य किया जाए। आगे क्या?– प्रशासन के लिए: इस हादसे ने एक बार फिर फायर सेफ्टी नियमों की अनदेखी को उजागर किया है। विशेषज्ञों का कहना है कि पुरानी वायरिंग, बिना ऑडिट के पार्किंग सिस्टम, और लापरवाह रखरखाव ऐसी घटनाओं को न्योता दे रहे हैं।– जनता के लिए: नागरिकों से अपील है कि सार्वजनिक पार्किंग का इस्तेमाल करते समय सतर्क रहें और किसी भी संदिग्ध स्थिति की सूचना तुरंत प्रशासन को दें। संजय सेतु पर अभी ट्रैफिक व्यवस्था प्रभावित हो सकती है, इसलिए वैकल्पिक रास्तों का उपयोग करें।यह हादसा सिर्फ एक पार्किंग की आग नहीं, बल्कि इंदौर की सुरक्षा और प्रशासनिक तैयारियों पर बड़ा सवाल है। अगर समय रहते ठोस कदम नहीं उठाए गए, तो स्मार्ट सिटी का सपना चिंगारियों में सिमट सकता है। प्रशासन को चाहिए कि वह सिर्फ बयानबाजी से आगे बढ़े और जिम्मेदारी की गर्मी दिखाए, क्योंकि फिलहाल तो जिम्मेदारी “ठंडी” ही नजर आ रही है। Share this:Tweet Email a link to a friend (Opens in new window) Email Share on WhatsApp (Opens in new window) WhatsApp PostMoreLike this:Like Loading… Related पोस्ट नेविगेशन किसान हमारी अर्थव्यवस्था की हैं रीढ़: मुख्यमंत्री खुद के घर की खुशी से बढ़कर कुछ नहीं : मुख्यमंत्री