प्रदीप चौधरी।। मध्य प्रदेश के छिंदवाड़ा जिले में संदिग्ध कफ सिरप से मासूम बच्चों की मौतों का सिलसिला थमने का नाम नहीं ले रहा। 3 अक्टूबर 2025 तक कुल 9 बच्चों की मौत की पुष्टि हो चुकी है, जबकि 4-5 अन्य गंभीर रूप से बीमार हैं। स्वास्थ्य विभाग ने दो ब्रांड्स—कोल्ड्रिफ (Coldrif) और नेक्सट्रॉस-डीएस (Nextro-DS)—पर पूरे राज्य में बिक्री प्रतिबंध लगा दिया है। जांच में सिरप में डायएथिलीन ग्लायकॉल (DEG) जैसे जहरीले तत्व की मौजूदगी का संदेह जताया जा रहा है, जो किडनी फेलियर का प्रमुख कारण बन सकता है। View this post on Instagram अपडेटेड घटना का विवरण मौतों का आंकड़ा: शुरुआत में 6 मौतें बताई गई थीं (24 अगस्त से 7 सितंबर तक), लेकिन 2 अक्टूबर को तीन और मौतों की पुष्टि हुई, कुल 9। परासिया SDM शुभम यादव ने देर रात तक की स्थिति में यह आंकड़ा साझा किया। सभी बच्चे 5-10 साल के थे, जिन्हें सर्दी-खांसी-बुखार पर ये सिरप दिए गए थे। लक्षणों में पेशाब रुकना और तेज बुखार शामिल था। प्रभावित बच्चे: 15-16 बच्चे अब तक प्रभावित, जिनमें से 4 नागपुर के अस्पतालों में डायलिसिस पर हैं। एक नया केस 1 अक्टूबर को सामने आया। कारण का संदेह: किडनी बायोप्सी रिपोर्ट में “टॉक्सिन मीडिएटेड इंजरी” की पुष्टि। विशेषज्ञों का मानना है कि सिरप में DEG कंटेमिनेशन से किडनी डैमेज हुआ। ये सिरप निजी मेडिकल स्टोर्स पर उपलब्ध थे, सरकारी अस्पतालों में नहीं। राज्यव्यापी प्रतिक्रिया प्रतिबंध का विस्तार: छिंदवाड़ा के बाद भोपाल CMHO डॉ. मनीष शर्मा ने 1 अक्टूबर को पूरे MP में इन सिरप्स की बिक्री, उपयोग और वितरण पर अस्थायी रोक लगाई। खाद्य सुरक्षा विभाग ने 5 सदस्यीय जांच टीम गठित की है। सभी जिलों को निगरानी के निर्देश जारी। केंद्रीय जांच: ICMR और NCDC (National Centre for Disease Control) की टीमों ने सैंपल कलेक्ट किए। रिपोर्ट आने तक बैन जारी रहेगा। स्वास्थ्य मंत्री डॉ. राजेंद्र शुक्ला ने परिवारों से मुलाकात का वादा किया है। विपक्ष का हमला और प्रतीकात्मक विरोध कांग्रेस ने सरकार की लापरवाही पर जोरदार हमला बोला। पूर्व CM कमल नाथ ने X पर पोस्ट कर कहा, “यह सिर्फ हादसा नहीं, लापरवाही का नतीजा है। सिरप पर रोक सिर्फ छिंदवाड़ा तक क्यों? पूरे प्रदेश में लगे और अन्य दवाओं की जांच हो।” 28 21 प्रवक्ता अभिनव बरोलिया ने मंत्री शुक्ला की फोटो पर कफ सिरप डालकर प्रतीकात्मक विरोध किया, कहते हुए, “स्वास्थ्य विभाग ने बिना जांच क्लीन चिट दी। अस्पताल अब यमदूतों का केंद्र हैं।” NSUI प्रदेश सचिव मौसम डेहरिया ने भी तत्काल राज्यव्यापी प्रतिबंध की मांग की। राजस्थान कनेक्शन: राष्ट्रीय संकट राजस्थान के सीकर में 29 सितंबर को 5 साल के बच्चे की मौत, जो सरकारी अस्पताल से मुफ्त मिले डेक्सट्रोमेथॉर्फन हाइड्रोब्रोमाइड सिरप से जुड़ी। भरतपुर में एक 3 साल का बच्चा गंभीर। कुल 11 मौतें (MP 9 + राजस्थान 2)। NCDC ने राष्ट्रीय अलर्ट जारी किया। विशेषज्ञों ने चेतावनी दी कि DEG जैसा तत्व 2022 गाम्बिया कांड की याद दिलाता है, जहां 66 बच्चों की मौत हुई। : स्वास्थ्य व्यवस्था पर सवाल यह घटना MP की स्वास्थ्य चुनौतियों को उजागर करती है: इंदौर चूहा कांड: सितंबर 2025 में MY अस्पताल में चूहों से दो नवजातों की मौत। बजट और गुणवत्ता: विपक्ष का आरोप—स्वास्थ्य बजट कमीशनखोरी में खर्च। डॉ. नितेश चौहान (नेफ्रोलॉजिस्ट) ने कहा, “किडनी इंफेक्शन के लक्षण—बुखार, पेशाब में दिक्कत—जल्दी पहचानें।” कलेक्टर शीलेंद्र सिंह ने अभिभावकों से अपील की: “घबराएं नहीं, जांच जारी है।” मामला अभी प्रारंभिक जांच चरण में है। —क्या सरकार कदम उठाएगी? View this post on Instagram Share this:Tweet Email a link to a friend (Opens in new window) Email Share on WhatsApp (Opens in new window) WhatsApp PostMoreLike this:Like Loading… Related पोस्ट नेविगेशन विजयदशमी पर इंदौर केंद्रीय जेल में शस्त्र पूजन और 10 बंदियों की रिहाई ऑपरेशन सिंदूर पर IAF चीफ का धमाकेदार खुलासा: पाक के F-16, JF-17 विमान ध्वस्त, अगली जंग पुरानी से अलग होगी!