इंदौर। मध्यप्रदेश का इंदौर तेजी से विकास कर रहा है। इंदौर की पहचान सूबे की आर्थिक राजधानी के रूप में भी है। यहां का कपड़ा बाजार, लोहा बाजार और नमकीन सिर्फ मालवा ही नहीं बल्कि प्रदेश के अन्य क्षेत्रों में भी सप्लाई किया जाता है। लेकिन, अब इंदौर का व्यापार मज़हबी तौर पर बटता दिख रहा है। इंदौर के कपड़ा बाजार में मुस्लिम सेल्समैन और व्यापारियों को काम करने से मना कर दिया गया है। यदि ऐसा ही चलता रहा तो मध्यप्रदेश में निवेश और औद्योगिक तरक्की की राह मुश्किल में पड़ सकती है। क्योंकि कोई भी निवेशक या बड़ा कारोबारी मजहब देखकर निवेश या कारोबार नहीं करता। मुस्लिम कर्मचारियों के बहिष्कार के इस मामले में भाजपा के नेताओं ने भी चुप्पी साध रखी है। यहां ये बता दें कि कपड़ा बाजार में मुस्लिम कर्मचारियों और व्यापारियों को काम से हटाने का ये कोई प्रशासनिक या सरकारी आदेश नहीं है। ये आदेश तो इंदौर-4 विधानसभा सीट से बीजेपी विधायक मालिनी गौड़ के बेटे एकलव्य सिंह गौड़ ने दिया है। इस कथित आदेश के पीछे लव जिहाद का तर्क दिया जा रहा है। हालांकि, लव जिहाद की औपचारिक कितनी शिकायतें आईं हैं इस पर ना तो एकलव्य के पास जवाब है और ना ही कपड़ा बाजार एसोसिएशन के पदाधिकारियों के पास। लिहाजा, ये माना जा सकता है कि लव जिहाद तो सिर्फ बहाना है असल मकसद तो राजनीति चमकाना है। ये तो गैरमुस्लिम तबका भी जानता है कि जिस तरह से एक वक्त पूरे देश में गौ तस्करी और इसकी आड़ में माॅब लीचिंग चल रही थी उसी तरह से कुछ लव जिहाद का मामला भी है।शीतलामाता कपड़ा बाजार के व्यापारियों की मानें तो 25 अगस्त को एक बैठक में एकलव्य सिंह गौड़ ने व्यापारियों के प्रतिनिधियों से बात की थी। कथित तौर पर इसी बैठक में ये मौखिक आदेश जारी किया गया है। एकलव्य सिंह गौड़ स्थानीय मीडिया को कई मर्तबा ये कह चुके हैं कि मेरे पास कई बार लव जिहाद की शिकायतें आ चुकी हैं। कपड़ा बाजार में ज्यादातर महिलाएं आती हैं और मुस्लिम सेल्समैन उन्हें लव जिहाद में फंसा लेते हैं। यहां गौर करने वाली ये बात है कि यदि लव जेहाद की शिकायतें एकलव्य तक पहुंची हैं तो उन्होंने इसकी जानकारी पुलिस प्रशासन को दी, यदि नहीं तो क्यों। इधर, शीतलामाता कपड़ा बाजार के व्यापारियों का कहना है कि एकलव्य भैया का आदेश था कि बाजार से मुस्लिम सेल्समैन और व्यापारियों को बाहर निकला जाए। दूसरी तरफ, पुलिस प्रशासन के पास ऐसी कोई शिकायत नहीं आई है। वैस कपड़ा बाजार में जिहादी मानसिकता से छुटकारा दिलाने के लिए धन्यवाद के पोस्टर लगे हुए हैं जो हकीकत बयां कर रहे हैं। एक अनुमान के मुताबिक अभी तक कई मुस्लिम सेल्समैन नौकरी से हटाए जा चुके हैं और कई मुस्लिम व्यापारी अपनी दुकानें खाली कर चुके हैं। इन नौकरीपेशा मुस्लिम कर्मचारियों के सामने अब रोजी रोटी का संकट गहरा गया है। हटाये गये कई कर्मचारी तो ऐसे हैं जो पिछले डेढ़ दशक से दुकानों पर काम कर रहे थे। वहीं मुस्लिम व्यापारियों के सामने नई जगह पर नये सिरे से कारोबार शुरू करने को लेकर दिक्कतें पेश आ रही हैं। कपड़ा बाजार में उन लोगों को भी दुकान खाली करनी पड़ रही है जिनके पाटर्नर मुस्लिम हैं। एकलव्य के इस आदेश से तो गैरमुस्लिम व्यापारी भी इत्तेफाक नहीं रखते। लेकिन वो खुलकर इसका विरोध नहीं कर पा रहे हैं। ऐसे व्यापारियों का सवाल है कि आखिर एकलव्य तक लव जेहाद वाली कितनी शिकायतें पहुंचीं। यदि उनके पास शिकायतें आईं तो उन्होंने पुलिस प्रशासन को अवगत क्यों नहीं कराया। लव जिहाद को राजनीतिक हथकंडे के रूप में इस्तेमाल कर आखिर निर्दोष लोगों की रोजी रोटी क्यूं छीनी जा रही है। आपको बता दें कि मुस्लिम सेल्समैन और व्यापारियों ने संयुक्त रूप से इंदौर के संभागायुक्त के नाम शिकायती ज्ञापन सौंपा था। ज्ञापन में उन्होंने दुकान से हटाए जाने का जिक्र किया था। कपड़ा बाजार के कुछेक व्यापारी ऐसे भी हैं जो मुस्लिम कर्मचारियों का साथ दे रहे हैं। उनका कहना है कि यहां साड़ी के फॉल-पिको से लेकर एम्ब्रॉयडरी तक का काम मुस्लिम भाई ही करते हैं लेकिन कभी किसी महिला के साथ अभ्रदता की कोई शिकायत नहीं आई। शीतला माता मार्केट में दशकों से हिंदू और मुसलमान साथ-साथ व्यापार करते आए हैं। ज्यादातर मुस्लिम और गैर मुस्लिम कर्मचारियों और व्यापारियों को एक साथ काम करने से कोई परहेज नहीं है। लेकिन, एकलव्य के इस फरमान के बाद माहौल बदल रहा है। भाजपा के अंदरखाने की माने तो एक कथित आदेश से बीजेपी के लीडर भी खुश नहीं हैं लेकिन हिन्दु राजनीति और वोट बैंक के कारण वो भी कुछ बोलने से गुरेज कर रहे हैं। यहां बात, हिन्दु मुसलमान की नहीं है बात तो है इंदौर की मिली जुली संस्कृति की। इंदौर का नमकीन प्रदेश भर में बड़े शौक से खाया जाता है, बाहर या दूसरे जिले के जो लोग इंदौर जाते हैं वो इंदौरी पोहे का ज़ायका लेना नहीं भूलते लेकिन इंदौर की फिज़ा में अब कड़वा घुल रही है। क्या बुद्धिजीवी वर्ग इस कड़वा को घुलने और फैलने से रोकने के लिए आगे आएगा……….। View this post on Instagram Share this:Tweet Email a link to a friend (Opens in new window) Email Share on WhatsApp (Opens in new window) WhatsApp PostMoreLike this:Like Loading… Related पोस्ट नेविगेशन उच्च न्यायालय ने दशहरे पर शूपर्णखा पुतला दहन पर लगाई रोक इंदौर के केंद्रीय जेल में नवरात्रि के अवसर पर जेल अधीक्षक अल्का सोनकर, डीजीपी वरुण कपूर के द्वारा विशेष प्रस्तुति.